लगभग पौने दो करोड़ की सघन आबादी वाले दिल्लीवासियों की सेहत को बूस्टर डोज देने के लिए दिल्ली सरकार प्लान तैयार कर रही है। प्लान के तहत सरकार 10 बिंदुओं पर फोकस कर विभिन्न अस्पतालों, पॉलीक्लीनिक्स, अरोग्य मंदिरों सहित दूसरी स्तरीय अस्पतालों का ऑडिट कर रही है। एक अधिकारी के अनुसार इसका लक्ष्य जून 2025 रखा गया है। इसमें 10 बिंदुओं को फोकस किया गया है, जिसके तहत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंडर आने वाले 28 अस्पतालों मैडिकल कालेजों में तीन पॉवर विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों के आधार पर सुनिश्चित करने की पहल होगी। सेहत सुधारने की पहल में मोशन और क्लीचर में आगे बढ़ने के अवसरों में वृ]िद्ध करना, सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव करना, जनकपुरी सुपर स्पेशल और राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी में विशेषज्ञ स्तरीय सर्जन्स कम्युनिटी मेडिसन व अन्य विभागों से जुड़े विशेषज्ञों की कमी को दूर करना रखा गया है। लोकनायक व जीटीबी अस्पताल के आईसीयू में बिस्तरों की संख्या में इजाफा करने का भी लक्ष्य रखा गया है। जरूरी दवाओं और उपकरणों को अपग्रेड करने के साथ ही किसी प्रकार की किल्लत को दूर करने के लिए क्रीनिंग कमेटी के गठन की भी योजना है। मरीजों की वेटिंग कम करने के लिए पेशेंट डॉक्टर्स डैशबोर्ड की स्थापना होगी। नए अस्पतालों के उनके अधूरे पड़े निर्माण कार्य कम से कम समय में पूरा करने उसकी लागत नियंत्रण करने के लिए लोक निर्माण विभाग और केन्द्राrय लोक निर्माण के एक्सपर्ट्स की मदद ली जाएगी। सर्जरी विभाग इमरजेंसी में औसत टाइम को कम करने का लक्ष्य भी रखा जाएगा। दिल्लीवासी उम्मीद करते हैं कि दिल्ली सरकार अपनी इन योजनाओं में सफल हो और इन्हें जमीन पर उतारे ताकि दिल्लीवासियों को इलाज में सहूलियतें मिलें जिनकी बहुत आवश्यकता है। दिल्ली सरकार की योजना तो सही है, उम्मीद रखें कि वह इन्हें पूरा करेंगी।
-अनिल नरेन्द्र