रिपब्लिकन पाटी (ट्रंप की अपनी पाटी) के भीतर मंगलवार रात (स्थानीय समय मुताबिक) चुनाव के चौंकाने वाले नतीजों से शुरुआती हैरानी जल्द ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ गुस्से में बदल गई। टेक्सास, कंसास और साउथ कैरोलाइना जैसे उन राज्यों में भी डेमोक्रेटिक पाटी ने एक के बाद एक अप्रत्याशित जीत दर्ज की, जिन्हें रिपब्लिकन पाटी का मजबूत गढ़ माना जाता है। इसके बाद कुछ रिपब्लिकन नेताओं ने हार के लिए ट्रंप को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना था कि ट्रंप का ध्यान अपनी विरासत बनाने पर रहा और उन्होंने मतदाताओं की चिंताओं को नजरअंदाज किया। इसकी कीमत पाटी को चुकानी पड़ी। टेक्सास के वरिष्ठ रिपब्लिकन लाबिस्टबिल मिलर ने बीबीसी से कहा, इसकी जिम्मेदारी उन्हीं की है, किसी और की नहीं। यह राष्ट्रपति ट्रंप के पूरी तरह और साफ तौर पर खारिज किया जाना है। यह बहुत बड़े स्तर की तबाही है। किसी ने नहीं सोचा था कि नतीजे ऐसे होंगे। ज्यादातर रिपब्लिकन नेताओं को पहले से ही अंदेशा था कि वे प्रतिनिधि सभा हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में अपना बहुमत खो देंगे। उन्हें यह भी अंदाजा हो गया था कि मुश्किल चुनावी माहौल में सीनेट में बहुमत बचाए रखना चुनौतीपूर्ण होगा। कुछ रिपब्लिकन नेताओं ने कहा कि ट्रंप की अलोकप्रिय नीतियों, उनकी कम अप्रूवल रेटिंग और वाशिंगटन में भी निर्माण परियोजनाओं को लेकर उनके जुनून ने पाटी की मुश्किलें बढ़ा दीं। सिनेसोटा के रिपब्लिकन रणनीतिकार ग्रेग पैपिन ने कहा, एक के बाद एक गलती होती गई। साफ है कि अलग-अलग राज्यों में लोगों को राष्ट्रपति की नीतियां पसंद नहीं आईं। व्हाइट हाउस के एक सहयोगी ने कहा कि ईरान युद्ध, टैरिफ और प्रशासन की सख्त इमिग्रेशन नीति को लेकर ट्रंप के प्रति लोगों की नाराजगी ने पाटी के लिए मुश्किलें बढ़ा दीं। उन्होंने कहा, पाटी के भीतर इस बात को लेकर साफ नाराजगी है कि यह सब कैसे हुआ? इस नाराजगी का बड़ा हिस्सा ट्रंप की ओर है और उनके खिलाफ गुस्सा बहुत ज्यादा है। इन नतीजों पर ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पाटी दोनों का बहुत कुछ दांव पर लगा था। अगर राष्ट्रपति की पाटी ने बेहतर प्रदर्शन किया होता, जैसा कि 2022 में हुआ था, तो साल 2028 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले उसे कुछ बढ़त मिल सकती थी। अब ट्रंप को संसद में डेमोक्रेटिक पाटी के ऐसे बहुमत का सामना करना पड़ेगा, जो प्रशासन की जांच करने, उनके न्यायिक नियुक्तियों को रोकने और मनमानी एजेंडे में अड़चन डालने के लिए तैयार है। मिडटर्म चुनावों के नतीजों ने ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में एक अनियमित नया दौर शुरू कर दिया है। इससे रिपब्लिकन पाटी को ट्रंप के बाद के अपने भविष्य पर भी विचार करना पड़ सकता है। चुनाव की रात ट्रंप ज्यादातर समय खामोश रहे। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव और सीनेट में डेमोक्रेटिक पाटी की जीत घोषित होने के बाद उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट किया। ट्रंप ने लिखा, मैं चुनाव मैदान में नहीं नहीं था। अगर मैं होता तो हम भारी बहुमत से जीतते। बाद में उन्होंने न्यूयार्क टाइम्स और फॉक्स न्यूज के इंटरव्यू में कहा कि वह चुनाव के नतीजे स्वीकार करेंगे। उन्होंने कहा कि नतीजों से उन्हें थोड़ी हैरानी जरूर हुई।
-अनिल नरेन्द्र