Anil Narendra Blog
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Saturday, 11 July 2026
20 दिन भी नहीं टिक पाया युद्ध-विराम
Thursday, 9 July 2026
ट्रंप का तंज:आंसू नकली हैं
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें यह देखकर हैरानी हुई कि ईरान में इतनी बड़ी संख्या में लोग अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में रो रहे थे। एक्सियोस को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगा था कि ईरान की जनता खामेनेई से नफरत करती है। इस पर उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि शायद यह आंसू नकली हों। जनाजे में ईरान के शीर्ष नेतृत्व के मौजूद होने के सवाल पर ट्रंप ने दावा किया है कि यदि अमेरिका चाहे तो एक ही हमले में ईरान के मौजूदा नेतृत्व को खत्म कर सकता है। उन्होंने कहा कि वे सभी वहां मौजूद हैं। एक ही हमले में हम सभी खत्म कर सकते हैं, लेकिन हम ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि फिर हमारे पास बातचीत करने के लिए कोई नहीं बचेगा। ईरान ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका खामेनेई की मौत के बाद छाए गहरे शोक को समझ नहीं पाएगा, क्योंकि न तो उसकी कोई सभ्यता है, न ही इतिहास और न ही सम्मान। उधर, ट्रंप के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए आर्मेनिया स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पर कहा, लोगों को मारा जा सकता है पर आदर्शों को नहीं। आपने अयातुल्ला अली खामेनेई को मार डाला पर असल में आपने इत्र की एक ऐसी शीशी तोड़ दी जिसकी खुशबू हर जगह फैल गई। बता दें कि ईरान में 36 साल तक सत्ता में रहे खामेनेई की 28 फरवरी को अमेरिकी इजराइली हमले मौत हो गई थी। 97 वर्ष के शिया धर्मगुरु अयातुल्ला जाफर सोमानी ने तेहरान की ग्रैंड मोसाला में अयातुल्ला अली खामेनेई, व उनके परिवार के दिवंगत सदस्यों के लिए प्रार्थना कराई। यहां अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मसूद, मेयसाम व मुस्तफा भी मौजूद थे। इन्हें युद्ध शुरू होने के बाद से नहीं देखा गया था। मौजूदा सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई नहीं देखे गए। रिव्यूशनरी गार्ड के प्रमुख जनरल अहमद वाहिदी भी युद्ध के बाद पहली बार दिखे। राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, संसद के स्पीकर मो. बाघेर गालिबाफ व कुदस बलों का नेतृत्व करने वाले इस्माइल थानी भी मौजूद थे। ग्रैंड मोसाला में लगे पोस्टरों व दीवारों पर लिखे संदेशों में ट्रंप व इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को मारने की मांग की गई। कवि रासोली ने प्रार्थना से पूर्व कार्यक्रम का संचालन किया और अमेरिका-इजरायली मुर्दाबाद के नारे लगवाए। उधर, ईरान के सीनियर सैन्य अधिकारी अली शादमानी ने अमेरिका और इजरायल को चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई का उसकी सशस्त्र सेनाएं कड़ा जवाब देंगी। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास आराघची ने भी दोहराया कि देश की जनता या नेतृत्व किसी भी खतरे का तत्काल और मजबूत जवाब दिया जाएगा। यह बयान इजरायल के रक्षामंत्री की ईरानी सुप्रीम लीडर को मारने की धमकी से जुड़ी टिप्पणी के बाद आया। बता दें कि शहीद अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा में उनके अंतिम दीदार करने करोडों लोग सडकों पर उतरे। ऐसी अंतिम यात्रा दुनिया में पहले कही भी नहीं देखी गई। अंतिम संस्कार में भारत समेत 70 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। विदेश मंत्री अब्बास आराघची ने कहा कि 70 से अधिक देशों के प्रतिनिधि सर्वोच्च नेता ग्रैट अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल हुए। इनमें हमारे वफादार अरब भाई भी शामिल हैं।