ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने कहा है कि अगर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू जिंदा है तो वो उनका पीछा करके उन्हें मार डालेंगे। आईआरजीसी ने नेतन्याहू को बच्चों का हत्यारा बताया है। ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी इरना ने एक स्पेशल पोस्ट में इसकी जानकारी दी है। वहीं दक्षिण अफ्रीका में ईरानी दूतावास ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा हैö इससे बिल्कुल भी फर्क नहीं पड़ता कि नेतन्याहू जिंदा है या मर चुके हैं। एक मिनाबी लड़की का बाल का एक भी रेशा, उनके पूरे वजूद से कहीं ज्यादा कीमती है। इस मामले में सवाल यह भी उठता है कि अगर नेतन्याहू जिंदा है तो ऐसा आईआरजीसी ने क्यों कहा है और यह दावा या अफवाह कहां से शुरू हुई है कि बेंजामिन नेतन्याहू जिंदा है या नहीं। हालांकि कई खबरों के मुताबिक, इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने नेतन्याहू की बात को फेक न्यूज बताया है। वहीं रविवार शाम को नेतन्याहू ने एक्स पर अपना एक वीडियो पोस्ट किया है। इसमें वो कॉफी पीते हुए कैफे के बाहर कुछ महिलाओं से बात करते हुए नजर आ रहे हैं। इस दौरान वो एक-एक कर दोनों हाथों को कैमरे के सामने ला रहे हैं और अपनी पांचों उंगलियां गिना रहे हैं। इजरायल और ईरान के बीच जंग की शुरुआत में ही ईरानी अधिकारियों ने बताया था कि दक्षिण ईरान के शहर मिनाब में लड़कियों के एक स्कूल पर हमला हुआ, जिसमें 180 से ज्यादा लोग मारे गए थे। इनमें 160 के लगभग छोटी-छोटी बच्चियां और उनके टीचर भी मारे गए थे। बता दें कि ईरान के मिनाब में प्राथमिक स्कूल पर भीषण एयरस्ट्राइक को लेकर अमेरिका के भीतर भी विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। अमेरिका के 40 से अधिक सीनेटरों ने पेंटागन को पत्र लिखकर इस हमले का कड़ा विरोध जताया है। सांसदों ने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से इस सैन्य कार्रवाई की जांच, जवाबदेही और अंतर्राष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन पर स्पष्टीकरण मांगा है। सीनेटरों ने अपने पत्र में विशेष रूप से चिंता जताई है कि मरने वालों में ज्यादातर 7 से 13 साल की मासूम बच्चियां थीं। घटना 28 फरवरी की है, जब अमेरिका ने बहरीन सैन्य बेस से एक टोमाहॉक मिसाइल से मिनाब स्थित लड़कियों के एक स्कूल को निशाना बनाया। ईरान में इस हमले से लोगों में काफी ज्यादा आाढाsश देखा गया और इन लड़कियों के जनाजे में लाखों ईरानी जनता शामिल हुई। आईआरजीसी ने एक बयान में कहा जियोनिस्ट अपराधी प्रधानमंत्री का अज्ञात और उनकी मौत या कब्जे वाले इलाकों से अपने परिवार के साथ उनके भाग निकलने की पूरी संभावना है। यह एक संकट और जियोनिस्ट की डगमगाती स्थिति को उजागर करती है। आईआरजीसी ने आगे कहा, अगर बच्चों की हत्या करने वाला अपराधी जीवित है तो हम पूरी ताकत से पीछा करके उन्हें मार डालेंगे। यह धमकी इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय के उस खंडन के बाद आई है जिसमें नेतन्याहू के मारे जाने की खबरों को गलत बताया गया है। साथ ही उसने यह दावा किया था कि इजरायल ने उनके तथ्यों और क्षेत्र में तीन अमेरिकी बेस को 52वीं बार किए गए हमले में नष्ट कर दिया गया है। 13 मार्च को नेतन्याहू के एक्स अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया गया था जिसमें वो ईरान के हमलों के बारे में जानकारी दे रहे थे। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इसे एआई जेनरटिड बताया था और दावा किया था कि नेतन्याहू की मौत हो चुकी है। अब देखना यह है कि क्या नेतन्याहू जिंदा है और अगर वह जिंदा है तो क्या ईरानी आईआरजीसी उनकी हत्या करने में कामयाब होती है या नहीं?
-अनिल नरेन्द्र