मैं सबसे पहले ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई को अपनी श्रद्धांजलि पेश करना चाहता हूं। दुनिया अयातुल्लाह खामेनेई की शहादत को याद रखेगी। उनकी बहादुरी की मिसाल शहादत के हर पा में अव्वल रहेगी। वह यह जानते थे कि वह अमेरिका और इजरायल के निशाने पर हैं और उन पर किसी भी क्षण हमला हो सकता है। फिर भी वह तेहरान छोड़कर नहीं भागे। न तो किसी बने शैल्टर में गए और न ही किसी गुप्त स्थान पर। उन्होंने अपने दफ्तर में काम करते हुए शहादत को गले लगाना चुना। वह अपने देश के लिए कुर्बान हो गए पर दुश्मन के सामने पीठ नहीं दिखाई। बेशक आज डोनाल्ड ट्रंप और नेतन्याहू खामेनेई को मारकर विजेता होने का दावा कर रहे हैं। लेकिन उन्होंने खामेनेई की हत्या करके बड़ा जोखिम मोल ले लिया है। खामेनेई की शहादत ने सारे ईरान व इस्लामी जगत को अमेरिका और इसरायल के खिलाफ खड़ा कर दिया है। उसके नतीजे सामने आने भी लगे हैं। कुवैत, यूएई, कतर, बहरीन पर ईरानी मिसाइलें गिर रही हैं। यूएई पर तो इस लेख लिखने तक 167 मिसाइलें गिर चुकी हैं। ईरानी पलटवार का कहर सबसे ज्यादा यूएई पर टूटा है। यूएई के रक्षा मंत्रालय ने कहा, ईरान की तरफ से देश के कई हिस्सों में अब तक 165 बैलिस्टिक मिसाइल, 2 ाtढज मिसाइल और 541 ईरानी ड्रोन से हमला किया जा चुका है। इनमें से 506 को हवा में रोककर नष्ट कर दिया गया, जबकि 35 देश के अन्य इलाके में गिरी। दुबई विशेष टारगेट पर है क्योंकि यहां अमेरिकी कंपनियों के मुख्यालय हैं और ईरान अमेरिका की आर्थिक ताकत को भारी नुकसान पहुंचाता है। इसलिए वह ऐसे स्थानों पर हमले कर रहा है जहां अमेरिका की सबसे बड़ी कंपनियां हैं। अयातुल्लाह अली खामेनेई मारे कैसे गए? यह प्रश्न सब पूछ रहे हैं। क्या कोई मोसाद-सीआईए का स्लीपर एजेंट था जिसने सटीक जानकारी दी थी कि खामेनेई किस समय कहां होंगे और मीटिंग में कौन-कौन होगा? बिना इस सटीक जानकारी के यह हमला संभव ही नहीं था। फिर सवाल यह भी उठता है कि ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम क्या कर रहे थे? वह इस मिसाइल या बमों को इंटरसेप्ट क्यों नहीं कर सके? क्या अमेरिका ने ईरान के राडार हमले से पहले जाम कर दिए थे? इसरायल के एफ-35 फाइटर जेट्स ने ईरान एयर डिफेंस को भेदते हुए तेहरान में खामेनेई बेत-ए-रहबरी पैलेस पर दो हजार किलो के 40 बंकर बस्टर बम गिराए। ये लेजर गाइडेड पैनिट्रेटर है यानि पैलेस के अंडरग्राउंड में भी छिपे खामेनेई को मार गिराया जा सके। इजरायली सेना ने कई तरह की मिसाइलों से भी हमला किया। हमले में रक्षा मंत्री अजीज नासिरजादेह, आर्मी चीफ आमिर हातामी और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के चीफ मोहम्मद पाकपुर समेत लगभग 40 आला अफसर और धार्मिक नेता मारे गए। सूत्रों के अनुसार इनमें से लगभग 15 खामेनेई के पैलेस में एक मीटिंग के लिए जमा हुए थे। अमेरिका और इजरायल चाहता है कि ईरान में निजाम यानि रजीम चेंज हो। देखना यह होगा कि वह अपने इस उद्देश्य में कितना कामयाब रहता है। फिलहाल तो ईरान की बदले की कार्रवाई से बचने का प्रयास हो रहा है। तेहरान ने बड़ी जवाबी कार्रवाई में कुवैत, कतर और बहरीन में अमेरिका के कई बड़े मिलिट्री बैस पर बैलिस्टिक मिसाइल दागी हैं। इनमें नुकसान की खबर भी आई है। सऊदी अरब और जार्डन में भी हमले की खबर है। अयातुल्लाह खामेनेई मरने से पहले ही दूसरी पंक्ति खड़ी करके गए थे। ईरान ने हमले के तुरन्त बाद ही जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। देखें, यह जंग आगे कितनी बढ़ती है, कहीं यह तीसरे विश्व युद्ध की शक्ल तो नहीं लेता?
-अनिल नरेन्द्र
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