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Tuesday, 12 May 2026

सीजफायर और जंग

एक तरफ तो अमेरिका-ईरान के बीच कहने को तो सीजफायर यानी युद्ध बंदी चल रही है, वहीं दूसरी तरफ जंग भी चल रही है। यह सीजफायर अपनी समझ से तो बाहर है। दावा किया जा रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच अगले हफ्ते इस्लामाबाद में बातचीत हो सकती है। दोनों देशों के बीच 14 प्वाइंट वाले समझौते पर काम चल रहा है। जिसमें परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज तनाव जैसे मुद्दे शामिल हैं। इस बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की भूमिका को लेकर भी नई जानकारी सामने आई है। अमेरिकी एजेंसियां उन्हें युद्ध और बातचीत में अहम मान रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देशों के बीच अगले हफ्ते इस्लामाबाद में जो बातचीत होनी है उसमें एक प्रमुख मुद्दा एक महीने तक चलने वाली बातचीत की रूपरेखा तैयार करना है, ताकि दोनों देशों के बीच तनाव और युद्ध खत्म किया जा सके। रिपोर्ट के मुताबिक इस प्रस्ताव में ईरान के परमाणु कार्यक्रम और ईरान के पास मौजूद हाई एनीरिच्ड यूरेनियम को किसी दूसरे देश में भेजने जैसे मुद्दे शामिल हैं। हालांकि कई अहम मामलों पर अभी भी सहमति नहीं बनी हैं। सबसे बड़ा विवाद परमाणु कार्यक्रम और अमेरिका की तरफ से ईरान पर लगे प्रतिबंधों से राहत को लेकर है। इस बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को लेकर नई जानकारी भी सामने आई है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का मानना है कि मोजतबा खामेनेई युद्ध की रणनीति तय करने और अमेरिका से बातचीत को संभालने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। महत्वपूर्ण यह है कि आयतुल्ला मोजतबा खामेनेई ठीक हैं और अब उन्होंने कमान संभाल ली है। एक तरफ तो सीजफायर चल रहा है और डील की बात हो रही है। दूसरी तरफ होर्मुज को लेकर अचानक जंग छिड़ी हुई है। मिडल ईस्ट में शांति की उम्मीदों को एक बार फिर झटका लगा है। गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात को अमेरिका और ईरान के बीच हमले फिर शुरू हो गए हैं। इस हमले के बीच 8 अप्रैल 2026 से चला आ रहा नाजुक सीजफायर टूटने की कगार पर पहुंच गया है। ये हमले होर्मूज, केशम और बंदर अब्बास इलाके में हुए हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हुई इस झड़प के बाद पूरे इलाके में तनाव फिर से चर्म पर पहुंच गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले पर सख्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि ईरान ने अमेरिका के साथ बदतमीजी की है। हालांकि उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि समझौता अब भी मुमकिन है। अमेरिका के सेंट्रल कमांड (सेटकॉम) के अनुसार ईरानी सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तैनात तीन अमेरिकी विध्वंसक जहाजों पर मिसाइलों, ड्रोनों और छोटी नावों से हमला किया। हालांकि, अमेरिका का दावा है कि उनके जहाजों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और जवाबी कार्रवाई में ईरान के उन सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया गया है जहां से ये हमले शुरू हुए थे। दूसरी ओर, ईरानी मीडिया तेहरान टाइम्स ने दावा किया है कि अमेरिकी हमले के कारण उनके जहाजों को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा है। ईरानी सेना के प्रवक्ता ने वाशिंगटन पर सीजफायर के उल्लघंन का सीधा आरोप लगाया है। सारी दुनिया की नजर प्रस्तावित इस्लामाबाद में शांति वार्ता पर टिकी हुई है। तमाम दुनिया चाह रही है कि यह जंग रुके और क्षेत्र में अमन-चैन फिर से स्थापित हो।
- अनिल नरेन्द्र

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