संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अल दफरा क्षेत्र में स्थित बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट के परिसर में रविवार को एक ड्रोन हमला हुआ और उसके बाद आग लग गई। हालांकि किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। ईरान और यूएई अब जानी दुश्मन बन चुके हैं। ड्रोन से बराकाह न्यूक्लियर प्लांट को निशाना बनाया गया। इस अटैक को यूएई ने बिना किसी कारण के आतंकी हमला बताया। बहरहाल इस हमले की जिम्मेदारी फिलहाल किसी भी समूह ने नहीं ली है। मगर यूएई का आरोप ईरान की तरफ ही है। यूएई का मानना है कि यह हमला ईरान ने ही ड्रोन के जरिए किया है। पिछले कई दिनों से ईरान-यूएई में तनातनी चल रही है। ईरान का मानना है कि यूएई खुलकर अमेरिका और इजरायल की मदद कर रहा है और उसकी भूमि से ही अमेरिकी हमले हो रहे हैं। खबर तो यहां तक है कि वर्तमान जंग के दौरान ही इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनके मोसाद प्रमुख ने यूएई का गुप्त दौरा किया था। ड्रोन हमले से बराकाह संयंत्र के बाहरी क्षेत्र में स्थित एक इलैक्ट्रिक जेनेरेटर में आग लग गई। यह आग संयंत्र की भीतरी परिधि के बाहर लगी थी। संघीय परमाणु नियामक प्राधिकरण (एफएएनआर) ने भी इस हमले की पुष्टि की कि आगे से संयंत्र की सुरक्षा या उसके जरूरी सिस्टम पर कोई असर नहीं पड़ा है और सभी यूनिट सामान्य रूप से काम कर रही है। सभी जरूरी एहतियाती कदम उठा लिए गए हैं और लोगों से अपील की गई है कि वे सिर्फ आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी लें और अफवाहों से बचें। बयान में ड्रोन हमले के स्त्राsत के बारे में कोई भी जानकारी नहीं दी गई। ईरानी सूत्रों का कहना है कि हमने कोई हमला नहीं किया है तो फिर हमला किसने किया? क्या कोई तीसरी शक्ति अपना खेल तो नहीं खेल रही जो दोनों मुल्कों को लड़वा कर अपना उल्लू सीधा करना चाहती है। इससे पहले भी 5 मई को यूएई ने कहा था कि उसके कुछ क्षेत्रों पर ईरान से दागी गई मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया गया, लेकिन ईरान की सैन्य कमान ने इस आरोप से इंकार किया था। ईरानी अधिकारियों ने यूएई के उन आरोपों को भी खारिज किया था जिसमें ईरान पर हमला करने का दावा किया गया था। दरअसल यूएई को ईरान इसलिए अपना दुश्मन मान रहा है, क्योंकि उसे लगता है कि यूएई की धरती का इस्तेमाल करके ही अमेरिका ने उस पर अटैक किए हैं। बहरहाल इस हमले ने ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे नाजुक संघर्ष विराम को लेकर चिंताओं को और बढ़ा दिया है। ऐसा लग रहा है कि कूटनीतिक प्रयास भी अब काफी तनावपूर्ण होते जा रहे हैं। संयुक्त अरब अमीरात ने इस हमले के पीछे के लोगों पर बिना किसी उकसावे के आतंकवादी हमला करने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि वह अपनी देश की संप्रभुता पर किसी भी तरह के खतरे को बर्दाश्त नहीं करेगा। दक्षिण कोरिया की मदद से बने और 2020 से चालू बराकाह परमाणु संयंत्र अरब दुनिया का एक मात्र परमाणु ऊर्जा संयंत्र है। 20 अरब डालर की लागत से बना यह संयंत्र यूएई की लगभग एक चौथाई ऊर्जा जरूरतों को पूरा करता है।
-अनिल नरेन्द्र
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