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Thursday, 10 September 2026

राम मंदिर चंदा चोरी कैसे रुके?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनाव 2014 अभियान के रणनीतिकार रह चुके किशोर से, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के पद पर एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति हो गई है। भारतीय वायुसेना के पूर्व अधिकारी मिश्रा ट्रस्ट के पहले सीईओ बनाए गए हैं। उनकी यह नियुक्ति मंदिर प्रबंधन में भ्रष्टाचार चंदा चोरी के आरोपों के बाद हुई है। सवाल यह है कि केवल सीईओ नियुक्त कर देने से क्या होगा। यदि पहले प्रबंधन संभालने वाले लोगों को बिना जवाबदेही के छोड़ दिया जाए? भ्रष्टाचार के आरोपों से करोड़ों राम भक्तों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई है। सरकार को अब तक हुई कथित अनियमितताओं पर श्वेत पत्र लाना चाहिए। राम मंदिर के पहले सीईओ नियुक्त एयर मार्शल जितेन्द्र मिश्रा गुरुवार को अयोध्या पहुंचे। यहां से सीधे रामघाट स्थित कार्यशाला में निर्मित राम मंदिर ट्रस्ट के एकाउंट कार्यालय में अपना योगदान दिया। फिलहाल उन्होंने किसी पंजिका पर हस्ताक्षर नहीं किया है। जितेन्द्र मिश्रा ने राम मंदिर में सामने आए चढ़ावा चोरी प्रकरण पर पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अतीत की घटनाओं से सबक लेना चाहिए लेकिन अतीत के बोझ को अपने ऊपर हावी नहीं होने देना चाहिए। उधर अयोध्या की एक अदालत ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों की न्यायिक हिरासत शनिवार को 18 सितम्बर तक बढ़ा दी। मंदिर में चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया से जुड़े इन 8 आरोपियों को राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्राथमिक रिपोर्ट के बाद 25 जून को दर्ज प्राथमिकी के आधार पर गिरफ्तार किया गया था। श्री राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में नई एसआईटी की जांच भी निर्णायक मोड़ पर पहुंच रही है। सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई से पहले नई एसआईटी ने ट्रस्ट के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह का बयान दर्ज किया है। नई एसआईटी उनके बयान को अपनी जांच का आधार बनाएगी। क्षेत्राधिकारी अयोध्या आशुतोष तिवारी ने शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए महिपाल का बयान लिया, जिसमें उन्होंने 2021 से अब तक की चोरी की घटनाओं और अनियमितताओं का उल्लेख किया। महिपाल ने पूर्व महासचिव चंपतराय, सदस्य डा. अनिल मिश्र और टिन्नू यादव सहित इस ट्रस्ट और बैंक कर्मियों के नाम लिए हैं जिनके खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। मालूम हो कि चढ़ावा चोरी मामला उजागर होने के समय ही महिपाल ने कई आरोप लगाए थे। उन्होंने सीधे तौर पर चंपतराय, अनिल मिश्र और गोपाल राव पर अनजान बने रहने का आरोप लगाया। पहले गठित एसआईटी ने भी महिपाल का बयान दर्ज किया था, जिसकी फाइनल रिपोर्ट अब ट्रस्ट को सौंप दी गई है। कई भक्तों का कहना है कि दान से जुड़ा विवाद बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत हो सके। इस घटना से करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं और कुछ लोगों के मन में दान को लेकर संकोच भी पैदा हुआ है। फिर भी भगवान राम के प्रति उनकी आस्था में कमी नहीं आई है। उम्मीद है कि ट्रस्ट के नए अधिकारी इस चंदा चोरी को रोकने में सख्त कदम उठाएंगे और इसे हर हालत में रोकेंगे। पुराने ढांचे को पूरी तरह बदलना होगा। पुराने कर्मचारियों को या तो हटाया जाए या उनकी ड्यूटी बदली जाए। बेहतर होगा कि चढ़ावे के रुपयों की मशीनों से गिनती हो। आभूषणों का अलग विभाग हो और हर कदम पर पारदर्शिता हो। सीसीटीवी की निगरानी हर जगह हो। नए नेतृत्व को यह नहीं भूलना चाहिए कि यह करोड़ों की आस्था का सवाल है सिर्फ चंदा चोरी का नहीं। 

-अनिल नरेन्द्र

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