Translater

Showing posts with label Sex Scandal. Show all posts
Showing posts with label Sex Scandal. Show all posts

Thursday, 26 April 2012

बुरे फंसे सिंघवी ः इधर पुंआ तो उधर खाई

Vir Arjun, Hindi Daily Newspaper Published from Delhi
Published on 26 April 2012
अनिल नरेन्द्र
संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण शुरू होने से पहले ही कांग्रेस पार्टी ने पार्टी प्रवक्ता तेज-तर्रार अभिषेक मनु सिंघवी से सोमवार को संसदीय समिति के चेयरमैन और कांग्रेस प्रवक्ता से इस्तीफा ले लिया। पार्टी ने अपनी और सरकार की फजीहत बचाने का प्रयास किया है। अश्लील वीडियो देखने के मामले में पहले से बदनाम भारतीय जनता पार्टी को अब कांग्रेस से बदला लेने का मौका मिल गया है। अभिषेक मनु सिंघवी सीडी के मामले में बुरी तरह फंस गए हैं। सिंघवी से संबंधित एक सीडी 10 दिन पहले सोशल मीडिया पर जारी की गई थी। इसमें वे कथित तौर पर किसी महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में दिखाए गए हैं। सीडी में दिखाई गई महिला वकील बताई गई है। इसके मुताबिक सिंघवी ने उसे जज बनवाने का लालच देकर उसके साथ संबंध बनाए। सीडी के प्रसारण पर दिल्ली हाई कोर्ट ने रोक लगा दी है पर इंटरनेट पर यह सीडी खूब चल रही है। कहा जा रहा है कि सिंघवी के ड्राइवर ने यह सीडी बनाई। बाद में उसने सीडी से छेड़छाड़ किए जाने की बात भी मानी। सिंघवी ने इस मामले में सफाई देते हुए कहा कि मैंने इस्तीफे का फैसला अपने बारे में वितरित की जा रही सीडी को लेकर संसद की कार्यवाही में व्यवधान होने की आशंकाओं को खत्म करने की खातिर लिया है। मुझ पर लगे सभी आरोप पूरी तरह से निराधार और झूठे हैं। सीडी पर अटकलें लगाने के बजाय लोगों को निजता का सम्मान करना चाहिए। बेशक सिंघवी ने इस्तीफा तो दे दिया है पर हमें नहीं लगता कि कांग्रेस की फजीहत इतनी आसानी से खत्म होगी। सिंघवी ने स्वेच्छा से इस्तीफा नहीं दिया, उन्हें ऐसा करने पर मजबूर किया गया। बजट सत्र के दूसरे चरण में सरकार पहले से ही दबाव में है और वह एक और सिरदर्द नहीं बढ़ाना चाहती पर भाजपा पहले से झेल रही सीडी प्रकरण (कर्नाटक विधानसभा) भला ऐसा मौका अपने हाथ से कैसे जाने देती? भाजपा नेता व राज्यसभा में नेता विपक्ष अरुण जेटली इस मामले में राज्य सभापति हामिद अंसारी से मिले और उन्होंने सभापति को कहा कि ऐसा व्यक्ति किसी संसदीय समिति का चेयरमैन नहीं रह सकता जिस पर बेहद आपत्तिजनक आरोप लग रहे हों। यह संदेश कांग्रेस के फ्लोर मैनेजरों तक भी पहुंचाए गए। भाजपा ने दोतरफा तरीके से सरकार और कांग्रेस को संसद में घेरने की रणनीति बनाई है। भाजपा नेताओं का कहना है कि अगर कांग्रेस ने सांसद के इस तर्प को मान लिया कि सीडी सही नहीं है और इसके साथ छेड़छाड़ की गई है और उनका ड्राइवर ब्लैकमेल कर रहा है तो यह मामला संसदीय विशेषाधिकार नियमों के तहत जांच की परिधि में आ जाता है। इसके मुताबिक किसी संसद सदस्य के साथ इस तरह का आचरण अवमानना की परिधि में आता है। दूसरी तरफ सीडी के कथित रूप से किसी को जज बनवाने के वादे का आरोप सही है तो यह मामला सदन की एथिक्स कमेटी के पास भेजा जाना चाहिए। सिंघवी के इस्तीफे के बाद भी भाजपा इस मामले को छोड़ने को तैयार नहीं है। जेटली ने कहा कि वह संसद में यह मामला जरूर उठाएंगे। संसद सदस्य होने की हैसियत से श्री सिंघवी को यह बताना पड़ सकता है कि उन्होंने इस्तीफा किस वजह से दिया है। संसद सदस्य होने की वजह से सिंघवी की यह निजी जीवन का तर्प इसलिए ढेर हो सकता है कि वह सार्वजनिक जीवन में हैं और इसके चलते ऐसा मामला प्राइवेट नहीं हो सकता। चूंकि वह सार्वजनिक जीवन में हैं, इसी वजह से संसद की विधि मामलों की स्थायी समिति के अध्यक्ष बनाए गए थे। इसलिए संसद को यह जानने का अधिकार है कि वह ऐसा कौन-सा निजी कारण है जो उनके सार्वजनिक जीवन को प्रभावित कर रहा है? दूसरी ओर अगर वह कहते हैं कि यह सीडी उन्हें बदनाम करने या उनकी प्रतिष्ठा को समाप्त करने के लिए किसी ने गलत तरीके से बनाई है तो यह किसी भी सांसद के विशेषाधिकार हनन का सीधा मामला है और अगर सीडी सच्ची है तो यह संसद की शिष्टाचार समिति का मामला बनता है जिसमें किसी भी सांसद के सार्वजनिक जीवन में आने पर सामाजिक व्यवहार का संज्ञान लिया जाता है। वैसे अगर सिंघवी को इससे संतोष होता है कि उनकी सेक्सी सीडी यू ट्यूब में डालने वाले शख्स ने दावा किया है कि उसके पास गृहमंत्री पी. चिदम्बरम की रूसी वेश्या के साथ सेक्स सीडी है जिसे वह तब जारी करेगा जब सिंघवी को कांग्रेस से निकाला नहीं जाएगा। बुरे फंसे सिंघवी `इधर पुंआ तो उधर खाई।
Abhishek Singhvi, Anil Narendra, Congress, Daily Pratap, Sex, Sex Scandal, Sexy Photo, Vir Arjun

Sunday, 4 March 2012

भंवरी देवी अपहरण व हत्या मामले में चार्जशीट क्या कहती है

Vir Arjun, Hindi Daily Newspaper Published from Delhi
Published on 4 March 2012
अनिल नरेन्द्र
बहुचर्चित भंवरी देवी हत्याकांड में सीबीआई ने बुधवार को जोधपुर की अदालत में चार्जशीट पेश कर दी है। 97 पेजों की चार्जशीट में 58 पेजों में आरोप व कहानी का खुलासा है। 300 गवाहों के बयान हैं और चार्जशीट में 313 दस्तावेज लगाए गए हैं। इनमें 93 साक्ष्यों की सूची भी लगाई गई है। चार्जशीट में पूर्व मंत्री महिपाल मदेरणा और लूणी विधायक मलखान सिंह बिश्नोई पर एक ही आरोप लगाए हैं। यह भी खुलासा हुआ है कि मलखान की बहन इन्दिरा ने मदेरणा की सीडी बनवाई थी। मदेरणा आपत्तिजनक सीडी से ब्लैकमेल हो रहे थे, तो मलखान सिंह भंवरी की एक बेटी का पिता होने व खेजड़ली मेले में पोल खोलने से परेशान थे। दोनों ने सहीराम व सोहन लाल को भंवरी को ठिकाने लगाने का जिम्मा सौंपा और उसी साजिश में एक सितम्बर को उसका अपहरण किया गया। आरोप पत्र के अनुसार भंवरी देवी और पूर्व मंत्री महिपाल मदेरणा की अश्लील सीडी के पीछे राजनीतिक साजिश थी एवं इस पूरे मामले में मास्टर माइंड इन्दिरा बिश्नोई थी। इन्दिरा ने ही अपने भाई मलखान को मंत्री बनवाने के लिए यह साजिश रची थी। गौरतलब है कि एक सितम्बर 2011 को भंवरी देवी गायब हुई थी और ठीक छह माह बाद कोर्ट में दूसरी चार्जशीट पेश की गई है। भंवरी देवी मामले के अपहरण और हत्या के मामले में मदेरणा, मलखान सिंह समेत 16 आरोपी जेल में हैं। यह आरोपी सोहन लाल, शहाबुद्दीन, बलदेव, सहीराम, परसराम, अमीरचन्द, उमेश राम, रेगचाराम, पुखराज, दिनेश, बिशन राम, ओम प्रकाश, कैलाश और अशोक हैं। इनमें इन्दिरा बिश्नोई अभी पकड़ी नहीं गई, वह चार माह से फरार है। पूर्व मंत्री महिपाल मदेरणा व मलखान एएनएम भंवरी देवी द्वारा ब्लैकमेलिंग से खासे परेशान थे। बदनामी से बचने के साथ ही राजनीतिक कैरियर को बचाने के मकसद से राजनीति के इन दोनों कद्दावर नेताओं ने भंवरी से छुटकारा पाने का षड्यंत्र रचा। आरोप पत्र के मुताबिक विधायक मलखान सिंह भंवरी देवी की जरूरतों को पूरा करता था। इसी कड़ी में उसने भंवरी की स्विफ्ट कार जो उसने 3 सितम्बर 2009 को खरीदी थी, का भुगतान 3 लाख 20 हजार 594 रुपये का अपनी ओर से भुगतान किया था। इस कार को दिलाने में महिपाल मदेरणा ने भी मदद की थी। इसी दिन भंवरी ने शिकारगढ़ में एक भूखंड भी खरीदा था। भंवरी देवी विधायक मलखान की सिर्प महिला मित्र बनकर ही नहीं रहना चाहती थी, ऐसे में वह अपनी छोटी पुत्री के अधिकार पाने की कोशिश में जुट गई। 7 सितम्बर 2010 को भंवरी जोधपुर के तत्कालीन एसपी के कार्यालय जा पहुंची और मलखान को छोटी पुत्री का पिता बताते हुए डीएनए टेस्ट कराने की गुहार लगाई किन्तु इन्दिरा उसे समझा-बुझाकर वहां से ले गई। फिर भंवरी ने ब्लैकमेलिंग का धंधा बढ़ा दिया। इन्दिरा के घर रची साजिशöमहिपाल मदेरणा व भंवरी की अश्लील सीडी मदेरणा के फार्म हाउस पर ही बनाई गई थी। टीवी चैनलों में इस सीडी के दिखाए जाने से दोनों परिवारों में खलबली मच गई। बहुत विचार-विमर्श के बाद भंवरी को जान से मारकर हमेशा के लिए इस मामले को खत्म करने की रणनीति बनाई गई। भंवरी का अपहरण व बाद में उसकी हत्या की पूरी जानकारी होने के बावजूद भंवरी का पति अमीरचन्द अनजान बना रहा। साजिश में शामिल अमीरचन्द ने पुलिस के काफी दबाव डालने पर पहले गुमशुदगी और फिर अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उसे आशंका थी कि जांच के दौरान कहीं उसकी इस प्रकरण में संलिप्तता उजागर न हो जाए। इस कहानी में सभी हैं, लव, सेक्स, ब्लैकमेलिंग व हत्या।
Anil Narendra, Bhanwri Devi, CBI, Daily Pratap, Mhipal Maderna, Rajassthan, Sex, Sex Scandal, Sexy Photo, Vir Arjun

Sunday, 4 December 2011

शीघ्र सुलझ सकती है भंवरी देवी की गुत्थी

Vir Arjun, Hindi Daily Newspaper Published from Delhi
Published on 4th December 2011
अनिल नरेन्द्र
पिछले कई दिनों से पहेली बनी हुई भंवरी देवी कांड की गुत्थी अब जल्द ही सुलझने वाली लगती है। सीबीआई ने इस मामले में शुक्रवार को चालान पेश कर दिया है और राजस्थान के बर्खास्त मंत्री महिपाल मदेरणा और एक अन्य आरोपी परसराम बिश्नोई को जोधपुर में गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही सीबीआई ने तीन आरोपियों सोहन लाल, शहाबुद्दीन और बलदेव राम जाट उर्प बलिया के खिलाफ जोधपुर के अतिरिक्त मुख्य न्याययिक मजिस्ट्रेट सीबीआई के समक्ष चालान पेश किया। सीबीआई की ओर से पेश चालान में राजस्थान के बर्खास्त मंत्री महिपाल मदेरणा का नाम सामिल नहीं है, लेकिन विचाराधीन जांच के रूप में महिपाल मदेरणा और इस प्रकरण में मुख्य आरोपी समझे जा रहे एवं फरार सही राम का नाम शामिल है। जोधपुर के बिलाडा उपखंड के एक उप स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत नर्स भंवरी देवी के लापता होने की उसके पति अमर सिंह ने पुलिस में एक एफआईआर दर्ज कराई थी जिसमें तत्कालीन मंत्री महिपाल मदेरणा पर भंवरी को लापता करवाने में शामिल होने का जिक्र किया गया था। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यह केस 14 सितम्बर को सीबीआई को सौंपा था। सीबीआई को जांच सौंपे जाने के बाद मदेरणा को उनके मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया गया था। भंवरी देवी का क्या हुआ, यह अभी तक रहस्य ही बना हुआ है। सीबीआई जी-तोड़ कोशिश कर रही है कि पता चले कि भंवरी जिन्दा भी है या नहीं। सीबीआई ने तो भंवरी का सुराग देने वाले को 10 लाख रुपये और इस प्रकरण में मुख्य आरोपी माने जा रहे सही राम का सुराग देने वाले को पांच लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा तक कर दी है।
भंवरी देवी के मोबाइल फोन नम्बर 9413958188 पर 375 सैकेंड क्या इस बात का खुलासा करेंगे कि भंवरी का क्या हुआ? मलखान की भाभी कुसुम बिश्नोई को बताना होगा कि इतने समय तक उसकी भंवरी से क्या बात हुई। क्योंकि इनकी बातचीत के बाद ही भंवरी राडार से बाहर हो गई और उसका पता नहीं चल सका। सूत्रों के अनुसार सीबीआई के हाथ बृहस्पतिवार को एक ऐसा सुबूत लगा है जो सीबीआई को अपराधी की गिरेबान तक पहुंचाने में काफी मदद कर सकता है। वह जांच का केंद्रबिन्दु है मलखान की भाभी। सूत्रों के अनुसार सीबीआई ने जांच में पाया है कि उक्त मोबाइल फोन पर 375 सैकेंड के लिए भंवरी और कुसुम की बातचीत हुई थी। सीबीआई के सूत्रों के अनुसार सीबीआई ने जांच में यह भी पाया कि भंवरी को इस बात का अन्देशा हो गया था कि उसके साथ कुछ अनहोनी हो सकती है। इसीलिए वह उसके पास भी रुपये लेने नहीं गई जिसके हाथ उसने अपनी जीप बेची थी। वैसे सीबीआई वहां की भट्ठी से मिले शरीर के कुछ अवशेष और बुलेरो जीप से मिले बालों के गुच्छे, जैकेट और लॉकेट को फोरेंसिक जांच के लिए भेजने वाली है। साथ ही भंवरी के परिवार के लोगों की डीएनए जांच कराने की तैयारी भी कर रही है। लगता है कि अब बहुत निकटभविष्य में भंवरी देवी का क्या हुआ, इसका पता चल जाएगा।
Anil Narendra, Bhanwri Devi, CBI, Daily Pratap, Mhipal Maderna, Rajasthan High Court, Sex, Sex Scandal, Vir Arjun

Saturday, 26 November 2011

भंवरी देवी के बाद राजस्थान में एक और सेक्स स्कैंडल


Vir Arjun, Hindi Daily Newspaper Published from Delhi
Published on 26th November 2011
अनिल नरेन्द्र
भंवरी देवी का इतने दिन बाद भी कुछ पता नहीं चल सका। वह किस हालत में है, जिन्दा भी है या नहीं? जोधपुर जिले के नालीवाडा स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत नर्स भंवरी देवी गत एक सितम्बर को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। सीबीआई इस प्रकरण में राजस्थान के बर्खास्त काबीना मंत्री महिपाल मदेरणा उसकी पत्नी लीला मदेरणा, कांग्रेस विधायक मलखान सिंह, उसकी बहन इन्द्रा समेत कई लोगों से पूछताछ कर चुकी। सीबीआई ने इस केस में शहाबुद्दीन और सोहन लाल समेत तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया है। ये तीनों न्यायिक हिरासत में हैं। 24 नवम्बर को इस केस की राजस्थान हाई कोर्ट में तारीख थी। सीबीआई को अदालत में प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश करनी थी। सीबीआई ने अदालत से कहा कि उसे अपनी जांच रिपोर्ट पेश करने के लिए कुछ दिनों की और मौहलत चाहिए। अदालत ने उसके अनुरोध को स्वीकार करते हुए समय दे दिया है और अब अगली सुनवाई 15 दिसम्बर को होगी। न्यायाधीश गोविंद माथुर और न्यायाधीश एनके जैन की खंडपीठ ने लापता भंवरी देवी के पति की बन्दी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर बन्द कमरे में सुनवाई शुरू की। सीबीआई को इस केस में कोई उल्लेखनीय सफलता अब तक नहीं मिल सकी है। दो सौ से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने लो हावर के खेतों में लगभग 20 किलोमीटर तक खेतों व ढाणियों में भंवरी के अवशेषों की तलाश की। साथ ही फोरेंसिक साइंस लेबोरेट्री के वैज्ञानिकों से भी पूछताछ की जिन्होंने आरोपी शहाबुद्दीन की उस बुलेरो की जांच की थी जिसमें भंवरी देवी का अपहरण हुआ था। दरअसल सीबीआई यह एंगल स्टडी कर रही है कि उसी बुलेरो में तो भंवरी के साथ अनहोनी तो नहीं हुई?
अभी भंवरी देवी मामला सुलझा नहीं कि एक और सेक्स स्कैंडल का खुलासा हुआ है। इसका खुलासा सिरसा के उपमंडल डबवाली के गांव आबू शहर की पीड़ित युवती ने किया है। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर राजस्थान के एक पूर्व मंत्री, पूर्व सांसद और युवती के पति तथा देवर सहित 18 लोगों के खिलाफ केस जयपुर के विशाली नगर थाने में दर्ज किया गया है। आबू शहर की युवती ने 19 नवम्बर को न्यायिक मजिस्ट्रेट क्रम 11 जयपुर की अदालत में इस्तगासा देकर इस मामले में न्याय की गुहार की थी। युवती ने हनुमानगढ़ निवासी अपने पति ओम प्रकाश गोदारा पर आरोप लगाया था कि वह अपना प्रोपर्टी डीलर का कारोबार बढ़ाने के लिए उसे नशे की गोलियां खिलाकर प्रभावशाली लोगों को परोसता ता। इसके बाद अदालत के आदेश पर 21 नवम्बर की रात जयपुर थाना वैशाली नगर में मामला दर्ज किया गया। मामले की जांच कर रहे निरीक्षक ने बताया कि जिनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है उनमें महिला का पति ओम प्रकाश गोदारा, पूर्व मंत्री जोगेश्वर गर्ग, पूर्व सांसद निहाल चन्द मेघवाल, राजस्थान विवि छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष पुष्पेंद्र भारद्वाज, भाजपा नेताओं के निजी सहायक रहे विवेकानन्द, डीएसपी अनिल राय, पुलिस निरीक्षक महावीर सिंह समेत 18 लोग शामिल हैं। इन सबके खिलाफ धारा 376/328/343/323/506 आईपीसी तथा 120बी के तहत मामला दर्ज किया गया है। चर्चित भंवरी देवी प्रकरण की तरह इस एक और सेक्स रैकेट से राजस्थान की राजनीति में नया उफान आ सकता है। जहां तक भंवरी देवी का प्रश्न है समझ नहीं आ रहा कि उसे जमीन निगल गई या आसमान खा गया? अखबार में छपी एक खबर के अनुसार भंवरी देवी की हत्या हो चुकी है लेकिन इस तथ्य के लिए सीबीआई को अभी सुबूत जुटाने हैं। यह बात सीबीआई ने बृहस्पतिवार को जोधपुर हाई कोर्ट में पेश स्टेटस रिपोर्ट में अदालत से कही है। इसी पर अदालत ने उसे 15 दिन का समय दिया। उधर आबू शहर की युवती ने आरोप लगाया है कि उसके पति ने उसकी 34 सीडी बनाई हैं और इनके जरिये वह संबंधित नेताओं को ब्लैकमेल करता था।
Anil Narendra, Bhanwri Devi, Daily Pratap, Rajassthan, Sex, Sex Racket, Sex Scandal, Vir Arjun