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Wednesday, 30 May 2012

आईपीएल-5 रोमांचक रहा पर शक के दायरे में ही आया

Vir Arjun, Hindi Daily Newspaper Published from Delhi
Published on 30 May 2012
अनिल नरेन्द्र
आईपीएल-5 शानदार तरीके से समाप्त हुआ। रविवार को खेला गया फाइनल मैच बहुत ही रोमांचक था। अगर यह कहें कि आईपीएल-5 का समापन मैच इससे अच्छा नहीं हो सकता था तो शायद गलत न होगा। शाहरुख खान की टीम कोलकाता नाइट राइडर्स आखिरकार पांचवीं कोशिश में पास हो गई। रविवार को खेले गए फाइनल में केकेआर ने पिछले दो बार के चैंपियन चेन्नई सुपरकिंग्स को पांच विकेट से हरा दिया। मैच का फैसला आखिरी ओवर की चौथी गेंद पर हुआ। विजेता टीम को 10 करोड़ और उपविजेता को 7.50 करोड़ रुपये की इनामी राशि मिली। किस्मत ने केकेआर का निश्चित रूप से साथ दिया। कम से कम दो किस्से ऐसे हुए जिससे केकेआर की जीत सम्भव हो सकी। पहला तब हुआ जब कैलिस ने एक शाट मारा। बाउंड्री पर खड़े माइक हसी ने कैच लपक तो लिया पर वह बाउंड्री लाइन क्रॉस कर गए। जिस बॉल पर कैलिस को आउट होना था वह छक्के में बदल गई। दूसरा किस्सा तब हुआ जब हिलफेन हास ने शाकीब अल हसन को गेंद फेंकी। शाकीब ने शाट मारा और और कैच हो गए पर कैच होने से पहले वह दो रन भाग चुके थे। एम्पायर ने इस बॉल को कमर से ऊपर होने के कारण वाइट करार दिया। वाइट होने के कारण हिलफेन हास को दोबारा बॉल करनी पड़ी और इस बार शाकीब ने चौका मार दिया। इस तरह एक ही बॉल से केकेआर को 7 रन मिल गए और उस समय केकेआर को 7 बॉलों में 16 रनों की दरकार थी। इन 7 रनों ने आखिरी ओवर का लक्ष्य आसान कर दिया। मनोज तिवारी ने दो चौके लगा दिए और केकेआर चैंपियन बन गया। केकेआर की यह पहली जीत थी। मालिक शाहरुख खान की खुशी का ठिकाना देखने लायक थी। शानदार टूर्नामेंट का शानदार क्लाइमैक्स रहा पर आईपीएल-5 विवादों से नहीं बच सका। सबसे बड़ा विवाद तो दिल्ली डेयर डेविल्स की परफार्मेंस को लेकर था। विवादित क्रिकेट लीग बनकर उभरी आईपीएल में गड़बड़ी का शक भी होने लगा है। क्या आईपीएल के रिजल्ट पहले से ही तय थे? शक करने के कई कारण दिखाई देते हैं। क्वालीफायर-1 और क्वालीफायर-2 में दिल्ली डेयर डेविल्स के अजीबो-गरीब फैसलों और आईपीएल की वेबसाइट में क्वालीफायर-2 के रिजल्ट के पहले ही दोनों फाइनलिस्टों के नाम आने के बाद शक होना लाजिमी है। 22 मई को केकेआर के खिलाफ पहले क्वालीफायर में भी सहवाग की कप्तानी में ऐसे फैसले देखने को मिले जिससे लगा कि दिल्ली हारने के लिए ही उतरी है। स्पिन ट्रैक होने के बावजूद सहवाग ने उस मैच में सिर्प एक स्पिनर को खिलाया जबकि केकेआर की ओर से तीन स्पिनर उतरे। यही नहीं लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली ने टेलर और इरफान पठान से पहले अपेक्षाकृत धीमी बल्लेबाजी करने वाले वेणुगोपाल राव और पवन नेगी को बल्लेबाजी के लिए उतारा। इन दोनों की धीमी बल्लेबाजी की वजह से बाद में टेलर और इरफान के लिए लक्ष्य पाना बहुत मुश्किल हो गया। यह सिलसिला यहीं नहीं थमा। क्वालीफायर-2 में तो सहवाग ने बीसीसीआई अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन की टीम चेन्नई सुपरकिंग्स के फाइनल में जाने के सारे रास्ते खोल दिए। शुक्रवार को हुए इस मैच में सहवाग ने चेन्नई की पिच पर टास जीतने के बावजूद पहले गेंदबाजी की। यही नहीं पूरे टूर्नामेंट में टाप फार्म में रहे दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाज मोर्नी मोर्केल को इस मैच में नहीं खिलाया गया और इनकी जगह कैरेबियाई आलराउंडर आद्रेरसल को शामिल कर लिया। सहवाग के इस निर्णय पर धोनी ने भी आश्चर्य जाहिर किया। यही नहीं पूरे टूर्नामेंट में बढ़िया प्रदर्शन करने वाले स्पिनर शाहबाज नदीम की जगह इस मैच में सन्नी गुप्ता को शामिल किया और उनसे पहला ही ओवर करवा डाला। गुप्ता ने तीन ओवर में 47 रन दिए और एक भी सफलता उनके हाथों में नहीं लगी। यही नहीं सहवाग ने इस टूर्नामेंट में पहली बार गेंदबाजी में हाथ आजमाए और एक ही ओवर में 21 रन दिए। सबसे आश्चर्य की बात यह रही कि 223 रन की विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली के ओपनिंग बल्लेबाजों में वीरेन्द्र सहवाग नदारद थे। उन्होंने वार्नर के साथ ओपनिंग में माहेला जयवर्द्धने को उतारा। उनमें न तो कांफिडेंस नजर आई और उनकी बाडी लैंग्वेज ने सारी कहानी कह डाली। वह सिर्प एक रन बनाकर चलते बने। माहेला जयवर्द्धने अच्छा खेल रहे थे पर एक बॉल पर जब वह बीट हुए तो वह खड़े तमाशा देखते रहे। उन्होंने वापस बैट रखने की कोई कोशिश नहीं की जबकि वह सम्भव है कि स्टम्प होने से बच सकते थे। दिल्ली डेयर डेविल्स ने अपने दिल्ली के फैंस को न केवल नाराज किया बल्कि सहवाग के आचरण से शक भी पैदा किया पर कुल मिलाकर आईपीएल-5 सफल रहा और सब ने इसका खूब मजा लिया। ऐसा नहीं कि टूर्नामेंट से कुछ अच्छा नहीं उभरा। कई युवा खिलाड़ी उभरे। बोर्ड ने यह भी फैसला किया कि आईपीएल नियमों की समीक्षा होगी और अगले सत्र में सभी घरेलू खिलाड़ियों की भी नीलामी होगी।
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Saturday, 19 May 2012

शाहरुख खान फिर फंसे विवाद में

Vir Arjun, Hindi Daily Newspaper Published from Delhi
Published on 19 May 2012
अनिल नरेन्द्र
आईपीएल यानि इंडियन प्रीमियर लीग अभी स्टिंग ऑपरेशन का सदमा झेल रही थी कि एक नया विवाद पैदा हो गया। मामला फिल्मों के सुपर स्टार किंग खान से संबंधित है। कोलकाता नाइट राइडर्स के मालिक शाहरुख खान महाराष्ट्र क्रिकेट संघ के अधिकारियों से कथित तौर पर भिड़ गए। मामला कुछ यूं था ः शाहरुख खान कुछ बच्चों के साथ कोलकाता नाइट राइडर्स बनाम मुंबई इंडियन मैच की समाप्ति पर वानखेड़े स्टेडियम पहुंचे और अपनी टीम के खिलाड़ियों से मिलने ड्रेसिंग रूम की तरफ चले गए और उनके साथ आए बच्चे मैदान में जाने का प्रयास करने लगे तो सुरक्षा गार्डों ने उन्हें रोक दिया। शाहरुख को जब इसका पता चला तो वह बाहर आकर सुरक्षा गार्डों से भिड़ गए और आपस में कहासुनी शुरू हो गई। एमसीए (महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन) अधिकारियों ने उन्हें बताया कि वे मैदान में नहीं जा सकते हैं। इस पर शाहरुख ने कहा कि मैं टीम का मालिक हूं और मुझे कैसे रोका जा सकता है? शाहरुख और एमसीए अफसर से बहस हो रही थी तभी यूसुफ पठान बीच-बचाव करने पहुंचे। सहायक पुलिस आयुक्त इकबाल शेख ने मौके की नजाकत समझी और वह शाहरुख को समझा-बुझाकर अपनी गाड़ी में बैठाकर स्टेडियम से ले गए। एमसीए की शुक्रवार को आपात बैठक होगी जिसमें शाहरुख पर स्टेडियम में प्रवेश पर आजीवन प्रतिबंध लगाने पर विचार होगा। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर बदसलूकी और उकसाने का आरोप लगाया है। एमसीए ने शाहरुख के खिलाफ मैरीन ड्राइव थाने में रिपोर्ट दर्ज करवा दी। उधर शाहरुख का कहना है कि वह नशे की हालत में नहीं थे और एमसीए अधिकारियों ने उनके बच्चों के साथ बदतमीजी की। शाहरुख ने आनन-फानन में बुलाई प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि मैं इस बात से इंकार नहीं करूंगा कि मैंने गाली दी, लेकिन यह सब तब शुरू हुआ जब एक शख्स पीछे से आया और मराठी में कुछ ऐसा अभद्र कहा जिसे मैं दोहराना नहीं चाहता। मैंने शराब नहीं पी रखी थी। मैं अपने बच्चों को लेने गया था। मेरे बच्चों के साथ सुरक्षा अधिकारियों ने हाथापाई की, जिसके बाद मेरा एमसीए अधिकारियों के साथ झगड़ा हुआ। सुरक्षा के नाम पर बच्चों के साथ हाथापाई नहीं की जा सकती। यह माफ करने लायक बात नहीं है। उन्हें मुझसे माफी मांगनी चाहिए। मामला पेचीदा है। यह ठीक है कि सेलीब्रेटी स्टेटस होने के कारण फिल्म सितारों की छोटी सी छोटी बात हैडलाइंस बन जाती है पर फिल्म सितारों को भी इसका अहसास होना चाहिए कि वह क्या कर रहे हैं और उसके क्या परिणाम होंगे। कुछ फिल्मी सितारे अपने आपको देश के कानून से ऊपर मानते हैं और हर जगह अपनी चलाना चाहते हैं। पुलिस और शाहरुख के बयानों में बहुत फर्प है। मामला दर्ज हो चुका है और छानबीन से ही पता चलेगा कि आखिर हुआ क्या? इस मामले में एक और नुकसान शाहरुख को यह भी हो सकता है कि उनकी टीम ने मुंबई की टीम को हराया था। सचिन को हराया था और शाहरुख मुंबई के खिलाफ ही मैदान में उतर गए। आखिर शाहरुख आज जो भी हैं वह मुंबई की वजह से हैं। मुंबई की फिल्म इंडस्ट्री की वजह से हैं। एक ट्विट आया कि शाहरुख को अपनी टीम का नाम कोलकाता नाइट राइडर्स से बदलकर कोलकाता नाइट फाइटर्स कर लेना चाहिए।
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Sunday, 15 April 2012

यह शाहरुख का अपमान नहीं भारत का अपमान है

Vir Arjun, Hindi Daily Newspaper Published from Delhi
Published on 15 April 2012
अनिल नरेन्द्र
पता नहीं, अमेरिका के इमिग्रेशन अधिकारियों को शाहरुख खान से क्या व्यक्तिगत खुंदक है कि जब भी वह अमेरिका जाते हैं उनसे बदसलूकी की जाती है। शाहरुख को एक बार फिर अमेरिका में लम्बी जलालत झेलनी पड़ी है। परसों किंग खान, उद्योगपति मुकेश अम्बानी की पत्नी नीता अम्बानी और कुछ अन्य लोगों के साथ न्यूयार्प एयर पोर्ट पहुंचे। दरअसल शाहरुख येल विश्वविद्यालय के निमंत्रण पर अमेरिका गए थे। सूत्रों के मुताबिक नीता और अन्य लोगों को तो तुरन्त जाने दिया गया लेकिन शाहरुख को रोक कर रखा गया। करीब 2 घंटे के बाद भारतीय कौंसुलेट जनरल के दखल देने पर शाहरुख को इमिग्रेशन क्लियरेंस जाकर मिल सकी। हमें समझ यह नहीं आता कि बार-बार ही शाहरुख को अमेरिकी इमिग्रेशन अपना निशाना क्यों बनाती है? इससे पहले भी एक बार 2009 में न्यूजर्सी एयर पोर्ट पर शाहरुख को रोका जा चुका है। शाहरुख ने तब कहा था कि मुझे इसलिए रोका गया क्योंकि मेरे नाम में खान जुड़ा है। तब कहा गया था कि शाहरुख का नाम उनके (अमेरिकी) सिस्टम में दर्ज था, ऐसे में शाहरुख को इमिग्रेशन क्लियरेंस देने के लिए सीनियर अधिकारियों की मंजूरी जरूरी थी। अगर साधारण शब्दों में कहा जाए तो अमेरिकी इमिग्रेशन की क्लियरेंस सूची में शाहरुख का नाम नहीं है और उनके नाम के आगे शायद यह दर्ज है कि अमुक व्यक्ति जब भी आए उसकी तलाशी लो और रोक कर घंटों तक सवाल-जवाब करो और उसको बेइज्जत करो। नहीं तो एक बार जब एक शख्स को रोका जाए, सवाल-जवाब किए जाएं और यह सब संतोषजनक हो तो फिर वही किस्सा हर बार क्यों दोहराया जाता है? शाहरुख खान किसी भी प्रकार से अमेरिका के लिए कोई सिक्यूरिटी थ्रैट नहीं हो सकते फिर भी हर बार जानबूझ कर उनको जलील करते हैं। शाहरुख खान न केवल भारत में ही बल्कि सारी दुनिया में एक सुपर स्टार के रूप में जाने जाते हैं। फिर आपकी येल जैसी प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ने उनको विशेष रूप से आमंत्रित किया, इस सबके बावजूद आप उस शख्स को जलील कर रहे हैं, आखिर क्यों? दरअसल अमेरिका की नजर में भारतीयों की कोई इज्जत नहीं। अगर ऐसा न होता तो 2009 में पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की दिल्ली में अमेरिकी एयर लाइंस के कर्मचारियों द्वारा तलाशी न ली जाती। पिछले साल भी उनकी दो बार अमेरिका में तलाशी ली गई। विस्फोटक की जांच के नाम पर श्री कलाम की जैकिट और जूते उतरवा लिए गए थे। 2010 में अमेरिका में भारतीय राजदूत मीरा शंकर को मिसिसिपी एयर पोर्ट पर तलाशी से गुजरना पड़ा था क्योंकि उन्होंने साड़ी पहन रखी थी। सन 2002 और 2003 में तो कमाल ही हो गया था जब पूर्व रक्षा मंत्री जार्ज फर्नांडीस को वाशिंगटन एयर पोर्ट पर न केवल रोका गया बल्कि उन्हें कपड़े उतरवा कर तलाशी देनी पड़ी। यह शाहरुख का निजी अपमान नहीं यह भारत का अपमान है। शाहरुख को तो कसम खा लेनी चाहिए कि बार-बार जलील होने से बेहतर है कि वह भविष्य में अमेरिका जाने से गुरेज करें। अगर इस नपुंसक भारत सरकार में दम है तो किसी बड़े अमेरिकी अधिकारी का इन्दिरा गांधी एयर पोर्ट पर रोक कर, कपड़े उतरवा कर तलाशी ले? पर क्या हमारे में इतनी हिम्मत है?
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Thursday, 2 February 2012

शाहरुख खान को आखिर गुस्सा क्यों आया?

हमारे बॉलीवुड सितारों की छोटी सी छोटी हरकत मीडिया की सुर्खी बन जाती है क्योंकि इन सितारों के बारे में फैन सब कुछ जानने-सुनने में दिलचस्पी रखते हैं। यही वजह है कि बॉलीवुड में किंग खान यानी शाहरुख खान जब एक पार्टी में किसी की पिटाई कर देते हैं तो वह ब्रेकिंग न्यूज बन जाती है। बॉक्स ऑफिस के बादशाह कहे जाने वाले शाहरुख खान क्या अपना सिंहासन डोलने से परेशान हो गए हैं? आरोप है कि शाहरुख ने फिल्म अग्निपथ की कामयाबी को लेकर सोमवार को जूहू के एक रेस्तरां में चल रही पार्टी में न सिर्प फरहा खान के पति शिरीष पुंद्रा को उनके बाल पकड़कर फर्श पर गिरा दिया बल्कि उनकी पिटाई भी की। ऋतिक रोशन, पियंका चोपड़ा और संजय दत्त, ऋषि कपूर अभिनीत फिल्म अग्निपथ की कामयाबी पर जूहू के रेस्तरां में संजय दत्त के दोस्त बाबा दीवान ने रविवार शाम पार्टी दी थी। पार्टी पूरी रात चली और सोमवार तड़के लगभग 3.30 बजे जब पूरे शबाब पर थी तभी वहां शाहरुख खान अपने तीन अंगरक्षकों के साथ पहुंचे। शाहरुख और पियंका सीधे फिल्म फेयर अवार्ड से वहां पहुंचे और वहां उन्हें फराह खान के पति और निर्माणाधीन फिल्म जोकर के निर्देशक शिरीष पुंद्रा दो लड़कियों के साथ खड़े दिखाई दिए। पत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शिरीष उस वक्त अपने दोस्तों के साथ हंसी-मजाक कर रहे थे और इसी दौरान कथिततौर से उन्होंने शाहरुख खान और पियंका चोपड़ा के रिश्तों को लेकर भी कुछ टिप्पणी की, जिसे शाहरुख ने सुन लिया। शाहरुख पहले से ही पुंद्रा से नाराज थे क्योंकि सूत्रों के मुताबिक शिरीष पुंद्रा ने सोशल वेबसाइट ट्विटर पर शाहरुख की फिल्म रा-वन की आलोचना की थी। शिरीष पुंद्रा से पहले से खफा चल रहे शाहरुख खान ने क्या सुना और वाकई शिरीष ने ऐसा क्या कहा जिससे शाहरुख एकदम उत्तेजित हो गए, ये तो पता नहीं चला लेकिन पार्टी में मौजूद लोग ये बातचीत पियंका के बारे में ही होने की बात कह रहे हैं। इसी से शाहरुख का गुस्सा बढ़ा और पत्यक्षदर्शियों के मुताबिक उन्होंने शिरीष के बाल पकड़कर उन्हें जमीन पर गिरा दिया। इसके बाद बताते हैं कि शाहरुख ने उनके चेहरे पर वार भी किए। मारपीट होते देख रेस्तरां के मालिक बाबा दीवान ने बीच बचाव करने की कोशिश की तो शाहरुख ने उन्हें बीच में न पड़ने की बात कही। इसके बाद संजय दत्त ने जबरदस्ती शाहरुख को शिरीष से अलग किया और अपनी बाहों में दबोच कर उन्हें रेस्तरां के बाहर ले आए। शिरीष ने शाहरुख की फिल्म रा-वन की रिलीज के वक्त भी इसे एक बकवास फिल्म साबित करने के लिए ट्विटर पर लगातार टिप्पणियां की थीं और सलमान खान की फिल्म दबंग के आगे इसे बेकार बताने की कोशिश की थी। पार्टी में फरहा खान मौजूद नहीं थीं। फिल्म तीसमार खां से पहले तक फरहा खान के रिश्ते शाहरुख से काफी अच्छे थे और उन्होंने शाहरुख को `मैं हूं ना' और `ओम शांति ओम' में निर्देशित भी किया। शिरीष तब बतौर फिल्म एडीटर शाहरुख से जुड़े थे। शाहरुख की तरफ से कोई बयान जारी तो नहीं किया गया पर एक चैनल ने शाहरुख से बात करने का दावा करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसी घटना से इंकार किया है। शाहरुख को करीब से जानने वालों का कहना है कि वह इन दिनों अपने करियर के तनाव भरे दौर से गुजर रहे हैं। उनकी होम पोडक्शन फिल्म रा-वन और उसके बाद डॉन-2 की कमाई को लेकर चाहे जितने दावे किए जाते रहे हों पर इस साल के पुरस्कारों में उन्हें खास तवज्जो नहीं मिल रही है। वह जहां भी जा रहे हैं बतौर मेहमान ही जा रहे हैं और साल के तकरीबन सारे बड़े पुरस्कार रणबीर कपूर को उनकी रॉकस्टार परफारमेंस की वजह से मिल रहे हैं और इससे भी शाहरुख तनाव में हैं। मुझे समझ नहीं आया कि स्कीन एवार्ड में शाहरुख को डॉन-2 के लिए कैसे बेस्ट एक्टर का पुरस्कार दिया गया? उल्लेखनीय है कि पहले भी एक बार ऐश्वर्या रॉय को लेकर की गई टिप्पणी के बाद शाहरुख और सलमान के रिश्तों में खटास पैदा हुई थी। अच्छी खबर यह है कि किंग खान और शिरीष पुंद्रा के बीच मेकअप हो गया है। दोस्ती कराने में अहम भूमिका निभाई है साजिद खान और साजिद नडियाडवाला ने। फरहा खान का कहना है कि हमने बीती बातों को भुला दिया है। टाइम्स नाऊ से बात करते हुए फराह ने कहा कि साजिद खान (फरहा के भाई) और साजिद नाडियाडवाला ने इसके लिए पहल की। साजिद (दोनों) फरहा और शिरीष चारों शाहरुख के घर गए थे। सबसे आपस में बातचीत कर मामला सुलझा लिया, जब फरहा से पूछा गया कि इस बारे में शिरीष का क्या कहना है तो उन्होंने कहा कि जो कुछ हुआ वह ठीक नहीं था। क्या वाकई ही मामला सुलझ गया है?
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Thursday, 2 June 2011

2-जी स्पेक्ट्रम घोटाले के 14वें आरोपी करीम मोरानी भी पहुंचे तिहाड़


Vir Arjun, Hindi Daily Newspaper Published from Delhi
Published on 2nd June 2011
अनिल नरेन्द्र
बॉलीवुड फिल्मों के निर्माता और किंग खान उर्प शाहरुख खान के मित्र करीम मोरानी आखिर धरे ही गए। सीबीआई विशेष अदालत के जज ओपी सैनी ने मोरानी की जमानत याचिका रद्द कर दी और जेल भेजने का आदेश सुना दिया। जमानत की सुनवाई के दौरान आरोपी द्वारा एक महीने से भी कम समय में सात अर्जी लगाए जाने पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया। जज ने कहा ऐसा लगता है कि जानबूझकर कानूनी टाल-मटोल का रास्ता अपनाया गया। उन्होंने कहा कि मोरानी 6 मई से लेकर 23 मई तक चिकित्सा के नाम पर हाजिर नहीं हुए जबकि 11 मई को सौंपे गए रिपार्ट में उनकी स्थित स्थिर और सामान्य बताई गई थी। आरोपी को जेल भेजने के साथ ही आरोप पत्र में शामिल सभी 14 आरोपी तिहाड़ जेल पहुंच गए। ये हैं 2-जी स्पेक्ट्रम घोटाले के 14 आरोपी ः ए. राजा सांसद-डीएमके, पूर्व केन्द्राrय संचार मंत्री सिद्धार्थ बेहुरा, पूर्व दूरसंचार सचिव आरके भदोलिया, निजी सचिव ए. राजा, विनोद गोयनका-स्वान टेलीकॉम पमोटर एवं निदेशक डीबी ग्रुप पा. लि., हरि नायर सीनियर वाइस पेसिडेंट, रिलायंस, आसिफ बलवा निदेशक, पुंसेगांव पूट्स एवं वेजिटेबल पा. लि., राजीव अग्रवाल निदेशक पुंसेगांव पूट्स एवं वेजिटेबल पा. लि., संजय चंद्रा निदेशक यूनिटेक वायरलेस (तमिलनाडु) पा.लि., कनिमोझी सांसद डीएमके, स्टाक होल्डर (20 पतिशत, कलेंगनार टीवी पा. लि.), शरद कुमार निदेशक एवं स्टाक होल्डर (20 पतिशत कलेंगनार टीवी पा. लि.) और करीम मोरानी निदेशक सिनेयुग मीडिया पा. लि.।
आरोप के अनुसार डीबी रियलिटी से 200 करोड़ पुंसेगांव पूट्स एवं वेजिटेबल पा. लि. और वहां से सिनेयुग मीडिया पा. लि. के जरिए कलेंगनार टीवी पा. लि. को मिले। पैसा स्वान टेलीकॉम को स्पेक्ट्रम आवंटन के बदले में दिया गया था। सीबीआई के मुताबिक सौदेबाजी में सबसे बड़ी भूमिका करीम मोरानी की रही है जिन्होंने छह करोड़ का फायदा उठाया। सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कहा कि मोरानी को जानकारी थी कि यह दूषित पैसा है। उन्होंने लोन लेकर कलेंगनार को लोन दिया जबकि सिनेयुग गैर वित्तीय कंपनी भी नहीं है। डीबी रियलिटी के एकाउंटेंट सतीश अग्रवाल ने बताया कि पुंसेगांव को दो सौ करोड़ 23 दिसम्बर 2008 से लेकर 11 अगस्त 2009 के बीच बिना कोई समझौते के ही दे दिया गया। उसके बाद यही पैसा वहां से सिनेयुग में चला गया।
सीबीआई अदालत में एक तरफ मोरानी की जमानत पर बहस हो रही थी तो दूसरी तरफ फिल्मी हिरोइनों की मौजूदगी से अदालत में हलचल मच गई। आने वाली फिल्म `आलवेज कभी-कभी' की नायिका जोया मोरानी उस समय भावुक हो गई जब उसके पिता को जेल भेज देने का आदेश सुनाया गया। कोर्ट रूम में वह कभी अपनी मां का मुंह ताकती रही, कभी अपनी बहन का तो कभी पिता को निहार रही थी। जब पुलिस मोरानी को लॉक-अप में ले जाने लगे तो जोया जमीन पर बैठकर बुहत देर तक रोती रही। आखिरकार एक महिला ने आकर जब ढांढस बंधाया तब जाकर संभली। कोर्ट में एक और नायिका भी आई हुई थीं, अभिनेत्री खुशबू। खुशबू कनिमोझी और ए. राजा से मिलने आई थी। अब सब आरोपियों की तिहाड़ में महफिल लगेगी।
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