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Thursday, 13 April 2023
क्यों बढ़ रहे हैं युवाओं में हार्ट पेल?
तंदरुस्त युवाओं की हंसते-हंसते, खेलते-खेलते अचानक हार्ट अटैक से मौत के बढ़ते मामलों में वेंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय चिंतित है। कोरोना के बाद हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों से शक की सूईं कोविड या उससे बचने के लिए ली गईं दवाएं और वैक्सीन पर भी जा रही है। लॉकडाउन में खानपान, रहन-सहन में आए बदलावों के कारण सेहत पर प्रातिवूल प्राभावों की आशंका भी है। मेरे कईं जानने वाले जिम में ही चल बसे। कहा जा रहा है कि युवा अपनी बॉडी (सिक्स पैक) बनाने के चक्कर में जरूरत से ज्यादा स्टिरायर्डस पर निर्भर हो रहे हैं और यही जानलेवा बन रही है। हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों के कारणों का पहली बार व्यापक अध्ययन होने जा रहा है।
खासकर कोविड-19 महामारी के बाद लोग टीकाकरण को हृदय संबंधी समस्याएं बढ़ने के लिए भी जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस तरह की आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा है कि इस बात के कोईं प्रामाण नहीं हैं कि टीका लगवाने से दिल का दौरा हो सकता है।
ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज के अनुसार भारत में लगभग एक चौथाईं (24.8 प्रातिशत) लोगों की मौत हृदय रोगों के कारण होती है। हाल के दिनों में देखा गया है कि कईं बड़ी हस्तियों, कलाकारों, एथलीटों और खिलाड़ी जो आमतौर पर फिट रहते हैं और दिल की बीमारी की उनके कोईं हिस्ट्री नहीं है, उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उनमें से वुछ की मौत भी हो गईं।
स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईंसीएमआर) से मेयोकॉर्डियलर पंक्शन यानि हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों के अध्ययन में कहा है। सूत्रों के अनुसार अध्ययन में आईंसीएमआर ने नेशनल सेंटर फॉर डिजीज वंट्रोल (एनसीडीसी) की मदद से दो तरीकों से ऑकस्मिक मौत की बारीकियों को समझने का मॉडल से स्टडी के लिए विशेषज्ञों की अलग-अलग टीमें बना ली हैं। सरकार ने हाल में ही राज्यसभा में आईंसीएमआर की एक रिपोर्ट के हवाले से बताया कि 2016 में होने वाली वुछ मौतों में से 28.1 प्रातिशत हार्ट अटैक और दिल की बीमारियों की वजह से हुईं। वहीं साल 1990 में यह आंकड़ा 15.2 प्रातिशत था।
रिपोर्ट के अनुसार हार्ट अटैक से मौतों का कारण मुख्य रूप से तंबावू और शराब का उपयोग, बढ़ता जंक पूड और कम शारीरिक श्रम है।
अशोका यूनिवर्सिटी के त्रिवेंद्र स्वूल ऑफ बॉयोसाइसिस के डीन डॉ. अनुराग अग्रावाल ने बताया—दिल के दौरे के मामलों में वृद्धि को इस प्राकार सबसे अच्छी तरह समझा जा सकता है कि लगभग हर व्यक्ति को कोविड हुआ था, वुछ लोगों को कईं बार। हालांकि इस बात का कोईं सुबूत नहीं है कि दिल के दौरे का कोविड वैक्सीन से कोईं संबंध है। पर दिल के दौरे सहित हृदय संबंधी जटिलताओं का खतरा उन व्यक्तियों में बढ़ जाता है जो कोविड-19 से गंभीर रूप से बीमार रहे हैं।
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