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Thursday, 2 January 2025
54 किलो सोने की कार
कुछ दिन पहले भोपाल के मेंडोरी में से 54 किलो सोना और 10 करोड़ रुपए नकदी के अलावा परिवहन विभाग की काली कमाई से जुड़ी एक डायरी भी मिली। यह गुरुवार-शुक्रवार की दरम्यानी रात में एक इनोवा कार से मिली। भोपाल के दूर-दराज इलाके मेंडोरी के जंगल में खड़ी इस कार में 54 किलोग्राम सोना और 10 करोड़ रुपए नकद मिले थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ हथियार बंद लोग इसे छोड़कर जाते हुए देखे गए थे। इसके बाद आयकर अधिकारी मौके पर पहुंचे और कार, सोना और नकदी अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद मामले में एक बड़ा मोड़ आया है। मध्य प्रदेश के एक पूर्व अधिकारी (सरकारी कर्मचारी) के नेतृत्व में करोड़ों के लेन-देन का खुलासा हो रहा है। आयकर विभाग के अलावा प्रवर्तन निदेशालय, राजस्व, खुफिया निदेशालय और लोकायुक्त जैसी कई एजेंसियां मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही हैं। मध्यप्रदेश पfिरवहन विभाग में कांस्टेबल रहे सौरभ शर्मा जांच के केंद्र में हैं। उनके घर पर छापामारी में 2.87 करोड़ रुपए नकद और 234 किलो चांदी समेत 7.98 करोड़ रुपए की संपत्ति मिली है जिस कार से पैसा बरामद हुआ वे चेतन गौर के नाम पर है। वह भी सौरभ शर्मा का साथी बताया जा रहा है, जिसकी जांच चल रही है। जानकारी के मुताबिक सौरभ अब दुबई भाग गया है। पैसे के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच एजेंसियें की कोशिशों में उसके बारे में यह कहानियां सामने आ रही हैं। परिवहन विभाग के कांस्टेबल के तौर पर काम करने वाले सौरभ शर्मा ने नौकरी छोड़कर रियल स्टेट के कारोबार में कदम रखा और उच्च अधिकारियों से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले भी सामने आ रहे हैं। सौरभ के पिता आरके शर्मा सरकारी डाक्टर थे। 2015 में उनकी मृत्यु के बाद सौरभ को अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिली थी। उसने 2023 में नौकरी छोड़ दी। इसके बाद उसने रियल स्टेट के क्षेत्र में कदम रखा और बड़े बिल्डरों से नजदीकियां बढ़ाई। इसके बाद उसने तेजी से तरक्की की। एक स्कूल, होटल और कई अन्य प्रतिष्ठान उसके, उसकी मां, पत्नी, करीबी रिश्तेदार और दोस्तों के नाम पर बनाए गए। आयकर विभाग ने करीब 100 करोड़ रुपए के अवैध लेन-देन का पता लगाया है। परिवहन विभाग के पूर्व सिपाही सौरभ शर्मा ने सिर्फ सात साल की अनुकंपा नियुक्ति से इतनी अकूत संपत्ति जुटा ली, जिसे देखकर सभी हैरान हैं। एक सिपाही के घर से 232 किलो चांदी (कीमत पौने दो करोड़) और 1.32 करोड़ कैश मिले। फार्म हाउस के ऊपर कार से बरामद 54 किलो सोना और 11 करोड़ कैश का लिंक भी उसी से जुड़ रहा है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सौरभ ने अकेले दम पर इतना बड़ा साम्राज्य खड़ा किया? या इसके पीछे किसी बड़े नेता का हाथ है? नेता, अफसरों का वरदान न हो तो एक सिपाही इतनी अकूत संपत्ति जुटा ही नहीं सकता। सौरभ फिलहाल फरार है। शायद ही पूरे किस्सों का पता चले। पूरे मामले को दबा दिया जाएगा ताकि इसके पीछे के राज कभी न खुलें।
-अनिल नरेन्द्र
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