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Friday, 5 August 2022
किस्सा चीनी रामपुरी चावुओं का
दिल्ली पुलिस ने इंडो-चाइनीज इंटरनेशनल नाइफ स्मगलिंग के बड़े मामले का खुलासा करने का दावा किया है। इनसे 14053 बटनदार चावू बरामद किए गए हैं, जो रामपुरी चावू के नाम से वुख्यात हैं। इस बड़े मामले का खुलासा होने के बाद अब इसमें कईं दूसरी एजेंसियां भी शामिल हो गईं हैं। कस्टम, ऑनलाइन बिजनेस पर वंट्रोल करने वाली एजेंसियों के अलावा इंटरनेशनल एक्सपोर्ट लाइसेंस जारी करने वाली एजेंसियां भी जांच करके पता करेंगी कि इस पूरे नेक्सस का असल मकसद क्या है? इस रैकेट का खुलासा होने के बाद कईं खामियां भी सामने आईं हैं। रैकेट के जिन पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनसे पूछताछ में कईं चौंकाने वाली जानकारियां सामने आईं हैं। डीसीपी बेनिता मेरी जैकर ने बताया कि एक-एक करके पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पता चला है कि एक साल में यह लोग 19000 बटनदार चावू मंगवा चुके हैं। इसका बिल पुलिस को मिला है। यह अंदाजा लगाना मुश्किल है कि बिना बिल का कितना माल इन्होंने सेल-परचेज किया होगा। चितरंजन पार्व की पुलिस टीम ने 14053 चावू बरामद किए हैं। वह सभी बटनदार हैं और फाइन क्वालिटी के हैं। इनका इस्तेमाल घरों में सब्जी काटने या दूसरे कामों के लिए नहीं होता। यह अकसर व््िरामिनलों के पास ही मिलते हैं क्योंकि बटनदार होने के चलते वह इसे आसानी से जेब में डाल लेते हैं और जैसे ही शिकार उनके सामने आता है, बटन दबाकर वह धारदार हथियार हमले का औजार बन जाता है।
इसके साइज अलग-अलग होते हैं। देखने में भी यह खतरनाक लगते हैं।
चितरंजन पार्व की पुलिस टीम ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें एक बड़ा कारोबारी शामिल है। पुलिस ने फ्लिकार्ट और मीशो वंपनी को नोटिस जारी किया है। अगर किसी चावू में बटन है, उनका ब्लेड 7.62 सेंटीमीटर से बड़ा है और 1.62 सेंटीमीटर से चौड़ा है, तो उसे रखना अवैध है। 18 जुलाईं को पीसीआर कॉल से सीआर पार्व की पुलिस को एक संदिग्ध बैग के बारे में जानकारी मिली थी। मौके पर पहुंचने पर पुलिस ने बैग से 80 चावू बरामद किए थे। एसीपी मन हिमांशु, एसएचओ रितेश वुमार शर्मा, इंस्पेक्टर जितेंद्र मलिक की टीम ने छानबीन करते हुए मालवीय नगर में कपड़े की दुकान चलाने वाले मोहम्मद शाहिल को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद दूसरे आरोपी मोहम्मद वसीम को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद मोहम्मद यूसुफ और आशीष समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अकसर फिल्मों में सुनने को मिलता है कि यह रामपुरी चावू है। पहले उत्तर प्रादेश के रामपुर में कारीगर यह चावू बनाते थे। जब से इंडिया में इस तरह के चावू पर प्रातिबंध लगा तब से चाइना ने इन्हें बनाकर भारत में खपाना शुरू कर दिया। वहां से रामपुरी चावू दूसरे सामान की आड़ में चोरी-छिपे इंडिया मंगवाए जाने लगे। पूछताछ में पता चला कि चीन से सैकड़ों-हजारों की तादाद में बटनदार चावू मंगवाए जाते हैं। लेकिन इनका डिस्पोजल एक- एक करके किया जाता था। पुलिस को अंदेशा है कि 14000 चावू मंगवाने का मतलब है कि देशभर में कम से कम 14000 व््राइम का यह औजार है।
——अनिल नरेन्द्र
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