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Tuesday, 25 July 2017

टेलीकॉम सेक्टर में घमासान तय है

बीते साल सितम्बर में मुफ्त कॉलिंग और डाटा की सुविधा देकर 12.5 करोड़ ग्राहकों का विशाल परिवार बनाने के बाद अब रिलायंस जियो ने हैंडसेट के बाजार को भी अपनी जेब में करने के लिए इंटेलिजेंस स्मार्ट फोन लांच करने की घोषणा की है वह भी ग्राहकों को मुफ्त मिलेगा और कॉलिंग भी फ्री होगी। 15 अगस्त से यह फोन प्रशिक्षण के लिए उपलब्ध होगा। 24 अगस्त से बुकिंग शुरू होगी। `पहले आओ-पहले पाओ' के आधार पर सितम्बर में डिलीवरी होगी। 50 लाख लोगों तक फोन पहुंचाने का लक्ष्य हर हफ्ते रखा गया है। स्कीम के तहत अनलिमिटेड डाटा मिलेगा और जियो अनलिमिटेड धन धना धन प्लान सिर्फ 153 रुपए में उपलब्ध होगा। शुक्रवार को मुफ्त में 4जी मोबाइल फोन के ऐलान के साथ ही जिस तरह के एयरटेल और वोडाफोन जैसी बड़ी मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों के शेयर गिरे हैं, उससे भविष्य में इस सेक्टर में मचने वाली उथल-पुथल की झलक साफ मिल रही है। सिर्फ मोबाइल सेवा देने वाली कंपनियां ही नहीं, बल्कि केबल टीवी के क्षेत्र में सक्रिय टाटा स्काई, डिश और अन्य टीवी जैसे खिलाड़ियों के भी शेयर गिरे हैं क्योंकि रिलायंस जिओ अपने फीचर फोन के साथ एक केबल भी दे रहा है जिससे टीवी से जोड़कर वीडियो प्रोग्रामिंग का मजा भी लिया जा सकता है। इससे पहले एयरटेल और वोडाफोन ने जियो के खिलाफ ट्राई में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन रिलायंस अपनी राह चलती रही क्योंकि एक तो उसे ग्राहकों का समर्थन हासिल था और दूसरा उसे सरकार द्वारा संरक्षण मिलने का भरोसा। नतीजा यह हुआ कि बाकी कंपनियों को भी अपनी कॉल व डाटा दरों में संशोधन करना पड़ा। भारत के संचार बाजार के बारे में यह माना जाता है कि इसमें आगे विस्तार की संभावना काफी सीमित हो चुकी है। देश में इस समय एक अरब से ज्यादा मोबाइल फोन कनैक्शन हैं यानि औसतन हर वयस्क के पास एक मोबाइल फोन है। रिलायंस जियो का असली लक्ष्य फिक्सड लाइन सर्विस है। मुकेश अंबानी ने शेयरधारकों के सवाल का जवाब देते हुए कहाöअब घर और उद्यम, दोनों को फिक्सड लाइन कनेक्टिविटी देने की योजना है। जहां एयरटेल, वोडाफोन व अन्य सर्विस प्रोवाइडर के लिए आगे का समय बहुत चुनौतीपूर्ण हो गया है वहीं रिलायंस ने लगता है तय कर लिया है कि वह इन कंपनियों को तबाह करके छोड़ेगी। रहा सवाल ग्राहकों का तो उनके दोनों हाथों में लड्डू होंगे। मोबाइल और इंटरसेट सेवाएं सस्ती होंगी। बाजार में इस नई स्पर्द्धा से संचार क्षेत्र का यह संकट और गहरा सकता है। कुछ कंपनियों का तो भविष्य ही दाव पर लग गया है।

-अनिल नरेन्द्र

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