Translater
Thursday, 2 March 2023
अडाणी की गिरती साख
सिर्प एक महीने पहले गौतम अडाणी की गिनती दुनिया के तीसरे नम्बर के सबसे अमीर शख्स के रूप में होती थी लेकिन अमेरिकी रिसर्च फर्म हिडनबर्ग की नकारात्मक रिपोर्ट आने के बाद उनकी अगुवाईं वाले समूह के शेयरों में इस कदर बिकवाली हुईं कि अब वह सबसे अमीर लोगों की सूची में 30वें स्थान पर आ गए हैं। अडाणी की सम्पत्ति में गिरावट आने के साथ ही रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी फिर से देश के 10वें सबसे अमीर शख्स हैं। बंदरगाह, हवाईं अड्डा, खादृा तेल, बिजली, सीमेंट और डेटा वेंद्र जैसे तमाम क्षेत्रों में कारोबारी दखल रखने वाले अडाणी समूह के शेयरों में बीते एक महीने में भारी बिकवाली हुईं। आंकड़ों के मुताबिक अडाणी समूह की 10 वंपनियों के सम्मिलित बाजार मूल्यांकन में इस दौरान 12.06 लाख करोड़ की बड़ी गिरवट आईं है। हिडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट 24 जनवरी को जारी की गईं थी जिसमें अडाणी समूहों पर शेयर के दाम बढ़ाने में हेरापेरी और फजा विदेशी वंपनियों का इस्तेमाल करने के गंभीर आरोप लगाए गए थे। हालांकि अडाणी समूह ने इन आरोपों को झूठा एवं आधारहीन बताते हुए उन्हें खारिज कर दिया था। अडाणी समूह की तरफ से दिए गए तमाम स्पष्टीकरण के बाद भी इसके शेयरों में गिरावट का सिलसिला लगातार जारी है। सर्वाधिक नुकसान अडाणी टोटल गैस लिमिटेड को हुआ है जिसके बाजार मूल्यांकन में 80.68 प्रातिशत की बड़ी गिरावट हो चुकी है। इसी तरह अडाणी ग्रीन एनजा का मूल्यांकन 74.62 प्रातिशत घट गया है। अडाणी ट्रांसमिशन के बाजार मूल्य में 24 जनवरी से अब तक 74.21 प्रातिशत की गिरावट आईं है। वहीं अडाणी एंटरप्राइजेज का मूल्यांकन करीब 62 प्रातिशत तक गिर चुका है। अडाणी पॉवर और अडाणी विल्मर के अलावा इसकी सीमेंट वंपनियों—अम्बूजा सीमेंट्स एवं एसीसी के बाजार पूंजीकरण में भी इस दौरान गिरावट दर्ज की गईं है। इसके साथ ही मीडिया वंपनी एनडीटीवी और अडाणी पोट्र्स एंड एसईंएजेड को भी मूल्यांकन में खासा नुकसान हुआ है। अगर गौतम अडाणी की व्यक्तिगत पूंजी की बात करें तो उनका मूल्यांकन 120 अरब डॉलर से घटकर 40 अरब डॉलर (3317.02 अरब रुपए) से भी कम रह गया है। इस तरह उनके व्यक्तिगत मूल्यांकन में 80 अरब डॉलर (6634.04) अरब रुपए यानि दो-तिहाईं की गिरावट आ चुकी है। यह गिरावट लगातार जारी है। हालांकि अडाणी को बचाने के लिए सरकार ने पूरी ताकत लगा दी है। इतना सब वुछ होने के बावजूद गौतम अडाणी के खिलाफ कोईं सरकारी एजेंसी किसी भी प्राकार की जांच नहीं कर रही पर वहीं स्टॉक माव्रेट अडाणी को नहीं दबा रहा है और उनके शेयरों में गिरावट के थमने का नाम नहीं ले रहा है।
——अनिल नरेन्द्र
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment