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Tuesday, 7 March 2023
भ्रष्टाचार बना कैंसर
उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि पैसों की भूख ने भ्रष्टाचार को कैंसर की तरह पनपने में मदद की है। सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ की भारतीय जनता पाटा (भाजपा) नीत पूर्ववता रमन सिह सरकार के प्राधान सचिव रहे अमन वुमार सिह और उनकी पत्नी के खिलाफ आय के ज्ञात रत्रोत से अधिक सम्पत्ति के मामले में दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने के उच्च न्यायालय के पैसले को रद्द करते हुए उक्त टिप्पणी की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पैसों की कभी तृप्ति न होने वाली भूख ने भ्रष्टाचार को कैंसर जैसा बना दिया है।सभी संविधानिक अदालतों को भ्रष्टाचार के प्राति शून्य सहनशीलता दिखानी होगी और इसमें लिप्त सभी अपराधियों पर कड़ी कार्रवाईं करनी चाहिए।यह देश की जनता के प्राति अदालतों का कर्तव्य है। शीर्ष अदालत के इस पैसले के साथ ही सिह और उनकी पत्नी के खिलाफ मुकदमा चलाने का रास्ता साफ हो गया है। न्यायालय ने कहा कि संविधान के तहत स्थापित अदालतों को देश के लोगों के प्राति कर्तव्य है कि वह दिखाएं कि भ्रष्टाचार को कतईं बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। साथ ही वह अपराध करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाईं भी करें। न्यायमूर्ति एस. रवीन्द्र भट और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ ने उच्च न्यायालय के आदेश को रद्द करते हुए कहा कि संविधान की प्रास्तावना में धन का समान वितरण कर भारत में लोगों के लिए सामाजिक न्याय सुनिाित करने का वादा किया गया है। जिसे पूरा करने में भ्रष्टाचार एक बड़ी बाधा है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने आय के ज्ञात रत्रोतों से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने के आरोप में राज्य के पूर्व प्राधान सचिव अमन सिह और उनकी पत्नी के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को निरस्त करते हुए कहा था कि मामला दर्ज करना कानून की प्राव््िराया का दुरुपयोग का और आरोप प्राथम दृष्ट्या संभावनाओं पर आधारित थे। बाद में नवम्बर 2022 में वह कारपोरेट कस्टोडियन एंड कारपोरेट अपेयर्स प्रामुख के रूप में अडाणी समूह से जुड़े। बाद में जब अडाणी समूह ने समाचार चैनल एनडीटीवी को खरीदा तो सिह चैनल के बोर्ड के सदस्यों के रूप में नियुक्त किए गए। पीठ ने कहा—यह पूरे समुदाय के लिए शर्म की बात है कि हमारे संविधान निर्माताओं के मन में जो ऊंचे आदर्श थे, उनका पालन करने में लगातार गिरावट आ रही है और समाज में नैतिक मूल्यों का ह्रास तेजी से बढ़ रहा है। पीठ ने कहा कि भ्रष्टाचार की जड़ का पता लगाने के लिए अधिक बहस की आवश्यकता है। माननीय सुप्रीम कोर्ट ने सही ही कहा है कि भ्रष्टाचार वैंसर की तरह पैलता जा रहा है। पिछले वुछ वर्षो में उम्मीद की जाती थी कि वेंद्र सरकार की सख्ती की वजह से भ्रष्टाचार में गिरावट आएगी पर हो इससे उल्टा रहा है। आज कोईं भी काम भ्रष्टाचार के बिना नहीं होता। रिश्वत का स्तर भी सख्ती के साथ बढ़ता चला जा रहा है और सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार दुख से कहना पड़ता है कि सरकारी कामों में हो रहा है। यह दुख की बात है कि भाजपा के तत्कालीन मुख्यमंत्री के प्राधान सचिव भ्रष्टाचार केस में पंस गए हैं।
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