Translater
Tuesday, 24 October 2023
सवालों में घिरी तृणमूल सांसद महुआ
संसद में सवाल के बदले रिश्वत लेने के मामले में तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। हीरानंदानी समूह के सीईंओ दर्शन हीरानंदानी ने बृहस्पतिवार को कहा कि महुआ ने प्राधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बदनाम करने के लिए गौतम अडाणी पर निशाना साधा।
हीरानंदानी पर अडाणी समूह के बारे में सवाल पूछने के लिए महुआ को भुगतान का आरोप लगा है। हीरानंदानी के निजी हलफनामे को उनके सरकारी गवाह बनने के रूप में देखा जा रहा है। हीरानंदानी के निजी हलफनामे को उनके सरकारी गवाह बनने के रूप में देखा जा रहा है।
हीरानंदानी ने निजी हलफनामे के जरिए 12 बिदुओं में अपनी बात रखी है। हलफनामे में हीरानंदानी ने माना कि महुआ अडाणी पर निशाना साध सवें, इसलिए सांसद के लॉग-इन और पासवर्ड का इस्तेमाल कर रहे अडाणी के बारे में सूचनाएं दी। व्यवसायी का दावा है कि महुआ ने उनसे महंगी और विलासता की वस्तुओं की निरंतर मांग की। इनमें दिल्ली में उनके आधिकारिक बंगले को नवीनीकरण में सहायता, यात्रा खर्च और देश-विदेश की यात्राओं में मदद शामिल थी। हीरानंदानी ने आरोप लगाया कि मोदी को बदनाम करने के लिए गौतम अडाणी पर निशाना साधने में कईं पत्रकारों ने भी अपुष्ट सूचनाओं के जरिए महुआ की मदद की। उधर महुआ ने हीरानंदानी की स्वीकारोक्ति पर सवाल उठाया है। महुआ ने एक्स पर लिखा — हीरानंदानी ग्राुप ने तीन दिन पहले अधिकारिक विज्ञप्ति जारी कर सारे आरोपों को आधारहीन बताया था फिर 19 अक्टूबर को अनुमोदक हलफनामा (अप्राूवर एफिडेविट) दाखिल किया है। हीरानंदानी को अब तक सीबीआईं, लोकसभा एथिक्स कमेटी अथवा किसी जांच एजेंसी की ओर से समन नहीं किया गया है तो फिर उन्होंने किसे हलफनामा दिया है? जो बयान दिया है, वह उन्होंने लिखा है या फिर इसका मसौदा प्राधानमंत्री कार्यांलय ने तैयार किया है। बयान भी सपेद कागज पर लिखा है, अधिकारिक लैटर हैड पर नहीं। उनकी भी नोटरी भी नहीं हुईं है, सिर पर बंदूक ही ताने पर क्या हीरानंदानी जैसे उदृाोगपति इस तरह सपेद कागज पर हस्ताक्षर करेंगे। सांसद निशिकांत दुबे के अनुरोध पर लोकसभा अध्यक्ष ने उनके अनुरोध पत्र को आचार समिति को सौंप दिया। आचार समिति के चैयरमेन विनोद सोनकर ने कहा कि पहले सांसद निशिकांत दुबे के पत्र की जांच की जाएगी और हीरानंदानी के हलफनामे को परखा जाएगा।
इनके बाद जरूरत पड़ी तो महुआ मोइत्रा को भी बुलाया जाएगा। महुआ के नियमों के उल्लघंन के सवालों पर सोनकर ने कहा कि मुझे लगता है कि मामला प्राथम दृष्टया से ऊपर चला गया है क्योंकि दर्शन हीरानंदानी ने खुद हलफनामा देकर पूरे मामले को साफ करने की कोशिश की है, बता दें कि निशिकांत दुबे ने महुआ मोइत्रा पर संसद में सवाल पूछने के लिए हीरानंदानी से पैसे और तोहपे लेने का आरोप लगाया था। दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में कहा था कि हाल तक लोकसभा में महुआ के पूछे गए 61 सवालों में से 50 सवाल अडाणी समूह पर वेंद्रित थे। उधर दिल्ली हाईंकोर्ट में चल रहे महुआ द्वारा मानहानि केस में अदालत ने अगली सुनवाईं 31 अक्टूबर के लिए तय कर दी है। निशिकांत दुबे, हीरानंदानी द्वारा इस चव््राव्यूह में देखें, महुआ मोइत्रा वैसे बाहर निकलती हैं?
——अनिल नरेन्द्र
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment