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Tuesday, 27 February 2018

विश्व कप में पदक जीतने वाली पहली जिम्नास्ट

चार साल पहले ग्लासगो में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में दीपा करमाकर ने जिम्नास्टिक में पदक जीतकर देश का नाम इस खेल में स्थापित किया था। अब ठीक चार साल बाद एक और भारतीय ने इस खेल में देश का नाम रोशन किया है। भारत की अरुणा बुद्धा रेड्डी ने शनिवार को जिम्नास्टिक विश्व कप में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। अरुणा महिलाओं के वोल्ट इवेंट में 13.649 के स्कोर के साथ विश्व कप में व्यक्तिगत पदक जीतने वाली भारत की पहली जिम्नास्ट हैं। 22 वर्षीय रेड्डी तीसरे स्थान पर रहीं। स्लोवानिया की जासा कैसलेफ ने स्वर्ण और आस्टेलिया की एमिली वाइटहेड ने रजत पदक जीता। एक और भारतीय खिलाड़ी प्रणति नायक ने 13.416 अंकों के साथ छठा स्थान हासिल किया। प्रणति ने क्वालीफिकेशन राउंड में 13.483 अंक के साथ चौथे स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाई थी। जबकि अरुणा रेड्डी क्वालीफिकेशन राउंड में 13.566 अंकों के साथ दूसरे नम्बर पर रही थीं। इस वोल्ट के इवेंट में 11 जिम्नास्टों ने हिस्सा लिया था। इनमें से आठ ने फाइनल में जगह बनाई। तेलंगाना की अरुणा की पहली पसंद जिम्नास्टिक नहीं थी। वे कराटे खेलना चाहती थी। पर कोच ने अरुणा की फ्लेक्सिबिलिटी को देखते हुए उन्हें जिम्नास्ट बनने की सलाह दी। वह 2010 में कम उम्र के कारण दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा नहीं ले सकी थीं। अरुणा ने वर्ल्ड कप में मेडल जीतकर कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए भी दावा ठोक दिया है। अप्रैल में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में दीपा करमाकर हिस्सा नहीं ले रही हैं। दीपा करमाकर चोट के कारण ट्रायल में हिस्सा नहीं ले सकी। विश्व स्तर पर यह भारत का तीसरा पदक है। आशीष कुमार ने दिल्ली में हुए 2010 राष्ट्रमंडल खेलों में पहला पदक जीता था। उसके बाद ग्लासगो में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में दीपा करमाकर पदक हासिल कर किसी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीतने वाली पहली महिला (भारतीय) बनी थीं। दीपा 52 वर्षों में ओलंपिक क्वालीफाई करने वाली पहली भारतीय महिला जिम्नास्ट भी बनी जो रियो ओलंपिक में चौथे स्थान पर रहकर पदक से चूक गई थी। अरुणा रविवार को होने वाली फ्लोर स्पर्धा में भी भाग लेंगी। अन्य स्पर्धाओं में भारत के राकेश पात्रा रिंग्स में चौथे स्थान पर रहे। वह पैरलल बार में फाइनल राउंड की होड़ में शामिल हैं। इस विश्व कप में 16 देश भागीदारी कर रहे हैं। अरुणा रेड्डी को बधाई। उन्होंने इस खेल में भी भारत का परचम लहराया।

-अनिल नरेन्द्र

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