Sunday 23 September 2018

नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब देने की जरूरत

कुछ लोगों को उम्मीद थी कि शायद पाकिस्तान में निजाम बदलने से पाक-भारत रिश्तों में नई शुरुआत होगी। इमरान खान के नेतृत्व में नई सरकार बनने के बाद उनके भारत के साथ रिश्ते सुधारने की बात करने से लगा कि शायद दोनों देशों में शांति वार्ता फिर से शुरू होगी। पर पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा। पाकिस्तानी सेना यह माहौल बनने ही नहीं देगी। पाकिस्तान ने फिर कायरतापूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया है। मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले के रामगढ़ सैक्टर में पाक रेंजर्स ने ऐसी घिनौनी हरकत की है जिसकी जितनी भी निन्दा की जाए कम होगी। एक बार फिर बर्बरता का परिचय देते हुए हमारे बीएसएफ के जवान को पकड़ लिया, नौ घंटे तक तड़पाया। जवान नरेंद्र सिंह (51) का शव बेहद खराब हालत में मिला। उनका गला रेता गया था, एक टांग कटी हुई थी और आंख निकाल रखी थी। पीठ पर करंट लगने से झुलसने के निशान थे। शहीद के शरीर में तीन गोलियां लगी हुई थीं। एक गोली शुरुआती हमले में लगी थी लेकिन बाकी दो गोलियां यातनाएं देने के बाद मारी गई थीं। जवान नरेंद्र सिंह के लापता होने के करीब नौ घंटे बाद उनका शव मिला था। यह पहली बार है जब जम्मू में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ के किसी जवान के पार्थिव शरीर से दुश्मन ने इस प्रकार की हरकत की है। नरेंद्र सिंह बीएसएफ की 176वीं बटालियन के हैड कांस्टेबल थे। वह हरियाणा के जिला सोनीपत के रहने वाले हैं। इस हमले के पीछे पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम (बैट) का हाथ होने से इंकार नहीं किया जा सकता। पाकिस्तान की बैट टीम में पाक रेंजर्स के साथ आतंकी भी रहते हैं। वह अकसर भारतीय जवानों में दहशत पैदा करने के लिए ऐसी बर्बर कार्रवाई करते हैं। जवान नरेंद्र कुमार की जिस तरीके से हत्या की गई उससे साफ लग रहा है कि पाकिस्तान भारत के साथ संबंधों को सहज बनाने की बजाय उकसावे की कार्रवाई कर रहा है। यह अचानक गोलीबारी में हुई किसी जवान की मौत नहीं है। जैसी खबरें आई हैं उनसे तो यही लगता है कि पाकिस्तानी सैनिकों ने सुनियोजित तरीके से घात लगाकर भारतीय जवान को निशाना बनाया, उस पर तीन गोलियां दागीं और फिर गला रेत कर उसकी मौत सुनिश्चित की। भारतीय सैनिकों के साथ ऐसी बर्बरता पहली बार नहीं हुई है। इससे पहले भी कई ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं जिनमें पाक सैनिकों ने भारतीय जवानों को मार डाला और उनका सिर काटकर ले गए थे उनके शव को क्षत-विक्षत कर डाला। पाकिस्तान की हरकतों से ऐसा लगता है कि न उसे किसी नैतिकता की परवाह है, न अंतर्राष्ट्रीय कानूनों को मानना जरूरी समझता है। कटु सत्य तो यह है कि पाकिस्तान बातों से मानने वाला नहीं है। पहले की तरह पाकिस्तानियों के घर में घुसकर भारत को मुंहतोड़ जवाब देना होगा। हमें अब डिफेंस की मुद्रा की बजाय अटैक मुद्रा में आना होगा। पाकिस्तान की इस कायरतापूर्ण हरकत का जवाब भारत को तुरन्त देना चाहिए। इसके लिए हमें चाहे बॉर्डर ही क्रॉस क्यों न करना पड़े। रही शांति वार्ता की बात तो वह तब तक संभव नहीं जब तक पाक ऐसी हरकतें बंद नहीं करता, अपनी जमीन को इन आतंकियों को इस्तेमाल करने से नहीं रोकता। इंतजार करने का समय गया।

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