Wednesday, 26 September 2018

जासूसी के संदेह पर चीनी व्यापारी गिरफ्तार

पिछले कुछ दिनों से देश के खिलाफ जासूसी करने की खबरें सुर्खियों में हैं। अब दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने जासूसी के आरोप में एक चीनी नागरिक तसाओ लुंग उर्प चार्ली पेंग (39) को गिरफ्तार किया है। आरोपी करीब सात वर्ष से चार्ली पेंग के नाम से भारत में रह रहा था। आरोप है कि यह चीन के लिए जासूसी कर रहा था। पुलिस ने इसके पास से फर्जी तरीके से बनवाया गया भारतीय पासपोर्ट, आधार कार्ड व पैन कार्ड बरामद किया है। पुलिस ने आरोपी को उत्तरी दिल्ली के मजनूं का टीला इलाके से 13 सितम्बर को गिरफ्तार किया था। स्पेशल सेल के अधिकारी के मुताबिक चार्ली पेंग गुड़गांव में रह रहा था और वहीं से मनी एक्सचेंज की कंपनी चला रहा था। चार्ली पेंग पांच साल से भारत में रह रहा है। बृहस्पतिवार को पेंग को चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट दीपक सहरावत की अदालत में पेश किया गया, जहां उसकी रिमांड सोमवार तक बढ़ाए जाने का फैसला सुनाया गया। पुलिस ने बताया कि पेंग को संदिग्ध राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल पाया गया है और पूछताछ के लिए पुलिस को और समय की जरूरत है। पुलिस इससे एक फॉर्च्यूनर कार, साढ़े तीन लाख इंडियन करेंसी, 2000 डॉलर और 22 हजार थाई करेंसी बरामद हुई है। स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद कुशवाहा ने बताया कि चार्ली पेंग ने आधार कार्ड व वोटर कार्ड दिल्ली व पासपोर्ट गुवाहाटी में बनवाया था। पुलिस जांच कर रही है कि आरोपी ने आधार कार्ड बनवाने के लिए कौन-से कागजात लगाए थे। इसकी पूर्वोत्तर राज्यों व हिमाचल प्रदेश में संदिग्ध गतिविधियां देखी जा रही हैं। चीन के नानजिंग एरिया के रहने वाले चार्ली पेंग ने मणिपुर की युवती से शादी की थी। पुलिस को संदेह है कि आरोपी हवाला कारोबार से जुड़ा था। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी चीन के लिए जासूसी कर रहा था या नहीं? चार्ली पेंग करीब डेढ़ साल पहले देश की सुरक्षा एजेंसियों के राडार पर आ गया था। आरोपी के कई मोबाइल फोन को सर्विलांस पर ले रखा था। पुलिस मानती है कि आरोपी ने जासूसी करने के लिए भारत के गुरुग्राम में पूरा सैटअप लगा रखा था। गुरुग्राम में उसकी कंपनी में 8-10 कर्मचारी थे, आरोपी की जिस तरह की लाइफ स्टाइल व कर्मियों का वेतन आदि का खर्चा जोकि प्रतिमाह 8-10 लाख रुपए का था, जासूसी का शक पैदा करता है। पुलिस जांच कर रही है कि आरोपी के पास पैसा कहां से आता था। वह चीन में फोन के जरिये कई लोगों के सम्पर्प में था। वह हर रोज चीन फोन करता था। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं पेंग का पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ऑफ चाइना या पीपुल्स आर्म्ड पुलिस फोर्स से तो कोई नाता नहीं है। पेंग से मिले सुराग के आधार पर जगह-जगह पर छापेमारी की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पासपोर्ट और आधार कार्ड हासिल करने में उसकी किन-किन लोगों ने मदद की।

-अनिल नरेन्द्र

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