Thursday, 20 December 2018

मोबाइल मैसेजिंग बना राजनीतिक प्रचार का मुख्य जरिया

माइक्रोसॉफ्ट के फाउंडर बिल गेट्स ने अपनी सफलता को बेहद आसान शब्दों में बयां किया है। उनका कहना है कि सफलता का सीधा-साधा फार्मूला हैöअच्छी कम्युनिकेशन स्किल। गेट्स का कहना है कि अगर इंसान लिखने और बोलने में कुशल है तो वह किसी भी पेशे में सफल होने की काबिलियत रखता है। मोबाइल मैसेजिंग पिछले कुछ समय से राजनीतिक प्रचार का मुख्य जरिया बनता जा रहा है। अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य में लेफ्टिनेंट गवर्नर पद का चुनाव लड़ी एलनी कोनालिक्स सैन फ्रेंसिस्को में अपने घर पर हर सैकेंड एक वोटर से सम्पर्प करती हैं। यह टेक्स्ट मैसेज से लोगों तक पहुंचने का नया तरीका बन गया है। अमेरिका की डेमोकेटिक पार्टी की अधिकतर राज्यों में मौजूदगी के होने के बावजूद पार्टी कमेटी ने इस वर्ष नौ करोड़ 40 लाख रजिस्टर्ड वोटरों के मोबाइल फोन नम्बर खरीदे हैं। राजनीतिक टेक्स्ट की अपील विविध है। वोटर के किसी काम में दखल दिए बिना उससे सम्पर्प हो सकता है। व्यक्तिगत सम्पर्प के दौरान कई लोगों से मुलाकात नहीं हो पाती है लेकिन टेक्स्ट तेजी से दूरदराज के इलाकों में पहुंच जाते हैं। कई रणनीतिकारों का मानना है, जहां हमने ई-मेल इनबॉक्स और सोशल मीडिया पर मैसेज की भरमार को स्वीकार कर लिया है वहीं टेक्स्ट मैसेज व्यक्तिगत और आमंत्रण पर आधारित संवाद माध्यम है। मार्केटिंग फर्म मोबिलस्क्बेयई के अनुसार 90 प्रतिशत मैसेज प्राप्त होने के तीन मिनट के अंदर पढ़ लिए जाते हैं। हालांकि कई लोग राजनीतिक मुहिमों से नाराज भी हो जाते हैं। अमेरिका के कई रिपब्लिकन राजनेताओं के अभियान में मदद कर रही फर्म ओपिनियन सीसेम के संस्थापक गेरिट लोसिंग कहते हैं, अन्य स्थानों पर शोरशराबा झेलने की बजाय लोग टेक्स्ट मैसेज पसंद करते हैं। उनका प्लेटफार्म 17 मुहावरों की सूची उपयोग करता है और नेगेटिव रिस्पांस वाले लोग स्वयं बाहर हो जाते हैं। पूंजी लगाने वाली फर्मों ने हसल जैसे प्लेटफार्म में अरबों रुपए लगाए हैं। यह मैसेजिंग की बढ़ती स्वीकार्यता का सबूत है लेकिन कई लोग मानते हैं कि कंज्यूमर की शिकायतों के कारण राजनीतिक टैक्स्टिंग के शुरुआती स्वर्ण युग में परिवर्तन हो सकता है। भारत सरकार ने चेताया है कि वाट्सएप में कई भड़काऊ संदेश भी भेजे जा रहे हैं। ऐसे भड़काऊ संदेश देने वालों, भेजने वालों की व्यक्तिगत पहचान और उनके स्थान के बारे में जानकारी मांगी जा रही है। वाट्सएप का दुरुपयोग रोकने के लिए भारत सरकार और कंपनी दोनों परेशान हैं। खैर, किसी भी ऐसी सुविधा के दुरुपयोग करने वाले होते हैं पर इससे यह सुविधा गलत नहीं हो जाती। आने वाले दिनों में खासकर चुनावों में यह वाट्सएप प्रचार का बड़ा जरिया बन जाएगा। इसके आसार अभी से नजर आने लगे हैं।

-अनिल नरेन्द्र

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