Saturday, 22 December 2018

तो अब ईवीएम ठीक है...?

जब तक पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम नहीं आए थे तब इलैक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के दुरुपयोग के सवाल उठाए जा रहे थे। चुनावी रुझानों को देखकर अधिकतर लोगों ने ईवीएम की कथित गड़बड़ियों की शिकायतें कीं। विपक्षी दलों जिनमें कांग्रेस सबसे आगे थी, ने चुनाव के दौरान ईवीएम को भी एक मुद्दा बनाया था। कांग्रेस समेत अन्य राजनीतिक दलों ने भी ईवीएम को लेकर चुनाव आयोग की भूमिका पर तीखे सवाल उठाए थे। अब कांग्रेस बताए कि ईवीएम हैक किए हैं क्या? तो आज ईवीएम ने ठीक काम किया। पूरी दुनिया के ईवीएम अचानक ठीक हो गए? ईवीएम की गड़बड़ी के कथाकथित आरोपों का मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया। सुप्रीम कोर्ट ने दो टूक फैसलों में कहा कि ईवीएम ठीक हैं। अब जब पांच राज्यों के परिणाम आ चुके हैं और सरकारें बन गई हैं किसी ने अब तो ईवीएम में गड़बड़ी या हेराफेरी पर सवाल नहीं उठाया? मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) सुनील अरोड़ा ने विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए जाने पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि मतदान की यह सर्वाधिक विश्वसनीय पद्धति है क्योकिं मशीन गलत रखरखाव की शिकार हो सकती है, लेकिन इसमें छेड़छाड़ मुमकिन नहीं है। ईवीएम की विश्वसनीयता पर लगातार उठाए जा रहे सवालों पर सुनील अरोड़ा ने कहा कि राजनीतिक दलों ने ईवीएम को फुटबॉल बना दिया है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि ईवीएम फुलप्रूफ है। चुनावों के दौरान ईवीएम में आने वाली खराबी की शिकायतों को चुनाव आयोग पूरी तरह खत्म करने की दिशा में काम कर रहा है। अरोड़ा ने कहा कि मतदान की यह सर्वाधिक विश्वसनीय पद्धति है। लोकतंत्र में सवाल उठाना सबका अधिकार है, लेकिन इसके पीछे आधार होना चाहिए। सीईसी ने कहा कि चुनाव में मतदाताओं के बाद राजनीतिक दल ही मुख्य पक्षकार होते हैं। उन्हें अपनी बात कहने का पूरा अधिकार है, लेकिन दुख होता है कि हमने ईवीएम को फुटबॉल की तरह बना दिया है। चुनाव में जीत-हार जनता तय करती है। चुनाव आयोग की इसमें कोई भूमिका नहीं होती। किसी विशेष दल के पक्ष में चुनाव परिणाम नहीं आने पर ठीकरा ईवीएम पर फोड़ने की प्रवृत्ति पर अरोड़ा ने कहाöलोकसभा चुनाव 2014 के परिणाम दिल्ली विधानसभा चुनाव नतीजों से बिल्कुल विपरीत थे। इसके बाद भी हिमाचल प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, त्रिपुरा और अब पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव व तमाम उपचुनावों के परिणाम बिल्कुल अलग रहे। मशीन में खास प्रोग्रामिंग कर विशेष परिणाम हासिल करने की संभावना को मैं पूरी तरह से नकार सकता हूं। हाल में हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में 1.76 लाख पोलिंग बूथ थे, लेकिन कुछ ही जगहों पर ईवीएम में खराबी की शिकायत आई। क्या अब भविष्य के लिए ईवीएम में हेराफेरी करने का मुद्दा समाप्त हो गया है?

-अनिल नरेन्द्र

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