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Saturday, 8 February 2014

फिर निकला बोतल से कैश फार वोट का जिन्न

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। राजनीति के सबसे बड़े घोटालों में शुमार नोट के बदले वोट मामले की नए सिरे से जांच कराने और केस को खोलने की घोषणा की है। बुधवार को दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री मनीष सिसौदिया ने इसकी जानकारी दी। दिल्ली सरकार अब इस मामले की अपील दिल्ली हाईकोर्ट में करेगी। सरकारी वकील की मानें तो इस पकरण में मौजूद आडियो-वीडियो सबूत ही पर्याप्त हैं। सरकारी वकील दयाल कृष्णन ने कहा कि इनके बावजूद उनको दरकिनार किया गया। नवम्बर 2013 में दिल्ली की निचली अदालत ने अमर सिंह समेत पांच अन्य आरोपियों को छोड़ दिया था। दिल्ली सरकार का ऐसा मानना है कि जो सबूत उनके हाथ लगे हैं उसमें कई बड़े लोग शिकंजे में फंस सकते हैं, इसलिए यह कदम उठाने का फैसला किया गया है। शिक्षा मंत्री मनीष सिसौदिया ने कहा कि 2008 में संसद के भीतर परमाणु समझौते पर यूपीए सरकार को बचाने के लिए भाजपा सांसदों को रिश्वत देने का मामला सामने आया था। 22 जुलाई, 2008 को भाजपा के तीन सांसद अशोक अर्गल, फग्गन सिंह कुलस्ते व महावीर सिंह भग़ोड़ा ने लोकसभा में एक करोड़ रुपए के नोट के बंडल लहराए थे। इस पूरे दृश्य को दुनिया भर ने देखा था। टीवी पर यह लाइव देखा गया था। भाजपा नेताओं का कहना था कि यह रकम उन्हें सांसद अमर सिंह की ओर से मनमोहन सिंह की संपग सरकार को बचाने के लिए पेशगी के तौर पर दी गई थी। परमाणु मुद्दे पर वाम दलों ने यूपीए सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया था। उस दौरान सरकार संकट में आ गई थी। इस घटना के बाद तत्कालीन कांग्रेस की दिल्ली सरकार ने भी मामले को चुनौती देना मुनासिब नहीं समझा। वरिष्ठ मंत्री मनीष सिसौदिया ने कहा कि इस बात को ध्यान में रखकर ही एक निचली अदालत द्वारा 2008 में नोट के बदले वोट मामले में समाजवादी पाटी के पूर्व नेता अमर सिंह, भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, उनके पूर्व सहायक सुधीन्द्र कुलकणी इसी पाटी के तीन नेताओं सहित सात लोगों को बरी करने के खिलाफ अपील करने का फैसला किया गया। सिसौदिया ने कहा कि हमने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ उपराज्यपाल से अपील दाखिल करने की सिफारिश की है। हमारे कानूनी अधिकारियों और विशेष लोक अभियोजक की राय है कि मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्यों को नजरअंदाज किया गया है। यह पूछे जाने पर कि आप सरकार निचली अदालत के फैसले के खिलाफ क्यें अपील करना चाहती है? मंत्री ने कहा घोटाला लोकतंत्र पर धब्बा है और ऐसा लगता है कि इस मामले में दोषी सजा से बच गए। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली सरकार इस मामले में कुछ नए सबूत भी हाईकोर्ट में पेश करने जा रही है। सरकार के पास पूरे लेन-देन की आडियो-वीडियो टेप है। फोरेंसिक साइंस लैब ने भी इस रिकार्डिंग्स को सही बता दिया है। आरोपियों की बातचीत की पुष्टि के लिए उनकी काल डिटेल भी मौजूद है। उसके अलावा 4 फिरोजशाह रोड पर संजीव सक्सेना के अमर सिंह की जिप्सी से आने के सबूत व एक न्यूज चैनल के लोगों की मौजूदगी सक्सेना की ओर से सांसदों को एक करोड़ रुपया दिया जाना शामिल है। मामले में सक्सेना और अमर सिंह के संबंध में एक कालेज पधानाचार्य सहित दो के बयान भी उपलब्ध हैं।

-अनिल नरेन्द्र

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