Sunday, 21 October 2018

जमाल खशोगी की हत्या? सऊदी संदेह में घिरा

सऊदी अरब के जाने-माने पत्रकार जमाल खशोगी सऊदी के शक्तिशाली सलमान के बेटे शाहजाद मोहम्मद की नीतियों के कटु आलोचक थे। उनका विवाह होने वाला था और उसी से जुड़े कुछ कागजात लेने के लिए दो अक्तूबर को वह तुर्की के शहर इस्तांबुल में सऊदी वाणिज्य दूतावास में गए थे और उसके  बाद से ही लापता हैं। तुर्की के सरकारी सूत्रों का कहना है कि पुलिस के अनुसार 15 सऊदी अधिकारियों की एक विशेष टीम ने खशोगी की हत्या कर दी और उन्हें इस काम के लिए विशेष तौर पर इस्तांबुल भेजा गया था। वहीं रियाद का कहना है कि खशोगी वाणिज्य दूतावास से सुरक्षित निकला था। `द टाइम्स' ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि उसने पता लगाया है कि उन 15 में से नौ अधिकारी सऊदी सुरक्षा सेवाओं, सेना अथवा सरकारी मंत्रालयों में काम करते थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि एक संदिग्ध माहिर अब्दुल अजीज मुतरबे 2007 में लंदन में सऊदी दूतावास में राजदूत था। प्रिंस मोहम्मद की हालिया विदेश यात्राओं के दौरान वह उनके साथ था और दोनों की अनेक तस्वीरें भी सामने आई हैं। सऊदी मूल के अमेरिकी पत्रकार जमाल खशोगी के लापता होने की खबरों के बीच तुर्की की सरकार समर्पित मीडिया ने सनसनीखेज खुलासा किया है। दैनिक अखबार मेनीसफाक ने बुधवार को खबर दी कि इस्तांबुल स्थित सऊदी अरब के वाणिज्य दूतावास के अंदर खशोगी की हत्या से पहले उन्हें यातना दी गईं। हत्या के बाद उनके शरीर के टुकड़े भी किए गए। अखबार ने कहा कि उसने इससे संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग सुनी है। अखबार ने कहा कि पहले तो खशोगी की अंगुलियां काटकर यातना दी गई और फिर हत्या कर दी गई। यातना के दौरान एक टेप में इस्तांबुल में सऊदी अरब के वाणिज्य दूत मोहम्मद अल ओतैबी को यह कहते हुए सुना जा सकता है, यह काम बाहर करो, आप मुझे परेशानी में डालने जा रहे हो। एक अन्य देश में एक अज्ञात व्यक्ति औतेब यह कहते सुनाई देता है, अगर तुम्हें सऊदी अरब जाना है तो चुप रहना। हालांकि अखबार ने यह नहीं बताया कि यह टेप किस तरह सामने आया और उसे कैसे हासिल हुआ। इस टेप से जमाल खशोगी के मामले में एक नया मोड़ आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विदेश मंत्री पोम्पियो को सऊदी शाह सलमान से बात करने के लिए तुरन्त सऊदी अरब भेजा है। ट्रंप ने एक  बयान में कहाöशाह सलमान को इस मामले में कोई जानकारी नहीं है, मैंने तुरन्त माइक पोम्पियो को सऊदी अरब जाकर उनसे बात करने के लिए कहा है। इधर तुर्की का कहना है कि उनके अधिकारी दूतावास की तलाश ले रहे हैं। इस पूरे मामले में यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख फेडरिका मोफेरिनी ने कहा है कि यूरोप को अपने सवालों का जवाब चाहिए। हम चाहते हैं कि सऊदी और तुर्की मिलकर मामले की संयुक्त जांच करें।

-अनिल नरेन्द्र

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