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Wednesday, 1 July 2020

आईएसआई की ताजा हरकत

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के हत्थे चढ़े तीन आतंकियों ने पूछताछ में सनसनीखेज खुलासे किए हैं। पता चला है कि दबोचे गए आरोपियों में से एक लवप्रीत उर्फ लवली समेत पांच नौजवानों को सीमापार में आतंकी ट्रेनिंग के लिए भेजा जाना था। आईएसआई के अब्दुल्ला नाम का एक शख्स हथियार और रकम मुहैया कराने के लिए गिरफ्तार आरोपियों में से ही एक गुरतेज के संपर्क में था। आरोपी गुरतेज ने तो आतंकी ट्रेनिंग के लिए सीमापार जाने वाले नौजवानों को एके-47 मुहैया कराने का दावा किया था। गुरतेज लवप्रीत समेत पांच से अधिक युवाओं के खालिस्तान आंदोलन में शामिल कर उन्हें पाक में प्रशिक्षण दिलाने की तैयारी में था। पाक में आईएसआई ने नौजवानों को 15 दिनों की ट्रेनिंग देने की व्यवस्था की थी। गुरतेज लॉकडाउन के कारण यहीं उम्दा क्वालिटी के हथियारों को मुहैया करवाने में जुटा था और उसने अपने नेटवर्क के लोगों से बात भी कर ली थी। लेकिन इससे पहले वह पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों में दूसरा मोहिंदर पाल केएलएफ के पूर्व भारतीय प्रमुख हरमीत सिंह उर्फ पीएचडी की मृत्यु के बाद संगठन के गुरशरणवीर सिंह के संपर्क में आया था। दोनों ने यूके व अन्य देशों में स्थित खालिस्तानी नेताओं के इशारे पर टारगेट किलिंग की योजना भी बनाई थी। यह टारगेट की पहचान करने और आंदोलन में नए युवाओं को शामिल कर रहे थे। लेकिन लॉकडाउन के कारण पकड़े गए। गिरफ्तार आरोपी लवप्रीत सोशल मीडिया के प्लेटफार्मों पर बहुत सक्रिय है और फेसबुक व व्हाट्सएप के माध्यम से भारत और विदेशों में खालिस्तान आंदोलन के अन्य सदस्यों के संपर्क में हैं। इसके लिए उन्होंने खालसा भिंडरावालाजी नाम से एक फेसबुक पेज भी बनाया है। इस पेज पर आरोपी लवप्रीत ने खालिस्तान आंदोलन के समर्थन में पोस्टर, फोटो और गाने साझा किए हैं। आरोपी लवप्रीत के बारे में तो स्पेशल सेल का कहना है कि केएलएफ के कुख्यात आतंकवादी धन्ना सिंह के संपर्क में भी है, जिसकी वर्तमान में लोकेशन यूके में बताई जा रही है। दोनों फेसबुक पेज और व्हाट्सएप के जरिये भी जुड़े थे। धन्ना सिंह ने उसे पाकिस्तान में अपने प्रशिक्षण के दौरान के कई फोटो और वीडियो भेजे हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने समय रहते कोई बड़ा वाकया होने से बचा लिया है। पाकिस्तान अपनी आदत से बाज नहीं आएगा। वह कश्मीर में तो सक्रिय है ही पर पंजाब में भी खालिस्तान के नाम पर एक बार फिर आंदोलन करने के चक्कर में लगा रहता है। पर पुलिस सतर्क है और समय रहते उसके इरादों को नाकाम कर देती है। -अनिल नरेन्द्र

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