Sunday, 8 July 2018

यूके कोर्ट ने विजय माल्या के खिलाफ फैसला सुनाया

भगोड़ा शराब कारोबारी विजय माल्या केस में भारतीय एजेंसियों को भारी सफलता मिली है। माल्या को लंदन में तगड़ा झटका लगा है। ]िब्रटेन के हाई कोर्ट ने माल्या से बकाया वसूल करने की कोशिश कर रहे भारत के 13 बैंकों के कंसर्टियम के हक में फैसला सुनाया है। अब वसूली के लिए माल्या की सम्पत्तियां जब्त की जा सकेंगी। बैंकों की याचिका पर आए इस ब्रिटेन की अदालत के फैसले के मुताबिक यूके हाई कोर्ट के प्रवर्तन अधिकारी को लंदन के पास हर्टफोडिशयर माल्या की सम्पत्तियों में प्रवेश और तलाशी की अनुमति दे दी गई है। इसके तहत अधिकारी और उनके एजेंट वेलविन इलाके के तेविन में लेडीवॉक और ब्रैबल लाज में माल्या के ठिकानों में प्रवेश कर सकेंगे। एजेंटों को बल प्रयोग का हक भी होगा और एंफोर्समेंट अधिकारी जांच के दौरान लंदन पुलिस की मदद भी ले सकेंगे। विजय माल्या फिलहाल यहीं रहता है। इस आदेश के तहत बैंकों को माल्या से करीब 1.14 अरब पाउंड की वसूली के उपाय करने की छूट दी गई है। इधर विजय माल्या का आलीशान लग्जरी जेट आखिर नीलाम हो ही गया है। यह 34 करोड़ रुपए में बिका है। कानूनी अड़चनों के बाद माल्या के प्राइवेट जेट की तीन बार नीलामी की गई, लेकिन हर बार किसी न किसी कारण से यह पूरी नहीं हो सकी। अमेरिका की कंपनी एविएशन मैनेजमेंट सेल्स ने यह प्राइवेट जेट खरीदा है। यह नीलामी माल्या की किंग फिशर एयरलाइंस पर बकाया सर्विस टैक्स की रिकवरी के तहत की गई थी। बता दें कि विजय माल्या पर भारतीय बैंकों का 9000 करोड़ रुपए बकाया है। विशेष पीएमएलए अदालत मुंबई ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक अर्जी पर भगोड़ा शराब कारोबारी विजय माल्या को तलब किया और उसे 27 अगस्त को पेश होने का निर्देश दिया है। बता दें कि ईडी ने 22 जून को अपनी अर्जी में कोर्ट से गुहार लगाई थी कि माल्या के खिलाफ 9000 करोड़ रुपए के बैंक धोखाधड़ी मामले में भगोड़ा आर्थिक अपराधी अध्यादेश के तहत कार्रवाई की जाए। ईडी ने माल्या और अन्य भगोड़े आर्थिक अपराधियों की करीब 12,500 करोड़ रुपए कीमत की सम्पत्ति तत्काल जब्ती के लिए अनुरोध किया है। सरकार ने 13 मार्च को भगोड़ा आर्थिक अपराध बिल लोकसभा में पेश किया था। अप्रैल में इसे अध्यादेश के तौर पर कैबिनेट की मंजूरी मिली। इसके तहत धोखाधड़ी या लोन डिफॉल्टर करने के बाद विदेश भागने वालों की सम्पत्ति जब्त करने का प्रावधान है। यह उन डिफॉल्टरों पर लागू होता है जिन पर 100 करोड़ रुपए या इससे ज्यादा बकाया होता है। लंदन की अदालत में भारतीय एजेंसियों द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों पर वहां की अदालत में केस जीतना साधारण बात नहीं है। यह भारतीय एजेंसियों की उपलब्धता है। विजय माल्या पर शिकंजा कसता जा रहा है।

-अनिल नरेन्द्र

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