Wednesday, 18 July 2018

फ्रांस ने कप जीता पर दिल जीता क्रोएशिया ने

रूस में 14 जून से शुरू हुए फुटबॉल के महापुंभ का 21वां फीफा फुटबॉल कप का रविवार आखिरी दिन था। महत्वपूर्ण मौकों पर गोल करने की अपनी काबिलियत और भाग्य के दम पर फ्रांस की युवा टीम ने फाइनल मैच में दमदार क्रोएशिया को 4-2 से हराकर दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। क्रोएशिया पहली बार अपने फुटबॉल के इतिहास में फाइनल पर पहुंचा था। उसने अपनी तरफ से हर संभव प्रयास किए और अपने कौशल और चपलता से दर्शकों का दिल भी जीता लेकिन आखिर में जालटको डालिच की टीम को उपविजेता बनकर ही संतोष करना पड़ा। हालांकि चार हफ्ते पहले टूर्नामेंट के शुरू होने के समय इस फाइनल की कल्पना शायद ही या कुछ एक ने की होगी। लियोनल मैसी, क्रिस्टयानो रोनाल्डो और नेमार जैसे स्टार फुटबॉलर स्वदेश लौट चुके थे, इसी तरह अंतर्राष्ट्रीय मैचों में पारंपरिक रूप से ताकतवर टीमें जर्मनी, ब्राजील और अर्जेंटीना भी बाहर हो चुकी थीं। फ्रांस की टीम टूर्नामेंट की दूसरी सबसे युवा टीम थी जिसमें तेजतर्रार एमबेपे की मौजूदगी उसके लिए प्रेरणादयक रही। 20 वर्षों में तीसरा फाइनल खेलने वाली फ्रांस की टीम दुनिया की इकलौती टीम ने मास्को के लुज्निकी स्टेडियम में क्रोएशिया को 4-2 से नतमस्तक कर फीफा विश्व कप दूसरी बार अपने नाम कर लिया। डिडियर डेसचैम्प्स आखिरकार इतिहास पुरुष बन गए। 1998 में इन्हीं की कप्तानी में फ्रांस ने पहला विश्व कप जीता था और अब इन्हीं की कोचिंग में एक बार फिर लेस ब्ल्यून विश्व विजेता बना है। बतौर खिलाड़ी और कोच विश्व कप जीतने वाले डेसचैम्प्स तीसरे और बतौर कप्तान, खिलाड़ी विश्व चैंपियन बनने वाले वह दुनिया के दूसरे व्यक्ति हैं। चालीस लाख की आबादी वाला छोटा-सा देश क्रोएशिया फाइनल में कोई चमत्कार नहीं कर सका। सभी को हैरत में डालते हुए फाइनल में पहुंचने वाले इस देश ने पहले हाफ में जबरदस्त फुटबॉल खेली, लेकिन दूसरे हाफ में तीसरा गोल खाने के बाद बिखर गई। क्रोएशिया टीम भी लुका मोड्रिक से प्रेरित थी जो इस समय दुनिया के सबसे बेहतरीन मिड फील्डर की सूची में शामिल हैं। मास्को के लुज्निकी स्टेडियम जहां फाइनल खेला गया 180 हेक्टेयर के ओलंपिक पार्प का हिस्सा था। यह मास्कोवा नदी के किनारे पर स्थित है और उसकी सीटिंग कैप सिटी 80,000 है। इस विश्व कप के फाइनल में दो ऐसी घटनाएं हुईं जो पहले कभी नहीं घटीं, यह घटनाएं क्रोएशिया की ओर से किया गया आत्मघाती गोल और वीडियो असिस्टेंट रेफरी (वार) की ओर से फ्रांस को दी गई पेनाल्टी थी। दोनों ही मौकों पर क्रोएशिया दुर्भाग्यशाली रहा। लेस ब्ल्यून पहली बार फाइनल खेल रहे इस देश के हिस्से में पहले हाफ में दुर्भाग्य ही आया। 18वें मिनट में ग्रीजमैन ने पेनाल्टी बॉक्स के बाहर से फ्री किक की। वाराने ने उछलकर इसे हैडर से टम दिया जो माकियो मांजुकिक के सिर से लगती हुई गोल में चली गई। विश्व कप फाइनल के इतिहास का यह पहला आत्मघाती गोल था। यह बदकिस्मती अब तक हैरतअंगेज खेल दिखाने वाले मांजुकिक के हिस्से में आई। चैंपियन फ्रांस को फाइनल जीतने पर 256 करोड़ रुपए मिले। रनरअप क्रोएशिया को 189 करोड़ और तीसरे स्थान पर रहने वाले बेल्जियम को 162 करोड़ रुपए मिले। चौथे स्थान पर रहने वाली इंग्लैंड टीम को 142 करोड़, क्वार्टर फाइनलिस्ट (चार टीमों) को 108 करोड़, हर प्री-र्क्वाटर फाइनलिस्ट (आठ टीमें) को 81 करोड़। 154 करोड़ रुपए ग्रुप स्टेज में बाहर होने वाली 16 टीमों को मिले। फीफा ट्रॉफी 18 कैरेट सोने की बनी है, जिसका वजन 6.1 किलो और ऊंचाई 36.8 सेंटीमीटर है। इसकी कीमत करीब 137 करोड़ रुपए है। इसे इटली की एक कंपनी ने बनाया है और इसमें दो मानव आकृतियां आगे पीछे से धरती को बाजुओं पर उठाए हुए हैं।

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