Wednesday, 25 July 2018

70 वर्ष बाद इस्राइल यहूदी राष्ट्र घोषित

इस्राइल की संसद ने बृहस्पतिवार को एक ऐसा कानून पारित किया जो कई मायनों में ऐतिहासिक है। बेशक कुछ तत्वों को यह पसंद न हो पर यह कानून इस्राइल को खासकर यहूदियों के राष्ट्र-राज्य के रूप में परिभाषित जरूर करेगा। इस कानून के पारित होने के बाद यह देश आधिकारिक रूप से यहूदियों का देश बन गया है। बता दें कि 14 मई 1948 को इस्राइल के देश बनने के 70 साल बाद इसे यहूदी राष्ट्र बनाया गया है। संसद में 62 में से 55 लोगों ने इसके पक्ष में मतदान किया। अब हिब्रू देश की राष्ट्रभाषा हो गई है जबकि अरबी को सिर्प विशेष दर्जा देकर आधिकारिक भाषा का दर्जा खत्म कर दिया गया। यह कानून इस्राइल को यहूदियों की मातृभूमि के तौर पर परिभाषित करता है। संसद में करीब आठ घंटे चली बहस के बाद इस बिल को पारित किया जा सका। संसद में मतदान के दौरान दो सांसद अलग रहे। इस कानून को बुनियादी कानून के रूप में परिभाषित किया गया है जो इसे लगभग संवैधानिक स्थिति प्रदान करता है। इस्राइली अरब सांसदों और फिलस्तीनियों ने इस विधेयक की निन्दा करते हुए इसे नस्ली भावना से प्रेरित बताया। अरब ज्वाइंट लिस्ट अलायंस के प्रमुख आयमन ओदेह ने अपने संबोधन के दौरान इस विधेयक के खिलाफ काला झंडा लहराते हुए कहाöयह एक बुरा कानून है। आज मुझे फिलस्तीनी अरब शहर के तमाम बच्चों के साथ अपने बच्चों से कहना पड़ेगा कि देश ने ऐलान कर दिया है कि हम यह नहीं चाहते। दूसरी ओर बिल में समूचे यरुशलम को देश की राजधानी बताया गया है। बिल का समर्थन करने वाली दक्षिणपंथी सरकार ने कहा कि इस्राइल यहूदी लोगों की ऐतिहासिक मातृभूमि है। उनके पास देश के बारे में आत्म निर्णय लेने का विशेषाधिकार है। इस विधेयक पर इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहाöयह इस्राइल के इतिहास में एक निर्णायक पल है, जिसमें हमारी भाषा, राष्ट्रगान और ध्वज को सुनहरे अक्षरों में दर्ज किया गया है। नेतन्याहू ने इस विधेयक की तारीफ करते हुए कहाöयह यहूदियों के इतिहास में और इस्राइल राष्ट्र के इतिहास में एक ऐतिहासिक क्षण है। बता दें कि इस्राइल की कुल आबादी में करीब 20 प्रतिशत अरब मूल के लोग हैं। इस बिल के तहत उन्हें समान अधिकार दिए गए हैं लेकिन वे लंबे समय से यह आरोप लगाते आए हैं कि उनके साथ दूसरे दर्जे के नागरिक जैसा बर्ताव किया जाता है। इस विधेयक से वर्षों से यहूदियों की तपस्या आखिरकार रंग लाई है।

No comments:

Post a comment