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Saturday, 16 September 2017

बुलेट ट्रेन तो ठीक है पर रेलवे का चालचलन तो ठीक करो

गुजरात के दौरे पर आए जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के साथ मिलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को करीब एक लाख करोड़ रुपए की लागत वाली बुलेट ट्रेन की आधारशिला रखी। बुलेट ट्रेन को भारतीय स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ 15 अगस्त 2022 तक दौड़ाने का लक्ष्य है। पहली बुलेट ट्रेन अहमदाबाद से मुंबई तक चलाई जाएगी। दो राज्यों के बीच सात घंटे की दूरी यह महज तीन घंटे में पूरा कर सकेगी। बुलेट ट्रेन वाकई बेहद महत्वाकांक्षी परियोजना है। इसके जरिये देश में रेल सेवा आधुनिकतम दौर में प्रवेश करेगी। जहां बुलेट ट्रेन परियोजना के पुल गाढ़े जा रहे हैं वहीं बहुत से लोगों का मानना है कि बुलेट ट्रेन तो ठीक है पर पहले देश की मौजूदा रेल व्यवस्था को तो सही कर लो। देश में 66 हजार किलोमीटर में से 50 हजार किलोमीटर पटरियां अंग्रेजों के समय में बिछी थीं। जाहिर तौर पर दशकों बाद इनका रखरखाव रेलवे के लिए बड़ी चुनौती है। रेलवे के पास तमाम संसाधन होने के बावजूद आए दिन ट्रेनें पटरी से उतर रही हैं। एक तरफ पीएम मोदी भारत की पहली बुलेट ट्रेन का शिलान्यास कर रहे हैं, दूसरी तरफ देश की राजधानी के सबसे बड़े रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के पटरी से उतरने का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर गुरुवार सुबह करीब 6.02 बजे जम्मू राजधानी 12426 प्लेटफार्म नम्बर-15 पर आ रही थी कि ट्रेन का आखिरी कोच पटरी से उतर गया। ट्रेन की स्पीड बहुत कम थी जिससे बड़ा हादसा नहीं हुआ। शिवसेना ने बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर पूर्ण असहमति जताई है। शिवसेना के मुखपत्र सामना में पार्टी ने गुरुवार को कहा कि देश में आधारभूत परेशानियां हल नहीं हो रहीं, मुंबई की लोकल ट्रेनें और भारतीय रेलवे परेशान है ऐसे में मुंबई-अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन गैर जरूरी है। इस परियोजना की ज्यादातर फंडिंग जापान से मिलने वाले 17 अरब डॉलर के लोन से होगी। सोशल मीडिया में इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर तंज कसे जा रहे हैं। वजह यह है कि कुछ दिनों से रेलगाड़ियों के पटरी से उतरने की लगातार घटनाएं हो रही हैं। यहां तक कि पूर्व रेलवे मंत्री सुरेश प्रभु को भी इस्तीफा देना पड़ा था। रोलिंग ज्वाइंट हैंडल से लिखा गया है, बुलेट ट्रेन का क्या...पहले जो है उसको तो पटरी पर रोक लो यार...। भवेश ने लिखा है मुझे नहीं लगता कि भारत को बुलेट ट्रेन की जरूरत है, इसमें भारी निवेश होगा जिसे रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने में इस्तेमाल किया जा सकता है। सुंदर ने तंज कसते हुए लिखा हैöसाल 2022 की खबर ः मेनटेनेंस की वजह से बुलेट ट्रेन पटरी से उतर गई तो...? गुरुवार को जब गुजरात में यह कार्यक्रम शुरू हो रहा था, उससे पहले ही नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन पटरी से उतर गई। मेरा मानना है कि देश में बेशक बुलेट ट्रेन की भी जरूरत हो, मगर हमें मौजूदा रेल सुरक्षा पर अपना सारा ध्यान देना चाहिए।

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