Friday, 4 May 2018

काबुल में आत्मघाती हमले में 10 पत्रकार शहीद

पत्रकारों के लिए काम करना कितना जोखिमभरा और असुरक्षित हो गया है इसका अंदाजा हमें आए दिन मिलता रहता है। मौके पर स्पॉट कवरेज करना अपनी जान को दांव पर लगाने के समान है। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में सोमवार को तीन आतंकी हमलों में 10 पत्रकारों सहित कम से कम 37 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में एएफपी फोटोग्राफर समेत कम से कम आठ अन्य पत्रकार शामिल हैं। एएफपी के फोटोग्राफर शाह माराई की मौत की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली है जिसने यह हमला करवाया था। मीडिया कर्मी शुरू से ही चाहे तालिबान हो या फिर दूसरे आतंकी संगठन अफगानिस्तान में पत्रकार निशाने पर रहे हैं। पिछले एक दशक में पत्रकारों पर हमलों की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। काबुल में तैनात समाचार एजेंसी एएफपी के चीफ फोटोग्राफर की हैसियत से सोमवार को वही कर रहे थे जो वह पिछले 22 वर्ष से कर रहे थे। इस्लामिक स्टेट (आईएस) की तरफ से सुबह आठ बजे एक बाइक सवार आत्मघाती हमलावर ने खुद को नेशनल डायरेक्ट्रेट ऑफ सिक्यूरिटी (एनडीएस) विभाग के बाहर उड़ा लिया। तबाही के मंजर की तरफ शाह माराई ने फौरन रुख किया। उनके एक साथी वीडियो पत्रकार ट्रैफिक में फंस गए। शाह ने उन्हें वाट्सएप पर मैसेज भेजाöफिक्र मत करो, मैं मोर्चे पर आ डटा हूं, तस्वीरों के साथ वीडियो भी बनाता चलूंगा। शाह माराई को पता नहीं था कि ये लिखे शब्द उनकी तरफ से इस दुनिया में आखिरी होंगे। एनडीएस के पास हुई घटना को कवर कर रहे पत्रकारों के बीच इस्लामिक स्टेट का ही एक और हमलावर आया। उसने पत्रकारों के बीच खुद को पत्रकार बताया और देखते ही देखते खुद को उड़ा लिया। इस दूसरे विस्फोट में शाह माराई शहीद हो गए। उनके साथ आठ और पत्रकारों की मौत हो गई। बाद में बीबीसी ने पुष्टि की कि पाकिस्तान सीमा से लगे पूर्वी खोस्त प्रांत में एक अलग हमले में उसके संवाददाता 29 वर्षीय अहमद शाह मारे गए हैं। रिपोर्ट्स विदाऊट बार्डर्स ने बताया कि काबुल में हुए हमले में मरने वालों में रेडियो फ्री यूरोप और अफगान प्रसारकों टोली न्यूज, एक टीवी पत्रकार समेत अन्य मीडिया संगठनों के पत्रकार शामिल हैं। सोमवार से पहले हाल के वर्षों में मीडिया पर भीषणतम हमला 2016 में हुआ था। उस वक्त तालिबान ने आत्मघाती हमले में टोली टीवी चैनल के तीन कर्मचारी मारे गए थे। पत्रकार अपनी जान जोखिम में डालकर रिपोर्टिंग करते हैं और इसी वजह से उन्हें टारगेट किया जाता है। हम इन साथी पत्रकारों के शहीद होने पर अपना शोक प्रकट करते हैं और भगवान उनकी आत्मा को शांति दे। उनके परिवारों को शक्ति दे।

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