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Sunday, 22 November 2015

आतंकवाद का फैलता जाल, पूरी दुनिया चपेट में

अप्रैल में केन्या के विश्वविद्यालय परिसर, जुलाई में नाइजीरिया की सड़कों पर, नवम्बर में बेरुत में आत्मघाती हमला, पेरिस में आतंकी हमला और अब अफ्रीकी देश माली की राजधानी बमाको में आतंकी हमला, धीरे-धीरे पूरी दुनिया में आतंक का जाल फैलता जा रहा है। शुक्रवार को आतंकियों ने पांच सितारा रेडिसन ब्लू होटल पर हमला कर 170 लोगों को बंधक बना लिया। माली और संयुक्त राष्ट्र के सुरक्षाकर्मियों ने हमलावरों से करीब नौ घंटे तक मुठभेड़ की। इसके बाद होटल से 18 लोगों के शव मिले। दो आतंकी भी मारे गए। बाकी बचे बंधकों को छुड़ा  लिया गया। पेरिस में बड़े आतंकी हमले के एक हफ्ते बाद यह अटैक हुआ। ठीक इसी अंदाज में 2008 में मुंबई के ताज होटल पर भी हमला किया गया था। रिपोर्टों के मुताबिक अलकायदा से जुड़े संगठन अल मोरा बितोन ने ट्विटर पर हमले की जिम्मेदारी ली है। माली में 2012 से खुद को जेहादी बताने वाले कट्टरपंथियों का आतंक है। इनमें से कुछ का संबंध आतंकी संगठन अलकायदा से है। माली में इस्लामिक स्टेट (आईएस) भी मौजूद है जो समय-समय पर हमला करता रहता है। कमजोर सरकार, कमजोर सेना व प्रशासनिक तंत्र की वजह से आतंक यहां फल-फूल रहा है। शांति बनाए रखने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ ने यहां अपने सैनिक भी तैनात किए हैं जो इन आतंकियों का निशाना बन रहे हैं। इसके अलावा अमेरिका और फ्रांस के कुछ सैनिक सुरक्षा के लिए तैनात हैं। माली के इस हमले में बड़ी संख्या में भारतीय भी होटल में फंस गए थे। सभी भारतीयों को बचाने की पुष्टि हो गई है। बंधकों में जो कुरान की आयतें पढ़ पा रहे थे उन्हें रिहा किया जा रहा था। आईएस तो खूंखार है ही। उसकी चर्चा सारी दुनिया कर रही है पर एक और ऐसा संगठन भी है जो उतना ही खूंखार और खतरनाक है जिसकी चर्चा कम होती है। एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया में आतंकी हमलों से होने वाली मौतों में से आधी से ज्यादा के लिए आईएस और बोकोहराम संयुक्त रूप से जिम्मेदार हैं। मैं बोकोहराम की बात कर रहा हूं। दुनिया का फोकस बेशक आईएस पर हो मगर मौत का कहर बोकोहराम ने ज्यादा भरपाया है। बोकोहराम ने अब तक 453 हमलों में 6644 लोगों को मौत के घाट उतारा है। जबकि आईएस ने 1071 हमलों में 6073 को मौत के घाट उतारा। आज पूरी दुनिया के लिए आतंकवाद एक जबरदस्त चुनौती बन गया है। ग्लोबल टेरेरिज्म इंडैक्स 2015 (जीटीआई) के अनुसार 2014 में आतंकवाद से सर्वाधिक प्रभावित 162 देशों में भारत का छठा स्थान रहा। भारत में आतंकवाद से संबंधित मौतों में 1.2 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है और मरने वालों की संख्या 416 रही। आज पूरी दुनिया इस इस्लामी कट्टरपंथियों की विचारधारा से प्रभावित है और मुक्ति चाहती है, इस्लामिक स्टेट, बोकोहराम जैसे आतंकी संगठनों को तबाह करने में हम सबका हित है। लेकिन अफगानिस्तान से लेकर इराक और लीबिया, सीरिया का जो अनुभव है, उससे यह विश्वास नहीं बन पाता कि पश्चिमी देश इसमें किस हद तक कामयाब हो पाएंगे? रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने सनसनीखेज दावा किया है कि आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) को कुछ देशों से पैसा पहुंच रहा है जिसमें जी-20 से जुड़े देश भी शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि आईएस को फंडिंग करने की इस सूची में कुल 40 देशों का नाम है। जिन देशों से पैसा पहुंच रहा है, उसे लेकर पुतिन ने खुफिया जानकारियां भी साझी कीं। कई देशों की दोहरी नीतियों के कारण ही पूरी दुनिया आज आतंकवाद की चपेट में आ गई है।

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