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Tuesday, 26 January 2016

ओम श्री हनुमंत: नम: जय श्रीराम

हमारे शास्त्राsं में लिखा हुआ है कि इस युग में सबसे ज्यादा पूजा हनुमान जी और माता की होगी। इस सदी के आरंभ से साईं बाबा की भी पूजा आरंभ हो गई है। हनुमान जी और माता के भक्त सारी दुनिया में फैले हुए हैं। इसलिए हमें ज्यादा आश्चर्य नहीं हुआ जब अखबारों में छपा कि हनुमान जी अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा को भी ताकत देते हैं। वैसे यह हैरत में डालने वाली बात है कि हिन्दुओं के आराध्य हनुमान दुनिया के सबसे शक्तिशाली पुरुष अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा को भी प्रेरणा देते हैं। भगवान हनुमान की छोटी-सी मूर्ति उन चुनिन्दा चीजों में शामिल है, जिन्हें ओबामा हमेशा अपनी जेब में रखते हैं। वो जब भी थका हुआ या हतोत्साहित महसूस करते हैं उन्हें हनुमान जी से प्रेरणा मिलती है। बराक ओबामा ने वीडियो ब्लॉगिंग वेबसाइट यूट्यूब को दिए एक साक्षात्कार में यह जानकारी दी। यह साक्षात्कार अमेरिका में उनके कम उम्र समर्थकों व नागरिकों के लिए यूट्यूब ने जारी किया है। बताया गया है कि हनुमान जी की लघु प्रतिमा को वह हमेशा अपनी जेब में रखते हैं। जब वह प्रेरणा लेने की जरूरत महसूस करते हैं, तब मूर्ति को निकालकर श्रद्धाभाव से उसे देखते हैं। ऐसी वस्तुएं उनके लिए व्यक्तिगत महत्व की हैं। इनमें वह माला भी शामिल है जो व्हाइट हाउस में हुई मुलाकात में पोप फ्रांसिस ने उन्हें दी थी। इसी प्रकार से भगवान बुद्ध की एक मूर्ति एक संत ने दी थी। इथोपिया दौरे के समय उपहार में मिला पवित्र क्रॉस भी इन्हीं खास वस्तुओं में से एक है। ओबामा ने कहा कि वे इन सभी वस्तुओं को हमेशा अपने साथ रखते हैं। उन्होंने यह भी रहस्योद्घाटन किया कि जब वे थके हुए होते हैं, आत्मविश्वास में कमी महसूस करते हैं तब हाथ स्वत पॉकेट की तरफ चला जाता है। इसके बाद वह खुद को पहले की तरह आत्मविश्वास से भरा हुआ और काम के लिए ऊर्जावान पाते हैं। ओबामा ने कहाöमैं हमेशा इन्हें अपने पास रखता हूं। मैं इतना अंधविश्वासी नहीं हूं, इसलिए ऐसा नहीं है कि मुझे लगे कि जरूरी है कि मैं उन्हें अपने पास रखूं ही रखूं। लेकिन उन्होंने कहा कि ये चीजें उन्हें राष्ट्रपति पद तक पहुंचाने में उनके लंबे सफर की याद दिलाती हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहाöअगर मुझे थकावट हो या आत्मविश्वास की कमी लगे तो मैं अपनी जेब में हाथ डालकर कह सकता हूं कि मैं इस चीज से पार पा लूंगा क्योंकि किसी ने मुझे इन मुद्दों पर काम करने का विशेषाधिकार दिया है, जो उन्हें  प्रभावित करने वाला है। बता दें कि बराक ओबामा के पिता मूल रूप से केन्या के मुसलमान थे। उनकी मां अमेरिका में ईसाई समुदाय से थीं। ओबामा के बचपन का कुछ हिस्सा इंडोनेशिया में भी बीता है जहां दुनिया में सबसे ज्यादा मुसलमान हैं। ओम श्री हनुमंत नम जय श्रीराम।

-अनिल नरेन्द्र

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