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Sunday, 10 November 2019

सीएम रूपाणी के लिए खरीदा 191 करोड़ का नया विमान

देश तो आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा है, औद्योगिक उत्पादन गिरता जा रहा है, बेरोजगारी की वजह से हाहाकार मचा हुआ है और इसमें गुजरात के मुख्यमंत्री नए विमान खरीद रहे हैं। गुजरात सरकार ने मुख्यमंत्री विजय रूपाणी तथा वीआईपी जैसे राज्यपाल और उपमुख्यमंत्री के लिए 191 करोड़ रुपए का नया विमान खरीदा है। इस विमान की खरीदी की प्रक्रिया पिछले पांच साल से लंबित थी जो अंतत पूरी हो गई है। इस महीने के तीसरे सप्ताह में बोम्बार्डियर चैलेंजर 650 नामक यह विमान डिलीवर किया जाएगा। सिविल एविएशन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री के लिए वर्तमान में जिस विमान का उपयोग किया जाता है वह 20 साल पुराना हो चुका है। इसलिए नया विमान खरीदा गया है। सिविल एविएशन के डायरेक्टर कैप्टन अजय चौहान ने बताया कि नए विमान की डिलीवरी के उपरांत विभिन्न जरूरी प्रक्रिया पूरी की जाएंगी। इसके दो महीने बाद इसका उपयोग शुरू किया जाएगा। वर्तमान में मुख्यमंत्री के लिए बीच क्राफ्ट सुपर किंग विमान का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो कम अंतर के लिए उपयोगी है। जबकि नया विमान एक उड़ान में लंबा सफर कर सकता है। बोम्बार्डियर यह कनाडा के क्यूबैक प्रांत स्थित एविएशन कंपनी है। कंपनी ने अभी तक चैलेंजर सीरीज के कुल 1100 विमान बनाए हैं। इधर पीएम मोदी के लिए तैयार हो रहा है विशेष विमान। प्रधानमंत्री का विशेष विमान अब एयर इंडिया का न होकर एयरफोर्स का हो सकता है। इस विमान की खास बात यह है कि इस पर किसी भी मिसाइल का असर नहीं होता है। प्रधानमंत्री को मिलने वाला यह विमान जून 2020 तक भारत में आएगा। खबरें हैं कि लंबी दूरी के दो बोइंग 777-300ईआर विमान भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल होंगे और न कि एयर इंडिया को मिलेंगे। खबर के मुताबिक इसमें एंटी-मिसाइल तकनीक लगी होगी। खबर के मुताबिक अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बोइंग 747-200बी विमान का इस्तेमाल करते हैं। इसके बाद अब भारत के प्रधानमंत्री के लिए भी बोइंग 777-300ईआर विमान लाने की तैयारी तेज कर दी गई है। दो बोइंग 777-300ईआर विमान को मंगाने के पीछे मुख्य कारण यह है कि इसका इस्तेमाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू करेंगे। अभी तक यह सभी  लोग एयर इंडिया के बोइंग बी-747 का इस्तेमाल करते हैं। बताया जा रहा है कि सुरक्षा के मामले में यह विमान अमेरिका के राष्ट्रपति के विमान के बराबर होगा। इस विमान की खास बात यह होगी कि यह ईंधन भरने के  बाद रुके बिना भारत और अमेरिका तक के बीच उड़ान भर सकेगा। बताया जाता है कि इस विमान में लगने वाले दो मिसाइल डिफेंस सिस्टम को बेचने के लिए अमेरिका सहमत हो गया है। एंटी-मिसाइल तकनीक को नए विमान में लगाने के लिए करीब 19 करोड़ डॉलर का समझौता किया गया है। है ना भारत के शासकों के ठाठ।

-अनिल नरेन्द्र

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