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Friday, 9 December 2016

वन्स अगेन सिंह इज किंग

सिंह इज किंग वन्स अगेन। जस्टिस जगदीश सिंह खेहर भारत के अगले चीफ जस्टिस होंगे। सुप्रीम कोर्ट के 44वें चीफ जस्टिस के तौर पर वह अगले साल चार जनवरी को शपथ ग्रहण करेंगे। चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर ने मंगलवार को पत्र लिखकर अपने उत्तराधिकारी के तौर पर जस्टिस खेहर के नाम का प्रस्ताव रखा। जस्टिस खेहर सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठतम जज हैं। जस्टिस ठाकुर का कार्यकाल तीन जनवरी 2017 तक है। 64 साल के जस्टिस खेहर देश के चीफ जस्टिस बनने वाले पहले सिख होंगे। उनका कार्यकाल करीब सात महीने (27 अगस्त 2017 तक) का होगा। जस्टिस खेहर एक अत्यंत महत्वपूर्ण सियासी दौर में पदभार संभालेंगे। विवादित राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेएसी) अधिनियम से जुड़े केस की सुनवाई जस्टिस खेहर की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने की थी। यह अधिनियम सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था। जस्टिस खेहर सरकार के खिलाफ फैसला सुनाने से कतराते नहीं हैं। अरुणाचल प्रदेश में इस साल जनवरी में राष्ट्रपति शासन लगाने का फैसला रद्द करने वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ के अध्यक्ष भी जस्टिस खेहर ही थे। सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय को जेल भेजने वाली पीठ का भी वह हिस्सा थे। उन्होंने शीर्ष अदालत की उस पीठ की भी अध्यक्षता की थी जिसमें हाल ही में समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांत का महत्वपूर्ण फैसला सुनाया था। यह फैसला उन सभी दैनिक वेतनभोगियों, अस्थायी और संविदा कर्मियों पर लागू होगा जो नियमित कर्मचारियों की तरह कार्यों का निष्पादन करते हैं। शीर्ष न्यायपालिका में जजों की नियुक्ति को लेकर जब कार्यपालिका के साथ तनाव की स्थिति थी तब 26 नवम्बर को संविधान दिवस पर जस्टिस खेहर ने अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी का यह कहकर जवाब दिया था कि न्यायपालिका अपनी लक्ष्मण रेखा में रहकर ही काम कर रही है। उनका कहना थाöन्यायपालिका को सभी व्यक्तियों, नागरिक और गैर-नागरिकों को सत्ता के भेदभाव और दुरुपयोग से बचाने का अधिकार दिया गया है। देश में न्यायपालिका की सक्रिय भूमिका के कारण ही नागरिकों की स्वतंत्रता, समानता और गरिमा इतनी विकसित हो सकी है। सिंह इज किंग। जस्टिस खेहर का स्वागत है।

-अनिल नरेन्द्र

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