Wednesday, 15 August 2018

आज हर आदमी परेशान क्यों है

आज की तारीख में हर आदमी परेशान है। मैंने अधिकतर लोगों को देखा है कि वह आज खुश नहीं हैं। हर कोई कोई न कोई समस्या से घिरा हुआ है। बहुत कम व्यक्ति ऐसे मिलेंगे जो यह कहेंगे कि आज के हालात से वह संतुष्ट हैं। मेरी यह ऑब्जर्वेशन सत्य साबित हो रही है। एक हालिया सर्वे में यह बताया गया है कि देश में 89 फीसदी लोग तनाव के शिकार हैं। इस शहर में हर शख्स परेशान-सा क्यूं है? शहर पर करीब 40 बरस पहले महानगरीय जीवन की भागदौड़ पर यह सवाल पूछा गया था। लेकिन आज आलम यह है कि बात शहर से बढ़कर देश तक पहुंच गई है। सर्वे में शामिल लोगों में से हर आठ तनावग्रस्त लोगों में से एक व्यक्ति को इन परेशानियों से निकलने में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। घर-परिवार, समाज, दफ्तर सब जगह लोग इसके शिकार हैं। बच्चे, बूढ़े, बड़े कोई भी इससे अछूता नहीं है। लोग कई कारणों से अपनी इस समस्या का इलाज नहीं कर पाते। विकसित और कई देशों की तुलना में भारत में तनाव का स्तर बड़े रूप में है। इस सर्वे के दौरान दुनिया के विभिन्न देशों में रहने वाले 14,467 लोगों का ऑनलाइन साक्षात्कार लिया गया। जिसके बाद यह सामने आया कि भारत लगातार चौथे साल तनाव के मामले में दुनिया के बाकी देशों से कहीं आगे है। तनाव के कारणों की बात की जाए तो लोगों का काम और उनकी आर्थिक स्थिति इसकी सबसे बड़ी वजह है। ऐसे में जो सवाल परेशान करता है, वह यह है कि अगर इतनी बड़ी आबादी तनाव में जी रही है तो स्वस्थ समाज का निर्माण आखिर कैसे होगा? क्या सरकार को इस बारे में नहीं सोचना चाहिए? अगर इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया गया तो सत्तारूढ़ सरकार को तो इसका खामियाजा भुगतना ही पड़ेगा साथ-साथ भारत में मानसिक रोगियों की तादाद तेजी से बढ़ जाएगी और यह देश में विस्फोटक स्थिति पैदा कर सकती है। आज शहरों और महानगरों में लोग जिस तरह की भागदौड़ भरी जिन्दगी जी रहे हैं, उसकी परिणति तनाव में होती है। जल्द ही सब कुछ शॉर्टकट से हासिल कर लेने की चाह और गलाकाट प्रतिस्पर्द्धा ने इस तनाव भरी जिन्दगी को बढ़ावा दिया है। कोई तो महंगाई से परेशान है तो कोई जीएसटी से तो कोई बाजार में ग्राहकों के गायब होने से। नौजवानों में रोजगार एक बड़ी समस्या है। लाखों की तादाद में आज पढ़े-लिखे युवा नौकरी के लिए भटक रहे हैं। महिलाएं अपनी जगह असुरक्षित महसूस कर रही हैं। इस तनावपूर्ण जीवन में सभी पाठकों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई और उम्मीद करते हैं कि इससे जल्दी छुटकारा मिलेगा।

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