Sunday, 5 August 2018

एक बार फिर ईवीएम पर विवाद

एक बार फिर इलैक्ट्रॉनिक मशीनों (ईवीएम) के खिलाफ आवाजें उठने लगी हैं। अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराने के लिए तमाम विपक्षी दल जहां एक तरफ गठबंधन की कोशिश में जुटे हैं, वहीं उन्होंने ईवीएम की बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग भी तेज कर दी है। देश के 17 विपक्षी दलों ने यह मांग की है और तय किया है कि इन दलों का एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से मिलेगा। केंद्र और महाराष्ट्र सरकार में भाजपा के साथ गठबंधन सरकार में शामिल शिवसेना भी इन 17 दलों में शामिल है। ईवीएम में होने वाली गड़बड़ियों में पहले कभी-कभार ही कोई आवाज उठती थी। लेकिन पिछले साल हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में भाजपा की शानदार जीत के बाद बसपा प्रमुख मायावती ने यह मुद्दा जोरशोर से उठाया था। सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस चुनाव आयोग से आगामी चुनाव ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से कराने का आग्रह कर चुकी है। पार्टी के महाधिवेशन में पारित राजनीतिक प्रस्ताव में कहा गया था कि ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोप लगते रहे हैं। ऐसे में चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता को कायम रखने के लिए बैलेट पेपर की व्यवस्था को फिर से लागू करना चाहिए। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव कह चुके हैं कि अगला चुनाव बैलेट पेपर से होना चाहिए। अपनी मांग के समर्थन में उन्होंने हाल ही में ही बैलेट सत्याग्रह करने का ऐलान किया है। दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार ने बाकायदा दिल्ली विधानसभा में डेमो टेस्ट के जरिये दावा किया था कि ईवीएम मशीनों से आसानी से टैंपर किया जा सकता है। हालांकि इस पर सवाल उठते रहे हैं कि ईवीएम मशीन थी या उसके जैसी कोई और मशीन? ईवीएम हटाए जाने की मांग करने वाले दलों में राजद, आरएलडी, आईयूएमएल आदि भी शामिल हैं। हालांकि यह भी सही है कि चुनाव आयोग ने जब ईवीएम हैक करने की चुनौती दी थी तो उसमें कोई भी राजनीतिक दल नहीं पहुंचा। हमारा मानना है कि अगर चुनाव आयोग को इन ईवीएम मशीनों से ही 2019 का लोकसभा चुनाव करवाना है तो पहले इन मशीनों को सार्वजनिक डेमो करवाकर इनकी एक्यूरेसी साबित करें। इससे चुनाव आयोग की विश्वसनीयता बढ़ेगी और विपक्षी दलों की आशंकाएं दूर होंगी। यह जांच विदेशी विशेषज्ञों की स्वतंत्र टीम से भी करवाई जा सकती है और यह तमाम विपक्षी  दल इनको हैक करके साबित करें कि यह ठीक नहीं है। चार राज्यों के विधानसभा चुनावों से पहले इन ईवीएम मशीनों की विश्वसनीयता स्थापित होना अत्यंत आवश्यक है। देश में निष्पक्ष, स्वतंत्र चुनाव हमारे लोकतंत्र की जड़ है।

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