Tuesday, 7 August 2018

मेहुल चोकसी को क्लीन चिट?

भगोड़े हीरा व्यापारी व कारोबारी और 13 हजार करोड़ रुपए के पंजाब नेशनल बैंक धोखाधड़ी मामले में आरोपी मेहुल चोकसी आजकल फिर सुर्खियों में है। ताजा विवाद मेहुल चोकसी की एंटीगुआ में नागरिकता के मुद्दे पर है। बताया जा रहा है कि चोकसी ने मई 2017 में एंटीगुआ में नागरिकता के लिए आवेदन किया था। एंटीगुआ के अनुसार उस समय भारत से जानकारी मांगी गई थी लेकिन तब भारतीय एजेंसियों ने इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई थी। मीडिया के मुताबिक एंटीगुआ के सिटीजनशिप बाई इन्वेस्टमेंट यूनिट (सीआईयू) ने कहा है कि मुंबई के पासपोर्ट ऑफिस से पुलिस अनुमति प्रमाण पत्र मिला था। इसमें कहा गया था कि मेहुल चोकसी के खिलाफ ऐसी कोई प्रतिकूल जानकारी नहीं है जिससे उन्हें एंटीगुआ और बरमूडा का वीजा हासिल करने या वहां आने-जाने से रोका जा सके। सीआईयू के मुताबिक चोकसी के नागरिकता आवेदन को इंटरपोल से पड़ताल और जांच कराने के बाद ही मंजूरी दी गई है। सीआईयू ने दो टूक कहा था कि अगर चोकसी के खिलाफ कोई वारंट था तो इंटरपोल के नागरिकता के लिए आवेदन के समय जानकारी देनी चाहिए थी। चोकसी इस साल चार जनवरी को भारत से भाग गया था व उसने 15 जनवरी को एंटीगुआ की नागरिकता ले ली थी। उसकी नागरिकता की प्रक्रिया नवम्बर 2017 में ही पूरी हो गई थी। इस पर भारत के विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि 2017 तक चोकसी के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं था। इसी आधार पर मुंबई पुलिस ने रिपोर्ट दी थी। इस मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की है। कांग्रेस ने सवाल किया है कि चोकसी के खिलाफ 2016 में पीएमओ में एक व्यक्ति की ओर से शिकायत के बाद उसके खिलाफ जांच क्यों नहीं कराई गई? कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने केंद्र की मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री दफ्तर ने सात मई और 26 मई 2015 को चोकसी के खिलाफ मिली शिकायतों पर एजेंसियों को जांच के लिए क्यों नहीं कहा। जांच लंबित रहने के बीच चोकसी को एजेंसियों ने हरी झंडी कैसे दे दी? दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए लिखा कि मोदी सरकार विजय माल्या और मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण को लेकर ड्रामा कर रही है। यह तो एक तरह से देश के साथ गद्दारी है न? केजरीवाल ने कहा कि सीबीआई माल्या के खिलाफ केस को कमजोर करती है और चोकसी को भारत से भागने और दूसरे देश की नागरिकता लेने में सहायता उपलब्ध कराती है और फिर इन दोनों को लेकर ड्रामा करती है।

-अनिल नरेन्द्र

No comments:

Post a comment