Wednesday, 14 November 2018

सरकारी परिसर में संघ की शाखा पर प्रतिबंध से बवाल

मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र (वचन पत्र) में लिखा है कि यदि उसकी सरकार बनी तो शासकीय परिसर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की शाखा लगाने पर प्रतिबंध लगाया जाएगा और अधिकारी-कर्मचारी को शाखा में जाने की छूट के आदेश को निरस्त किया जाएगा। इस लाइन से प्रदेश की सियासत गरमा गई है। 112 पेज के इस वचन पत्र में लिखे जाने से भाजपा के दिग्गजों ने कांग्रेस पर कड़ा पलटवार किया। रविवार को सुबह भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह, फिर संबित पात्रा और बाद में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने तीखा प्रहार किया तो सोशल मीडिया पर विनय सहस्त्र बुद्धे, कैलाश विजयवर्गीय ने ट्वीट कर कांग्रेस को घेरा। सियासी पारा चढ़ा तो कांग्रेस के लिए कमलनाथ, पी. चिदम्बरम, दिग्विजय सिंह और प्रियंका चतुर्वेदी ने मोर्चा संभाला। भाजपा की ओर से पलटवार करते हुए राकेश सिंह ने कहा कि हिम्मत हो तो शाखाओं पर प्रतिबंध लगाकर दिखाएं। पहले भी तीन बार ऐसी कोशिश हुई, लेकिन कांग्रेस को मुंह की खानी पड़ी। वहीं नरेंद्र सिंह तोमर ने कहाöसंघ एक सामाजिक व सांस्कृतिक संगठन है। राहुल गांधी खुद को हिन्दू बताने की कोशिश कर रहे हैं जो उनका नकलीपन है। कैलाश विजयवर्गीय ने कहाöदेशद्रोही, देश को हमेशा से लूटने वाले क्या जानें संघ के मूल को। बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद। यह अकल के अंधे और कंफ्यूज्ड पप्पू हैं। राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा का कहना है कि कांग्रेसी नक्सलियों का समर्थन करते हैं। लेकिन संघ पर प्रतिबंध लगाना चाहते हैं। इस मामले में राहुल गांधी, कमलनाथ माफी मांगें। वहीं कांग्रेस की ओर से प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ का कहना था कि भाजपा भ्रम फैला रही है। हम चाहते हैं कि कर्मचारी अपने कार्यालयों में बैठें ताकि जनता अपने कामों के लिए लाइनों में लगकर परेशान न हो। पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदम्बरम ने कहा कि सारे परिसरों में संघ की शाखाएं बंद कराएंगे और इनमें जाने पर दी गई छूट को खत्म किया जाएगा। संघ राजनीतिक एजेंडे वाला संगठन है। दिग्विजय सिंह का कहना है कि केंद्र सरकार में अधिकारी-कर्मचारी पर रोक लगी है। मध्यप्रदेश में भाजपा के मुख्यमंत्री उमा भारती और बाबू लाल गौर की सरकार में भी रोक लगी थी। कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि संघ न तो एक राजनीतिक संगठन है और न ही सांस्कृतिक। संविधान में सरकारी कर्मचारियों के लिए जो व्यवस्था है, उसका सभी को पालन करना चाहिए। मध्यप्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ के अध्यक्ष अशोक शर्मा ने कहा कि सरकारी आयोजन को छोड़कर किसी भी संगठन की शाखा या अन्य गतिविधि शासकीय परिसरों में नहीं होनी चाहिए। सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों को यह पूरी स्वतंत्रता मिलनी चाहिए कि वह किसी भी संगठन से जुड़ें। हिन्दुस्तान धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है, इसलिए कर्मचारी किसी भी संघ या संगठन की गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि वैसे तो प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आएगी नहीं, लेकिन यदि कांग्रेस में हिम्मत है तो संघ पर प्रतिबंध लगाकर दिखाए। उन्होंने कहा कि आरएसएस को लेकर कांग्रेस की सोच प्रदेश में मुस्लिम वोटों के तुष्टिकरण की कोशिश है।

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