Sunday, 18 November 2018

ताऊ देवीलाल की खून-पसीने से सींची विरासत तार-तार

हरियाणा के सबसे पभावशाली राजनीतिक परिवार में गत काफी दिनों से भयंकर महाभारत चल रहा है। ताऊ देवीलाल और उनके परिवार से हमारे परिवार के पुराने संबंध हैं। ताऊ अक्सर मेरे स्वर्गीय पिता श्री के. नरेन्द्र से मिलने आते थे। उन्होंने अपने खून-पसीने से इस पार्टी इंडियन नेशनल लोकदल को खड़ा किया। पुराने नाते की वजह से ताऊ देवीलाल की विरासत को तार-तार होते देख दुख हो रहा है। जहां तक चौधरी ओम पकाश चौटाला का संबंध है, मैं उन्हें बहुत परिपक्व राजनीतिक नेता मानता हूं। वह हर कदम सोच-समझकर उठाते हैं। चौटाला और उनके भाई के परिवार में जो युद्ध चल रहा है उसमें रोज नए मोड़ आ रहे हैं। पार्टी किसकी है, कौन है इसका मालिक यह लड़ाई जोरों से चल रही है। सोमवार को दोनों धड़ों ने इनेलो पर अपना-अपना हक जताया। पैरोल पर जेल से बाहर आने के बाद दिल्ली में कार्यकर्ताओं से अजय चौटाला ने कहा कि इनेलो कार्यकर्ताओं से उनका हक कोई नहीं छीन सकता। इनेलो कार्यकर्ताओं को कांग्रेसी कहने वालों को कांग्रेस मुबारक। दूसरी ओर अभय चौटाला ने जींद और हिसार में बैठक करके शक्ति पदर्शन किया और दावा किया कि इनेलो पर उनका हक है। तिहाड़ से 14 दिन की पैरोल मिलने के बाद दिल्ली के 18 जनपथ स्थित आवास पर कार्यकर्ताओं से मिलने पहुंचे इनेलो के पधान महासचिव और दुष्यंत व  दिग्विजय के पिता डा. अजय चौटाला खुलकर अपने बेटें दुष्यंत और दिग्विजय के साथ खड़े हो गए। उनके तेवर काफी तीखे थे। अजय ने कहा कि पार्टी किसी की बपौती नहीं है। ओम पकाश चौटाला की भी नहीं। उधर दुष्यंत और  दिग्विजय चौटाला को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाने के बाद बुधवार को पधान महासचिव अजय चौटाला को भी इंडियन नेशनल लोकदल से निष्कासित कर दिया गया है। नेता पतिपक्ष अभय चौटाला की पेस कांपेंस में यह दावा किया गया कि यह निष्कासन पार्टी सुपीमो ओम पकाश चौटाला के हस्ताक्षर से किया गया है। दिग्विजय चौटाला ने कहा कि अजय चौटाला के निष्कासन का पत्र फर्जी है। इसे चंडीगढ़ में मंगलवार की रात तैयार किया गया। ओम पकाश चौटाला को विश्वास में नहीं लिया गया। यह बात जगजाहिर है कि ओम पकाश चौटाला के दोनों बेटों अजय सिंह और अभय सिंह की भी पारंभ से ही ठनी रही है। अभय सिंह की छवि विवादित रही है। ग्रीन ब्रिगेड में उनके कारनामे और दिल्ली के पांच सितारा होटल में हुए हंगामे की कहानियां कौन नहीं जानता। वक्त ने रंग बदला और टीचर घोटाले में ओम पकाश चौटाला और उसके बड़े बेटे अजय सिंह दोनों दस-दस वर्ष के लिए जेल चले गए। अजय सिंह की विरासत की कमान दुष्यंत चौटाला और उसके भाई दिग्विजय सिंह ने संभाली। अभय सिंह इन दिनों हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं। ताऊ देवीलाल के खून-पसीने से सींची इंडियन नेशनल लोकदल यूं तार-तार होते देख दुख हो रहा है। उम्मीद है कि यह पारिवारिक अंतर्द्वंद्व जल्द हल होगा।

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