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Thursday, 21 June 2018

दिल्ली में खून सस्ता पानी महंगा

दिल्ली में खून सस्ता और पानी महंगा हो गया है। पिछले दो महीने में पानी को लेकर तीन लोगों की हत्या कर दी गई। दिल्ली के इतिहास में इस तरह की स्थिति पहली बार हुई है जब लोग पानी के लिए एक-दूसरे की जान ले रहे हैं और पानी का मंत्री भूख हड़ताल पर है या उपराज्यपाल के एसी कमरे में धरने पर है। दिल्ली के नेता पतिपक्ष ने कहा कि गर्मी के दिनों में दिल्ली में 1200 एमजीडी (बिलियन गैलन पतिदिन) पानी की आवश्यकता होती है, लेकिन आपूर्ति 870 एमजीडी से भी कम की हो रही है, आम आदमी पार्टी से निकाले गए कपिल मिश्रा ने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड की कोई भी फाइल उपराज्यपाल व केंद्र सरकार के पास नहीं जाती है। जल बोर्ड का पूरा बजट एक बार में पास होता है। इसे कोई नहीं रोक सकता है, लेकिन जल बोर्ड के चेयरमैन अरविंद केजरीवाल अपना काम छोड़कर धरने पर एसी कमरे में बैठे हुए हैं। केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने भी माना है कि दिल्ली के संगम विहार में ज्यादातर लड़ाई-झगड़े का कारण पानी की किल्लत रही है। वह संगम विहार में बृहस्पतिवार रात पानी के कनेक्शन के विवाद में जान गंवाने वाले किशन भड़ाना के परिजनों से मिलने उनके घर शनिवार को पहुंचे थे। उन्हें किशन भड़ाना के परिजनों ने बताया कि कुछ दबंग लोग क्षेत्र में दिल्ली सरकार की मिलीभगत से पानी की कालाबाजारी करते हैं। सरकारी पाइप लाइन से कनेक्शन जोड़ने नहीं देते। इस बात पर संगम विहार में अक्सर लड़ाई होती है। चिंता की बात यह है कि संगम विहार में जहां एक तरफ पानी के लिए लोग एक-दूसरे का खून बहा रहे हैं, वहीं माफिया सरकारी टैंकरों का पानी ब्लैक में बेचकर चांदी काट रहा है। पानी माफिया दिल्ली जल बोर्ड के टैंकरों का पानी पहले अपने अंडरग्राउंड टैंक में स्टोर करते हैं, फिर अपने निजी टैंकरों में भरकर लोगों को ब्लैक करते हैं। दिल्ली सरकार भले ही लोगों को निशुल्क पानी उपलब्ध कराने का दावा कर रही हो, लेकिन कम से कम संगम विहार में तो लोगों से इसकी बूंद-बूंद की कीमत वसूली जा रही है। लोगों का ऐसा भी कहना है कि स्थानीय जनता के पतिनिधि और दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों के साथ मिलीभगत से पानी माफिया सरकारी पानी बेच रहा है। इससे भी बड़ी चिंता की बात दिल्लीवासियों के लिए यह है कि अगले महीने दिल्ली में पेयजल किल्लत और बढ़ सकती है क्योंकि हरियाणा ने 30 जून तक ही अतिरिक्त पानी आपूर्ति की बात कही है। ऐसा हुआ तो कई इलाकों में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस जाएंगे। इस हालत को देखते हुए जल बोर्ड ने उत्तर पदेश से गुहार लगाई है लेकिन अभी वहां से अतिरिक्त पानी मिलने की उम्मीद बहुत कम है। आशा करते हैं कि पानी की समस्या का जल्द समाधान होगा।

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