Friday, 15 June 2018

एक महीना, तीन हस्तियां, एक गोली और जिन्दगी खत्म

पिछले एक महीने से आत्महत्याओं ने हमें तो चौंका दिया है। मंगलवार को ग्लैमर की चकाचौंध छोड़ शांति की तलाश में आध्यात्म की राह अपनाने वाले भय्यूजी महाराज ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इस पहले मुंबई के जांबाज पुलिस अफसर महाराष्ट्र अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त एवं आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) जैसी जिम्मेदारियां निभा चुके हिमांशु राय ने अपनी जान ले ली। पुलिस महकमे में राजेश साहनी ऐसे चन्द अफसरों में शुमार थे, जो किसी तरह के विवाद और चर्चाओं से दूर रहते थे। काबिलियत और जुनून के लिए मशहूर होने के बावजूद राजेश साहनी अकेलेपन की भेंट चढ़ गए। इन तीनों हस्तियों को देखें तो शायद ही कोई कमी नजर आए। एक इंसान को जिस पद, प्रतिष्ठा और धन-दौलत की चाह होती है, वो भय्यूजी महाराज से लेकर साहनी तक तीनों के पास थी। भय्यूजी महाराज दुनिया को जिन्दगी का मंत्र देने वाले हाई-प्रोफाइल आध्यात्मिक गुरु ने गत मंगलवार दोपहर को इंदौर स्थित अपने घर में खुद को गोली मार ली। पुलिस के अनुसार उनके कमरे से मिले नोटपैड पर लिखा एक सुसाइड नोट मिला है। उसमें लिखा है कि परिवार की देखभाल करने के लिए कोई होना चाहिए। मैं जा रहा हूं, बहुत ज्यादा तनाव है। मैं तंग आ चुका हूं। भय्यूजी महाराज ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से दाईं कनपटी पर गोली मारी। उन्होंने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया था जिसे तोड़कर उन्हें बाहर निकाला गया। सिल्वर प्रिंग स्थित निवास से उनको अस्पताल लेकर गए लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बड़ी हस्तियों से संबंधों और अपने शौक की वजह से भी भय्यूजी महाराज चर्चा में पहले से थे। पहले उन्होंने कपड़ों के एक ब्रांड के विज्ञापन के लिए मॉडलिंग भी की, बाद में वह संत बन गए। 2011 में अन्ना आंदोलन के समय राष्ट्रीय स्तर पर वह चर्चा में आए थे। पीएम नरेंद्र मोदी, पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, संघ प्रमुख मोहन भागवत, शरद पवार, लता मंगेशकर, आशा भोंसले, स्वर्गीय विलास राव देशमुख, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, मनसे के राज ठाकरे के अलावा कई हस्तियों से उनके संबंध थे। भय्यूजी महाराज की आत्महत्या के मामले में पुलिस कई बिन्दुओं पर जांच कर रही है। वह कई दिनों से पारिवारिक विवाद की वजह से तनाव में थे। सूत्र बताते हैं कि दूसरी शादी के बाद पत्नी का दखल उनके जीवन में काफी बढ़ गया था। भय्यूजी महाराज पहली पत्नी से हुई बेटी कुहू से बहुत प्यार करते थे। दूसरी शादी होने के बाद बेटी ने उनसे दूरी बना ली थी। कुहू पुणे से मंगलवार को ही इंदौर आई हुई थी। अपने कमरे को अस्तव्यस्त देखकर कुहू की पत्नी से बहस हुई थी। 50 लाख की प्रॉपर्टी के विवाद और पारिवारिक कलह को लेकर भी वह तनाव में थे। भय्यूजी की मौत के बाद बेटी कुहू ने कहाöमैं उन्हें (डॉ. आयुषी) को अपनी मां नहीं मानती। उन्हीं के कारण पिता ने यह कदम उठाया। उन्हें जेल में बंद करो। हम अपनी श्रद्धांजलि पेश करते हैं एक महान संत को।

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