Friday, 24 June 2016

एक तरफ महबूबा का चुनाव दूसरी तरफ अमरनाथ यात्रा की चिंता

जम्मू-कश्मीर एक निहायत खतरनाक दौर से गुजर रहा है। आए दिन सुरक्षा बलों पर आतंकी हमले हो रहे हैं। आने वाले दिन और भी ज्यादा संवेदनशील होंगे। एक तरफ तो अनंतनाग से जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती चुनाव लड़  रही है तो दूसरी तरफ इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा आरम्भ होने वाली है। यही नहीं अनंतनाग विधानसभा उपचुनाव पर तो पाकिस्तान की भी नजर है। अलगाववादियों के बहिष्कार का आह्वान बेअसर होता नजर आ रहा है, शनिवार को आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन द्वारा अनंतनाग विधानसभा क्षेत्र में चुनाव बहिष्कार के पोस्टर चिपकाने की सूचना आई थी। हालांकि माना जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन से उत्पन्न संवेदना के कारण उपचुनाव में मतदान का पतिशत पिछले चुनावों से बढ़ सकता है। 2002 में तो अनंतनाग में मतदान का पतिशत 7.16 फीसदी तक पहुंच गया था। दरअसल लगातार यहां आतंकवाद के दौर में मतदाताओं को धमकी देना, वोटिंग का बहिष्कार करने तथा सरकार के पति नफरत का भाव पैदा करने की वजह से मतदाता वोट देने से कतराने लगे। पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम के बाद भी वे घर से निकलकर बूथ तक नहीं जाते थे। पाकिस्तान लगातार घाटी में जम्हूरियत के खिलाफ रहा है। वह किसी न किसी पकार इसमें खलल डालने की कोशिशें करता रहा है। आईएसआई तथा आतंकी संगठन लगातार यहां चुनाव से पहले गड़बड़ी फैलाने की साजिश रचते रहे हैं। अनंतनाग से महबूबा की जीत-हार का दोनों देशों के बीच संबंध पर भी सीधा असर पड़ेगा। महबूबा लगातार अमन शांति के लिए पाकिस्तान से बातचीत की हिमायती रही हैं। इस वजह से भी पाकिस्तान अनंतनाग उप चुनाव पर लगातार नजरें बनाए हुए है। दूसरा खतरा है वार्षिक अमरनाथ यात्रा का। वैसे भी  मौसम चिंता का विषय बना हुआ है ऊपर से यह आतंकियों के लिए नर्म यात्रा। जम्मू-कश्मीर सरकार ने राज्य में अमरनाथ यात्रा के पूरे मार्ग को आतंकवादी हमले के लिहाज से अत्यधिक संवेदनशील घोषित किया है और सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। राज्य सरकार द्वारा जारी निर्देश में सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों को कहा गया है कि वे इस मामले में सभी नियमों का पालन करें ताकि 2 जुलाई से शुरू हो रही यात्रा की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। श्राइन बोर्ड ने अमरनाथ यात्रा में शामिल होने के लिए लाखों लोगों को न्यौता तो दे दिया लेकिन अब वह परेशान हो गया है। उसकी परेशानी का कारण बदलते हालात तो हैं ही बदलता मौसम भी है। आधिकारिक सूत्र कहते हैं कि अनंतनाग जिले में आतंकी घटनाएं पिछले कुछ दिनों से ब़ढ़ी हैं। खतरा सिर्फ अनंतनाग में ही नहीं यात्रा को भी है।
-अनिल नरेंद्र


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