Thursday, 30 June 2016

दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉलर का 29 साल में संन्यास

हार-जीत हर खेल का हिस्सा है लेकिन एक जिस किसी खिलाड़ी को 29 वर्ष की उम्र में ही खेल से संन्यास लेने पर विवश कर दे तो हर कोई चौंकेगा ही? चिली और अर्जेंटीना के बीच खेले गए कोपा अमेरिका फुटबॉल टूर्नामेंट के फाइनल में मैच के विनर का फैसला पेनल्टी शूटआउट में हुआ। इस शूटआउट में दोनों टीमें अपनी-अपनी पहली किक मिस कर गईं। चिली के आर्तुरो विडाल तो अर्जेंटीना के लियोनल मेसी पेनल्टी किक पर गोल नहीं दाग सके और चिली जीत गया और लगातार दूसरी बार कोपा अमेरिका का चैंपियन बना। मेसी इस हार से इतने आहत हुए कि उन्होंने मीडिया के साथ बातचीत के दौरान अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल से ही संन्यास लेने की घोषणा कर डाली। मैच खत्म होने के चन्द पलों बाद संन्यास लेने की मेसी की घोषणा ने दुनिया में फुटबॉल प्रेमियों में तूफान मचा दिया। सवाल हो रहे हैं कि दुनियाभर को अपना दीवाना बना देने वाला मेसी क्यों हार का जिम्मेदार है? जबकि इसी मेसी ने कोपा अमेरिका 2016 के पिछले मैचों में बेहतरीन प्रदर्शन करके टीम को फाइनल तक पहुंचाया? बावजूद इसके मेसी को हार का जिम्मेदार इसलिए ठहराया जा रहा है कि उनसे यह कतई उम्मीद नहीं थी कि वह फाइनल मैच में पेनल्टी मिस कर जाएंगे। पिछले कुछ वर्षों में मेसी ने प्रदर्शन, गेंद पर नियंत्रण, पासिंग और दमदार गोल की बदौलत पूरी दुनिया को अपना दीवाना बना दिया है। यही खासियत मेसी और उनकी टीम अर्जेंटीना की पहचान बन गई। जबकि हकीकत यह है कि अर्जेंटीना में लावेज, डी मारिया, फर्नांडीस जैसे और भी स्टार खिलाड़ी हैं जो अबकी बार चोटिल होने के कारण फाइनल में नहीं खेल सके। लेकिन पांच बार के इस चैंपियन खिलाड़ी से मैदान में उनके दीवाने कुछ ज्यादा ही उम्मीदें लगा लेते हैं। वैसे इसी टूर्नामेंट में मेसी का जादू खुलकर बोला। यहां तक कि जिस चिली के खिलाफ उनका फाइनल मुकाबला था, उसे वे ग्रुप मुकाबलों में 2-1 से हरा चुके हैं। ऐसा नहीं कि कोपा अमेरिका में जीतने से मेसी की महानता कुछ और बढ़ जाती, पर नहीं जीतने से क्लब के लिए हीरो और देश के लिए जीरो की बातें फिर से होनी लगी है। मेसी के आलोचक भी मानते हैं कि अगर उनके नाम वर्ल्ड कप और कोपा अमेरिका खिताब होता तो वे सर्वकालिक महानतम खिलाड़ी कहलाते। स्किल के लिहाज से उन्हें ब्राजील के पेले (तीन वर्ल्ड कप) और हमवतन डिएगो माराडोना के समक्ष रखा जाता है। लेकिन अर्जेंटीना के लिए एक भी बड़ा खिताब नहीं जीत पाने के कारण वे ग्रेटेस्ट फुटबॉलर की होड़ में पिछड़ गए। हार के बाद लियोनल मेसी ने कहाöहम लगातार तीसरा फाइनल हारे। हमने पूरी कोशिश की लेकिन यह ट्राफी हमारे लिए नहीं थी। मेरे पेनल्टी मिस करने से हमें हार झेलनी पड़ी, सिर्प फाइनल तक पहुंचना काफी नहीं। जीतना जरूरी है।

-अनिल नरेन्द्र

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