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Friday, 1 February 2013

सुखबीर सिंह बादल बने अब दिल्ली के सरदार


 Published on 1 February, 2013
 अनिल नरेन्द्र
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनावों में सुखबीर सिंह बादल दिल्ली के सरदार बन गए हैं। उनके शिरोमणि अकाली दल (बादल) ने 10 वर्षों बाद अपना परचम फहरा दिया है। दिल्ली की संगतों ने लगभग 10 वर्ष बाद शिरोमणि अकाली दल बादल को 37 सीटों पर जिताकर दो-तिहाई बहुमत देकर कमेटी की सेवा सम्भालने का मौका दिया है। पंजाब के उपमुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल दिल्ली के भी सरदार बन गए हैं क्योंकि चुनाव प्रचार का नेतृत्व खुद उन्होंने ही किया था। शिरोमणि अकाली दल (सरना गुट) को जबरदस्त आघात लगा है। उसे केवल 8 सीटों पर संतोष करना पड़ा। उसके अध्यक्ष और दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना को अपने प्रतिद्वंद्वी  अकाली दल (बादल) के उम्मीदवार सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा से 4554 वोटों से हार का मुंह देखना पड़ा। सरना की हार के साथ ही दिल्ली कांग्रेस को भी करारा झटका लगा है। सरना गुट का चुनाव में सूपड़ा साफ हो गया है। परमजीत सिंह सरना न केवल अपनी परम्परागत सीट पंजाबी बाग से चुनाव ही हारे बल्कि वह अपनी जमानत तक नहीं बचा सके। चुनाव प्रचार इतना तीखा था कि खूनखराबा भी हो गया। दोनों पक्षों ने इसे अपनी प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया था। सरना गुट ने वर्षों से दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पर अपना एकाधिकार बना रखा था और इन्हें हटाना आसान नहीं था पर सुखबीर सिंह बादल ने साबित कर दिया कि वह चुनाव जिताने में माहिर हो चुके हैं। उन्होंने पंजाब विधानसभा चुनावों में भी उल्लेखनीय भूमिका निभाई थी। इस चुनाव में  बादल ने सरना गुट को तो हराया ही साथ-साथ कांग्रेस सरकार (दिल्ली) को भी पटखनी दे दी। परमजीत सिंह सरना ने बुरी हार के बाद आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार द्वारा सहयोग नहीं करने से उनका दल चुनाव हारा है। वहीं शिरोमणि अकाली दल बादल के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने उसे संगत की जीत बताया। 12 सफदरजंग रोड स्थित अपने निवास पर पत्रकारों से बातचीत में सुखबीर ने कहा कि जगदीश टाइटलर और सज्जन कुमार का गुणगान करने वालों को सिख संगत ने करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि 1984 के अत्याचार को लेकर सिखों में बहुत रोष है। इस जीत के दूरगामी परिणाम निकलेंगे। सुखबीर सिंह बादल ने इस मौके पर 2014 के लोकसभा चुनाव का भी जिक्र कर डाला। वह बोले कि हम नरेन्द्र मोदी के लिए पीएम पद की दावेदारी का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि हम बीजेपी के साथ हर हाल में हैं और अगर प्रधानमंत्री पद के लिए नरेन्द्र मोदी का नाम आता है तो अकाली दल बीजेपी का समर्थन करेगा। इस चुनाव परिणाम से दिल्ली में भाजपा कोभी फायदा होगा। भाजपा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने बिना मौका गंवाए कांग्रेस पर निशाना दाग दिया। उन्होंने कहा कि सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के महत्वपूर्ण चुनावों में कांग्रेसी गुट की शर्मनाक हार को मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और गुरुद्वारों का प्रचार देखने वाले कैबिनेट मंत्री अरविन्दर सिंह लवली की व्यक्तिगत हार है। उन्होंने कहा कि पिछले दो लिटमस टेस्टों में कांग्रेस की जबरदस्त पराजय हुई है। कांग्रेस के पतन की शुरुआत पिछले निगम चुनावों से ही हो गई थी।

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