Translater

Saturday, 17 April 2021

उत्तीर्ण होने का क्या होगा आधार?

केंद्रीय माध्यम शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा 10वीं की परीक्षा रद्द करने और 12वीं की बोर्ड परीक्षा स्थगित करने के फैसले के बाद अभिभावकों व छात्रों की मिलीजुली प्रतिक्रिया है। हालांकि स्वास्थ्य और सुरक्षा को सबने प्राथमिकता दी है। 12वीं के छात्र जहां परीक्षण में देरी को बेहतर मान रहे हैं वहीं 10वीं के छात्रों में यह चिंता है कि किस आधार पर उनको उत्तीर्ण किया जाएगा? जब परीक्षा नहीं होगी तो मूल्यांकन का आधार क्या होगा। इस बाबत सीबीएसई ने भी कुछ स्पष्ट नहीं किया है। 10वीं के छात्रों को उत्तीर्ण करने का क्या आधार होगा, इसको लेकर स्कूलों को भी सीबीएसई के निर्देशों का इंतजार है। इस बार देश में 10वीं में लगभग 21.5 लाख छात्र व 12वीं में लगभग 14 लाख छात्रों ने नामांकन कराया है। सीबीएसई के एक अधिकारी का कहना है कि इस दिशा में वर्कआउट करने के बाद चीजें सांझा की जाएंगी। वहीं एक निजी स्कूल के प्रिंसीपल का कहना है कि 10वीं के बोर्ड के छात्रों को उत्तीर्ण करने का आधार कई हो सकते हैं। प्री-बोर्ड, इंटरनल असेसमेंट, प्रैक्टिकल। बस बोर्ड यह तय करे कि उसके लिए कितना वेरेज दिया जाना है। उसी के आधार पर परिणाम निकाला जा सकता है। सेंट थॉमस की छात्रा रितिका शर्मा का कहना है कि 10वीं की परीक्षा रद्द करने का मुझे नुकसान हुआ है। जब सबको पास कर देंगे तो फिर पढ़ाई का मतलब क्या है। हालांकि कोविड पर उन्होंने भी चिंता जताई। माउंट आबू पब्लिक स्कूल की प्रिंसीपल ज्योति अरोड़ा ने वर्तमान स्थिति को देखते हुए इस फैसले को संतुलित निर्णय बताया। -अनिल नरेन्द्र

No comments:

Post a Comment