Translater

Tuesday, 26 April 2016

प्रधानमंत्री नवाज शरीफ बनाम सेना प्रमुख राहील शरीफ

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और प्रभावशाली सेना प्रमुख राहील शरीफ के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। तख्तापलट की आशंका के बीच नवाज शरीफ ने जनरल शरीफ को नाटकीय तरीके से चुनौती दी है। अपनी सरकार को अस्थिर करने की कोशिश करने वालों पर बरसते हुए नवाज ने कहा है कि उनका सिर सिर्प अल्लाह और अवाम के सामने झुकता है। एक नाटकीय टीवी संबोधन में शरीफ ने कहाöमेरी जवाबदेही सिर्प अल्लाह और अवाम के प्रति बनती है। उन्होंने यह भी कहा कि पनामा पेपर्स लीक में अपने और अपने परिवार के सदस्यों के नाम आने की अफवाह से मैं आहत हूं। इस मामले में किसी भी जांच के लिए पूरी तरह से तैयार हूं। पाक सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ द्वारा छह वरिष्ठ अधिकारियों को भ्रष्टाचार के आरोप में निकालने के बाद नवाज शरीफ ने नेशनल टीवी के जरिये अपनी सफाई दी। आर्मी चीफ ने अधिकारियों को बर्खास्त करते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई भ्रष्टाचार के रहते नहीं जीती जा सकती। माना जा रहा है कि राहील शरीफ का इशारा नवाज शरीफ की तरफ था। उन्होंने कहा कि आतंक के खिलाफ जारी हमारी जंग भ्रष्टाचार के रहते जीती नहीं जा सकती, इसलिए भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाने की खातिर हम सबको अपनी जवाबदेही तय करनी ही होगी। जनरल शरीफ का यह निशाना सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के लिए माना जा रहा है। इधर सेना प्रमुख का दबाव तो उधर विपक्षी दलों का। विपक्षी दल पनामा पेपर्स को लेकर प्रधानमंत्री के इस्तीफे पर अड़े हैं। नवाज के संबोधन के बाद नेशनल असेम्बली में विपक्ष के नेता खुर्शीद शाह ने जमात--इस्लामी के मुखिया और तहरीक--इंसाफ के महमूद कुरैली से बात भी की। गौरतलब है कि पनामा पेपर्स के लीक दस्तावेजों में नवाज शरीफ के दो बेटों हसन और हुसैन तथा बेटी मरियम को विदेशी कंपनियों का मालिक बताया गया है। शुरुआत में नवाज ने इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में विशेष आयोग से कराने की पेशकश ठुकरा दी थी। इस मामले को लेकर उन पर कितना दबाव है इसे इस बात से समझा जा सकता है कि इस महीने वे दो बार टीवी के माध्यम से देश को संबोधित कर चुके हैं। पाकिस्तान के अंदरुनी हालात ठीक नहीं हैं। सिविल सरकार और सेना के बीच तनातनी बढ़ रही है। पाकिस्तान में नवाज शरीफ और उनके परिवार के भ्रष्टाचार को लेकर जनता काफी नाराज है। सेनाध्यक्ष जनरल राहील शरीफ ने सेना के जनरल स्तर के अफसरों को भ्रष्टाचार के आरोप में बर्खास्त कर इसे और हवा दी है। इससे भी नवाज शरीफ की स्थिति लगातार कमजोर हो रही है।

No comments:

Post a Comment