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Saturday, 16 April 2016

क्या प्रॉपर्टी विवाद के कारण तंजील अहमद की हत्या हुई?

बहुचर्चित एनआईए डीएसपी तंजील अहमद हत्याकांड को यूपी पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार सारा मामला प्रॉपर्टी विवाद का था न कि कोई आतंकी घटना का। पुलिस के अनुसार हिस्ट्रीशीटर मुनीर ने दो साथियों के साथ मिलकर तंजील पर ताबड़तोड़ गोलियां दागकर इस वारदात को अंजाम दिया। इस वारदात में तंजील अहमद की पत्नी फरजाना खातून भी बुरी तरह घायल हुई थीं। गोली लगने से घायल फरजाना खातून का एम्स के ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा था। एनआईए के एक बयान में कहा गया कि बुधवार को सुबह 10.45 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। जब हमलावरों ने तीन अप्रैल को हमला किया उस समय फरजाना अपने पति और बच्चों के साथ एक पारिवारिक कार्यक्रम से लौट रही थीं। पठानकोट आतंकी हमले की जांच कर रही टीम के सदस्य रहे एनआईए के इंस्पेक्टर तंजील अहमद को गोलियों से भून दिया गया था। बरेली जोन के आईजी विजय सिंह मीणा ने खुलासा किया कि हत्या का कारण प्रॉपर्टी विवाद, रंजिश और बैंक लूट की मुखबरी करने का शक था। मुनीर ने पहले पिस्टल से चार राउंड गोलियां चलाईं, फिर रिवाल्वर और दूसरी पिस्टल से दोनों हाथों से गोलियां चलाकर तंजील अहमद को छलनी कर दिया। मुनीर बाइक पर पीछे बैठा था। बाद में रेहान ने भी तंजील पर फायर किया। इस दौरान मुनीर ने रेहान से कहा कि बहुत मुखबिरी करता था। वारदात में शामिल मुनीर के दोनों साथियों रेहान और जैनी को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुनीर अभी पकड़ा नहीं जा सका है। घटना के दिन रेहान अपने पिता के साथ स्योहारा बंधन मंडप में शादी पर गया था। करीब 10 बजे वहां से लौटा और योजना के तहत जैनी को लेकर सीबीजैड बाइक से सहसपुर के बाहर आ गया। वहां पहले से ही मुनीर इंतजार कर रहा था। कुछ देर बाद तंजील की गाड़ी निकलते ही दोनों बाइक से उनके पीछे लग गए। सहसपुर के पास कार को ओवर टेक किया। पुलिया के पास कार धीमी हुई तो मुनीर ने गोली चला दी। पिस्टल के खराब होने पर रिवाल्वर से गोलियां बरसा कर हत्या कर दी। आईजी ने बताया कि हत्या के कई कारण सामने आए हैं। रेहान ने बताया कि उसकी बुआ निखहत व फूफा तसलीम का दिल्ली के रंजीत नगर में पड़ोसी से झगड़ा हो गया था, जिसमें फूफा को जेल जाना पड़ा था, लेकिन तंजील ने कोई मदद नहीं की थी। हत्या का यह भी एक प्रमुख कारण बना। मुनीर को तंजील पर मुखबिरी करने का शक था। आईजी ने बताया कि मुनीर ने अपने साथी के साथ मिलकर धामपुर के पीएनबी की कैश वैन से 91 लाख रुपए लूटे थे। लूट के बाद सहसपुर के कुछ युवकों को हिरासत में लिया गया था। इन युवकों ने मुनीर को बताया था कि पुलिस लूट में उसका नाम ले रही है। यह काम तंजील के अलावा और कोई नहीं कर सकता। मुनीर ने यहीं से ठान ली कि तंजील को ठिकाने लगाना है। मुनीर को भड़काने में रेहान का हाथ था। रेहान तंजील से परिजनों को अपमानित व पीड़ित करने से नाराज था। इसके अलावा दो प्लाटों को लेकर भी मुनीर और तंजील के बीच विवाद था। इन तीनों वजह से इन सबने तंजील की हत्या की योजना बनाई। इस हत्याकांड की सबसे अहम कड़ी मानी जाने वाली तंजील की पत्नी फरजाना की मौत से इस हत्याकांड की जांच को तगड़ा झटका लगा है। फरजाना इस हत्याकांड में हत्यारों के ]िलए सबसे बड़ी गवाह थीं क्योंकि वारदात में उन्हें भी तीन गोलियां लगी थीं और उन्होंने हत्यारों को सबसे नजदीक से देखा था। एक बात समझ नहीं आ रही कि संभव है कि हत्यारों को तंजील अहमद से दुश्मनी हो, पर बीवी, बच्चों की मौजूदगी में इस तरह हत्या करना? हमले के समय दोनों बच्चे पिछली सीट पर बैठे थे? शुक्र है कि वह बच गए। क्या इस हत्याकांड की वजह शाहीन बाग की करोड़ों रुपए की एक दुकान से लूटी गई रकम और बैंक वैन से लूटी 91 लाख रुपए द्वारा कथित रूप से तंजील का हड़पना भी क्या एक कारण था? रेहान ने भी पुलिस के सामने खुलासा किया है कि तंजींल और मुनीर दोनों प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त के धंधे में साथ-साथ थे। धामपुर बैंक लूट की रकम मुनीर ने तंजील के जरिये प्रॉपर्टी में ही लगा दी थी। लेकिन यह सारी प्रॉपर्टी तंजींल ने किसके नाम से खरीदी, इस बात की जानकारी अभी तक नहीं मिल पाई है। पुलिस इस एंगल की भी तहकीकात कर रही है।
-अनिल नरेन्द्र



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