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Tuesday, 8 December 2020
फ्रांस की 76 मस्जिदों की जांच शुरू
पेरिस में दो आतंकी हमलों के बाद फ्रांस ने मस्जिदों की सख्त जांच शुरू कर दी है। यहां होम मिनिस्टर ने साफ कर दिया है कि अगर मस्जिदों में कुछ गलत पाया गया तो उन्हें बंद कर दिया जाएगा। फ्रांस सरकार के सूत्रों का दावा है कि देश में कुछ जगहों से कट्टरता और अलगाववाद को बढ़ावा दिया जा रहा है और इनके खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे। फ्रांस में अक्तूबर में एक हिस्ट्री टीचर का सिर काटकर उसे मौत के घाट उतार दिया गया था। इसके बाद नीस शहर में एक कट्टरपंथी ने तीन लोगों की हत्या कर दी थी। फ्रांस के होम मिनिस्टर गेराल्ड डेरमैनियन ने गुरुवार को कहा है कि कुछ मस्जिदों को बंद किया जा सकता है, क्योंकि यह आतंकवाद को बढ़ावा दे रही हैं। सरकार की जांच के दायरे में 76 मस्जिदें हैं। इससे देश में अलगाववाद बढ़ रहा है। पेरिस के एक उपनगरीय इलाके में मस्जिद को पहले ही छह महीने के लिए बंद किया जा चुका है। अक्तूबर में हिस्ट्री टीचर सैमुअल पैटी की हत्या करने वाला आतंकी इसी मस्जिद से जुड़ा था। वो मूल रूप से चेचेन्या का रहने वाला था और गैर-कानूनी तौर पर फ्रांस में रह रहा था। यूरोप में जितने मुस्लिम देश हैं, उनमें से सबसे ज्यादा मुस्लिम फ्रांस में ही रहते हैं। हिस्ट्री टीचर की हत्या के बाद राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने साफ कर दिया था कि इस्लामिक कट्टरता को जड़ से खत्म करना जरूरी है और उनकी सरकार इसके लिए हर कदम उठाएगी। हिस्ट्री टीचर की हत्या के दो हफ्ते बाद नीस शहर में तीन लोगों की चाकू से गला रेत कर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद सरकार और फ्रांस के लोगों का सब्र का बांध टूट गया। बता दें कि फ्रांस में बड़ी तादाद में इस्लामिक स्टेट के आतंकी घुस चुके हैं और अभी कई और हमलों की संभावना बनी हुई है। फ्रांस सहित यूरोप के कई और देश आतंकियों के निशाने पर हैं। दरअसल पूरा यूरोप अब इन आतंकियों को रोकने में जुट गया है। चाहे वे मस्जिदें हों चाहे वह फ्लाइटों से नए आतंकियों के घुसने का प्रयास हो। यूरोपीय यूनियन के देशों में पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस पर लगा बैन हटाया नहीं जाएगा। यूनियन ने साफ कर दिया है कि पीआईए छह महीने गुजर जाने के बावजूद अपने सेफ्टी स्टैंडर्स प्रोटोकॉल में कई सुधार नहीं कर पाई है। लिहाजा जुलाई में लगाया गया प्रतिबंध जारी रहेगा। पाकिस्तान सरकार ने इस फैसले पर अफसोस जाहिर किया है। यह मामला जून में शुरू हुआ तब पाकिस्तान के एविएशन मिनिस्टर गुलाम सरवर ने संसद में खुलासा किया था कि देश के 40 प्रतिशत पायलट फर्जी लाइसेंस और डिग्री लेकर नौकरी कर रहे हैं। जियो न्यूज के मुताबिक पीआईए की दिक्कतें खत्म नहीं हो पा रही हैं। ज्यादातर देशों ने पीआईए की फ्लाइट्स पर बैन लगा दिया। इनमें मुस्लिम देश, यूरोपीय यूनियन और अमेरिका शामिल हैं। फर्जी लाइसेंस तो बहाना है असल डर इसका है कि इन उड़ानों में आतंकी आते हैं और तमाम देशों में आतंकी हमले बढ़ते हैं।
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