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Saturday, 22 January 2022
चुनावी दौर में छापों की लहर के बाद कोई नतीजा नहीं
पांच राज्यों में जारी चुनाव के बीच ईडी, सीबीआई, आयकर विभाग, पुलिस की छापेमारी तेज हो जाती है। विपक्ष आरोप लगाता है कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करती है। पर कटु सत्य यह है कि पिछले कुछ चुनावों से ठीक पहले सरकार कोई भी हो वह छापेमारी तेज कर देती है और चुनाव खत्म होते ही वह सारी चीजें ठंडे बस्ते में चले जाती हैं। पिछले पांच दिनों में आचार संहिता लगने के बाद पुलिस व प्रशासन सख्त है। टीमें लगातार नकदी बरामद कर रही हैं। पांच दिनों में पुलिस ने 1.30 करोड़ रुपए से ज्यादा की बरामदगी की है। चार दिन पहले कोतवाली सेक्टर-50 पुलिस ने सेक्टर-61 के पास से 25 लाख रुपए और कोतवाली सेक्टर-20 क्षेत्र से करीब एक लाख रुपए की बरामदगी हुई थी। सोमवार को कोतवाली सेक्टर-58 पुलिस ने पांच लाख की बरामदगी की तो मंगलवार को 99 लाख से अधिक बरामदगी स्टेडियम के पास टोयोटा फॉर्च्यूनर से हो गई। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आदर्श आचार संहिता के अनुपालन में लगी स्टैटिक सर्विलांस टीम ने मंगलवार सुबह स्टेडियम के पास फॉर्च्यूनर कार से 99.30 लाख रुपए बरामद किए। कार सवार दो युवकों को हिरासत में लेकर पुलिस व आयकर विभाग की टीम ने पूछताछ की तो वह कोई संतोषजनक जानकारी नहीं दे पाए। इसके बाद कोतवाली सेक्टर-24 पुलिस ने नकदी जब्त कर ली। आयकर विभाग व पुलिस ने नकदी का इस्तेमाल चुनाव में होने की आशंका जताई है। पुलिस के अनुसार चुनाव में धन के दुरुपयोग पर नजर रखने के लिए एसएसटी की टीमें तैनात की गई हैं। मंगलवार सुबह एक टीम ने सेक्टर-21ए स्थित स्टेडियम के पास कार को रोका तो उसमें चालक समेत दो युवक सवार थे। कार में 99,30,500 रुपए रखे थे। जब उनसे पूछताछ की गई तो पता चला कि कार वजीरपुर, दिल्ली निवासी अखिलेश चला रहा था और साथ में करोल बाग निवासी अरुण बैठा था। पूछताछ से पता चला कि नकदी दिल्ली के अशोक विहार निवासी आयुष जैन की है। आयुष जैन गारमेंट कारोबारी है। कार अग्रवाल के नाम पर है। निधि के पति नितिन आयुष के कारोबार में साझेदार हैं।
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