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Saturday, 20 October 2012

अब चौटाला ने लगाए राहुल गांधी पर स्टाम्प ड्यूटी चोरी के आरोप


 Published on 20 October, 2012
अनिल नरेन्द्र
आरोपों-प्रत्यारोपों का ऐसा दौर चल पड़ा है कि हर रोज कोई न कोई नया आरोप-घोटाले का पर्दाफाश कर रहा है। सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा का डीएलएफ जमीनों की खरीद-फरोख्त का मामला अभी  थमा नहीं कि हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री व इंडियन नेशनल लोक दल प्रमुख ओम प्रकाश चौटाला ने बुधवार को कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी को भी लपेट लिया। इनेलो प्रमुख ने आरोप लगाया है कि हरियाणा के पलवल जिले के हसनपुर में राहुल से जमीन की रजिस्ट्री में राज्य सरकार ने काफी कम राजस्व लिया, वहीं उन्होंने खरीद-फरोख्त में ब्लैक मनी इस्तेमाल की। चौटाला ने जालंधर में राहुल गांधी के नाम पर खरीदी गई जमीन की रजिस्ट्री के कागजात दिखाते हुए कहा कि उनके नाम पर 51 कनाल 13 मरला जमीन गांव मौजा हसनपुर, तहसील होडल, जिला फरीदाबाद (अब पलवल) में खरीदी गई है। जमीन को एचएल पाहवा पुत्र शेर सिंह पाहवा, निवासी डीएलएफ गुड़गांव ने बेचा है। तीन मार्च 2008 को पाहवा ने राहुल को जिस समय जमीन बेची उस समय उसका कलेक्टर रेट 8 लाख रुपए प्रति एकड़ था, लेकिन स्टाम्प ड्यूटी डेढ़ लाख रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से जमा की गई। जमीन की रजिस्ट्री में गवाही ललित नागर ने डाली थी, जिसको कांग्रेस ने विधानसभा का टिकट दिया। इनेलो प्रमुख ने आरोप लगाया कि एक ही दिन रॉबर्ट वाड्रा और राहुल की जमीनों की रजिस्ट्रियां की गईं और दोनों में डेढ़ लाख रुपए प्रति एकड़ राजस्व लिया गया। श्री ओम प्रकाश चौटाला ने रॉबर्ट वाड्रा पर भी कई आरोप लगाए हैं। रॉबर्ट वाड्रा को गुड़गांव, मानेसर, फरीदाबाद, मेवात, पलवल में कौड़ियों के भाव जमीन दी गई जिसमें अरबों का घोटाला हुआ है। 7.50 करोड़ में खरीदी जमीन वाड्रा की कम्पनी मैसर्स रियल अर्थ एस्टेट ने 58 करोड़ में डीएलएफ को बेची, 50 करोड़ एडवांस लिए। रॉबर्ट की कम्पनी ने मई 2009 में मेवात जिले के गांव शकरपुरी में छह अलग-अलग रजिस्ट्रियां करवाकर 29 एकड़ जमीन खरीदी, बाजार में भाव 14 करोड़ और कलेक्टर रेट साढ़े चार करोड़ रुपए से अधिक था। यह रजिस्ट्रियां 71 लाख रुपए के हिसाब से करवाई गईं। उस समय शकरपुरी में कलेक्टर रेट 16 लाख रुपए प्रति एकड़ और बाजार का भाव 40-50 लाख रुपए प्रति एकड़ था। यह रजिस्ट्रियां ढाई लाख रुपए प्रति एकड़ से भी कम रेट पर करवाई गईं। यह रजिस्ट्रियां रॉबर्ट वाड्रा के नाम पर आफताब अहमद के परिवार द्वारा कराई  गईं जो नूंह विधानसभा सीट से कांग्रेस के विधायक हैं। सरकार द्वारा पुनर्वास योजना के तहत अलाट की गई दलितों की जमीनों की रजिस्ट्रियां भी वाड्रा की कम्पनी के नाम पर की गईं। यह गैर-कानूनी है। अलाट जमीन बिक नहीं सकती। कांग्रेस ने चौटाला के आरोपों का खंडन किया है। कांग्रेस के प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ चौटाला द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह से आधारहीन हैं। चौटाला को अन्य लोगों के खिलाफ आरोप लगाने से पहले स्वयं और अपने बेटों के बारे में विचार करना चाहिए, खुद राहुल गांधी ने आरोपों को निराधार व अपमानजनक बताया। उन्होंने कहा कि पलवल में खरीदी जमीन की स्टाम्प ड्यूटी का भुगतान किया गया और चौटाला के आरोप गलत हैं। 

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