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Sunday, 4 November 2012

क्रिकेट प्रेमियों की आड़ में आतंकियों को न घुसेड़ दे आईएसआई


Vir Arjun, Hindi Daily Newspaper Published From Delhi


   Published on 4 November, 2012   
अनिल नरेन्द्र
भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच का रोमांच पांच साल बाद फिर से महसूस किया जा सकेगा। फील्ड पर बाहर दोनों की जगह कट्टर प्रतिद्वंद्वी इन पड़ोसी मुल्कों के बीच सीमित ओवरों की यह घरेलू सीरीज दिसम्बर में शुरू होगी। फिलहाल  इंग्लैंड की टीम भारत दौरे पर है जो यहां टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने के बाद क्रिसमस की छुट्टियों के लिए स्वदेश रवाना होगी। इसके तुरन्त बाद भारत-पाक सीरीज शुरू होगी। यह सीरीज खत्म हेने के बाद इंग्लैंड टीम फिर भारत लौटेगी और यहां वन डे और टी-20 मैचों की सीरीज खेलेगी। गौरतलब है कि बीसीसीआई ने जुलाई में पाकिस्तान के साथ दोबारा क्रिकेट रिश्ते बहाल करने का फैसला किया था। उस वक्त गावस्कर और कीर्ती आजाद जैसे पूर्व क्रिकेटरों ने इस फैसले का विरोध किया था। गावस्कर ने पाकिस्तान के साथ दोबारा क्रिकेट संबंध शुरू करने की जरूरत पर सवाल उठाया था। गावस्कर ने यह भी कहा था कि इंग्लैंड और पाकिस्तान से लगातार सीरीज खेलने पर टीम इंडिया को आराम का वक्त नहीं मिल सकेगा। 2008 में मुंबई पर हुए 26/11 के आतंकवादी हमलों के बाद पाकिस्तान के साथ क्रिकेट रिश्तों को भारत ने खत्म कर दिया था। पाकिस्तान की टीम आखिरी बार भारत दौरे पर 2007 में आई थी। इसके बाद से दोनों देशों के बीच कोई भी द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेली गई है। उल्लेखनीय है कि 2009 में पाक दौरे पर गई श्रीलंका की टीम पर लाहौर में आतंकी हमला हुआ था। इसके बाद पाकिस्तान में इंटरनेशनल क्रिकेट थम गया और किसी भी टीम ने अभी तक पाक का दौरा नहीं किया है। शिवसेना प्रमुख ने दो दिन पहले कहा है कि पाकिस्तानी टीम को महाराष्ट्र में खेलने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने बृहस्पतिवार को पार्टी के मुखपत्र सामना में लिखा है कि यह तो अच्छा हुआ कि पाकिस्तानियों के साथ जिन स्थानों पर मैच खेला जाएगा उनमें कोई महाराष्ट्र में नहीं। ठाकरे ने लिखा है, `पाकिस्तानियों से क्रिकेट का धर्म युद्ध होगा। खेल वाले शहरों में भी पाकिस्तानियों ने आतंकी हमले तो किए ही हैं और दिल्ली में तो संसद की पीठ पर पाकिस्तानियों ने ही खंजर घोंपा है। हम अपने फैसले पर अडिग हैं कि पाकिस्तानियों को किसी भी हाल में महाराष्ट्र की पवित्र भूमि पर कदम नहीं रखने देंगे।' सरकार ने भारत-पाक क्रिकेट सीरीज को मंजूरी तो दे दी है लेकिन पाक दर्शकों को मल्टी सिटी वीजा दिए जाने पर गृह मंत्रालय पशोपेश में है। संयुक्त सचिव की अगुवाई में काम करने वाली एक विशेष कमेटी तय करेगी कि पाकिस्तान से आने वाले क्रिकेट प्रेमियों को एक ही शहर का वीजा दिया जाए या उन सभी शहरों का जहां मैच खेले जाने हैं, फिर इस खतरे से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई मौके का फायदा उठाकर कहीं खेल प्रेमियों की आड़ लेकर आतंकी न घुसा दे? भारतीय खुफिया एजेंसियों ने केंद्र सरकार को सतर्प किया है कि इस सम्भावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। आईएसआई लगातार भारत में आतंकी हमले की फिराक में रहती है। खुफिया सूत्रों के अनुसार क्रिकेट मैच के दौरान सबसे अधिक खतरा इंडियन मुजाहिद्दीन और पूर्वोत्तर के उग्रवादी संगठनों से है क्योंकि इन लोगों से पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिद्दीन और हरकत-उल-जेहादी इस्लामी जैसे संगठनों को मदद मिलती रही है।




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