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Thursday, 18 November 2021
पोलैंड-बेलारूस में जंग का खतरा
पोलैंड सीमा पर बढ़ते प्रवासी सरकार के बीच हालात रूस-बेलारूस के साझा युद्धाभ्यास के बाद अब जंग के कगार पर पहुंच गए हैं। पोलैंड की मदद में ब्रिटेन और ईयू के उतरने पर बेलारूस ने सीमा की फैसिंग काटने के लिए शरणार्थियों को उपकरण देकर यूरोपीय देशों में पहुंच बनाने को कहा है। बेलारूस के भारी तादाद में सीमा पर सैनिक तैनात करने की सूचना मिलने के बाद पोलैंड ने भी अपने भारी हथियारों से लैस 15 हजार सैनिक सीमा पर भेजे हैं। पोलैंड ने आरोप लगाया है कि बेलारूस उनकी सीमा में आ रहे शरणार्थियों को हथियार दे रहा है ताकि वह बलपूर्वक घुस जाएं। बताया जा रहा है कि पोलैंड के सैनिक आज इन हथियारबंद शरणार्थियों के खिलाफ एक्शन ले सकते हैं। दोनों तरफ के लोगों के पास हथियार हैं, इससे इस बात का खतरा बढ़ गया है कि खूनी हिंसा हो सकती है। पोलैंड से आ रही खबरों में यह भी दावा किया जा रहा है कि बेलारूस की ओर से आने वाले शरणार्थियों को निर्देश दिया गया है कि वह कुजनिका सीमा पर हमला करें। यह उन दो प्रमुख स्थानों में से एक है जहां से बेलारूस के रास्ते पोलैंड में प्रवेश किया जा सकता है। पोलैंड के बॉर्डर फोर्स के प्रवक्ता ने कहा कि बुजानिका शिविर में एक शांत रात के बाद अब बेलारूस के और ज्यादा हथियारबंद अधिकारी वहां पहुंच गए हैं। रूस और बेलारूस के संबंध काफी मजबूत हैं। अकसर इनकी तुलना अमेरिका और ब्रिटेन के संबंधों से की जाती है। यूरोपीय यूनियन ने बेलारूस पर आरोप लगाया है कि वह पोलैंड के अवैध रूप से हजारों प्रवासियों को दाखिल कराने की कोशिश कर रहा है जिसके बाद पोलैंड ने भी अपनी सीमा पर सेना की तैनाती को बढ़ा दिया है। यूरोपीय यूनियन, अमेरिका और ब्रिटेन ने खुलकर बेलारूस की आलोचना की है। वहीं रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने दावा किया है कि इस विवाद में उनके देश की कोई भूमिका नहीं है। उम्मीद की जाती है कि दोनों देश शांतिपूर्वक इस समस्या का समाधान निकाल लेंगे ताकि जंग की नौबत न आए।
-अनिल नरेन्द्र
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